अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में निवेशक प्रमुख आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति संबंधी दिशा के इंतजार में सतर्कता का रुख अपना रहे हैं। यूनाइटेड किंगडम के आगामी व्यावसायिक गतिविधियों के प्रारंभिक आंकड़ों से ठीक पहले ब्रिटिश पॉउंड जापानी येन के मुकाबले 217.00 के मजबूत स्तर के आसपास बना हुआ है। बाजार सहभागियों का पूरा ध्यान सैटर्ड एंड पूअर्स यानी एसएंडपी ग्लोबल द्वारा जारी किए जाने वाले अगस्त महीने के प्रारंभिक पीएमआई आंकड़ों पर केंद्रित है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आ रहा है जब वैश्विक सरकारी बॉन्ड बाजारों में भारी हलचल देखने को मिल रही है और अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन तथा जापान में दीर्घकालिक बॉन्ड यील्ड एक दशक से भी अधिक समय के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
ब्रिटेन के आर्थिक आंकड़े और बैंक ऑफ इंग्लैंड के सामने चुनौतियां
यूके की आर्थिक स्थिति को लेकर आने वाले एसएंडपी ग्लोबल फ्लैश पीएमआई आंकड़े सुस्ती का संकेत दे रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि यूके कंपोजिट पीएमआई अगस्त महीने में घटकर 51.6 पर आ सकता है, जो जुलाई में 52.2 दर्ज किया गया था। यद्यपि 50 से ऊपर का आंकड़ा व्यावसायिक गतिविधियों में विस्तार को दर्शाता है, परंतु विनिर्माण और सेवा दोनों ही प्रमुख क्षेत्रों की रफ्तार धीमी होने से समग्र आर्थिक वृद्धि दर में नरमी के संकेत मिल रहे हैं।
पीएमआई रिपोर्ट से पहले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ONS) द्वारा जारी ब्रिटेन के रिटेल बिक्री आंकड़ों ने भी चिंताएं बढ़ाई हैं। जुलाई महीने में उपभोक्ताओं द्वारा की जाने वाली खरीदारी का मुख्य पैमाना माने जाने वाली रिटेल बिक्री में मासिक आधार पर 0.5% की गिरावट दर्ज की गई, जो जून महीने में दर्ज 0.7% की बढ़ोतरी के विपरीत है। वार्षिक आधार पर रिटेल बिक्री की वृद्धि दर घटकर 1.6% रह गई, जो कि बाजार के 2.2% के अनुमान और पिछले 4.2% के आंकड़े की तुलना में काफी कमजोर है।
ब्रिटेन में रिटेल बिक्री के सुस्त आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि उच्च मुद्रास्फीति का दबाव आम परिवारों की क्रय शक्ति को लगातार सीमित कर रहा है। यह स्थिति बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) के अधिकारियों के लिए ब्याज दरों में कटौती या वृद्धि के निर्णय को और अधिक जटिल बनाती है।
जापानी येन का रुख और बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीति
दूसरी तरफ टोक्यो के मुद्रा बाजार में जापानी येन अपनी बढ़त को बनाए रखने के लिए संघर्ष करता नजर आ रहा है। जापान के राष्ट्रीय सीपीआई रिपोर्ट में महंगाई दर उम्मीद से अधिक रहने के बावजूद येन की चाल सुस्त बनी हुई है। हालांकि महंगाई के इन आंकड़ों से बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को बल मिला है।
बाजार विश्लेषक बामौर ने स्थिति का विश्लेषण करते हुए कहा, “Together, the latest readings underscore that while inflation is being restrained by government support measures, it is now hovering close enough to the BoJ’s objective to keep the timing and extent of any further rate moves firmly in focus.”
सरकारी सब्सिडी और वित्तीय सहायता उपायों के बावजूद जापान में मुद्रास्फीति बैंक ऑफ जापान के 2% लक्ष्य के करीब बनी हुई है, जिससे केंद्रीय बैंक पर ब्याज दरों को सामान्य करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
अमेरिकी ट्रेजरी का बड़ा फैसला और बॉन्ड यील्ड में तेजी
वैश्विक वित्तीय बाजारों में सबसे बड़ा मोड़ सरकारी बॉन्ड बाजार में देखा जा रहा है। अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और जापान में लंबी अवधि वाली सरकारी प्रतिभूतियों पर यील्ड में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। स्थिति को संभालने और बाजार में तरलता बनाए रखने के लिए अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को 12:32 GMT पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने निर्धारित कैलेंडर से हटकर 10 से 20 वर्ष तथा 20 से 30 वर्ष की परिपक्वता अवधि वाले बॉन्ड क्षेत्रों में लिक्विडिटी सहायता बायबैक ऑपरेशन के आकार को दोगुना करने का निर्णय लिया है। इसके तहत अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होगी और 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगी।
अमेरिकी ट्रेजरी के इस कदम के कारण अमेरिकी डॉलर (USD) में व्यापक नरमी देखी जा रही है, जिसका सीधा फायदा अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं को मिल रहा है।
प्रमुख मुद्रा जोड़ों और कमोडिटी बाजार का हाल
अमेरिकी डॉलर में जारी कमजोरी के बल पर GBP/USD मुद्रा जोड़ा 1.3650 के स्तर के पास मजबूती से टिका हुआ है। ब्रिटेन के कमजोर रिटेल बिक्री आंकड़ों के बावजूद अमेरिकी ट्रेजरी के फैसले से डॉलर पर बने दबाव ने पॉउंड को सहारा दिया है।
वहीं यूरोज़ोन और जर्मनी से आए मिले-जुले पीएमआई आंकड़ों के बाद EUR/USD 1.1700 के आसपास स्थिर कारोबार कर रहा है। निवेशक अब अगस्त के प्रारंभिक यूरोज़ोन और अमेरिकी पीएमआई सर्वेक्षणों का इंतजार कर रहे हैं।
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतें जून के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,550 प्रति औंस से ऊपर कारोबार कर रहा है। सोने की कीमतें 200-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज के ऊपर मजबूती से बनी हुई हैं। अमेरिका में हाल ही में जारी मुद्रास्फीति के आंकड़ों में नरमी के संकेत मिलने के बाद निवेशकों ने फेडरल रिजर्व द्वारा तुरंत ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को कम कर दिया है, जिससे कीमती धातुओं को समर्थन मिला है।
GBP/USD का लाइव टेक्निकल विश्लेषण और बाजार परिदृश्य
लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार GBP/USD वर्तमान में 1.3700 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 1.3600 की तुलना में +0.39% की बढ़त को दर्शाता है। इस मुद्रा जोड़े का 52-सप्ताह का दायरा 1.3000 से 1.3800 के बीच रहा है, जबकि ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत के बराबर दर्ज किया गया है।
तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 70 पर है, जो ओवरबॉट स्थिति का संकेत देता है। एमएसीडी (MACD) संकेतक 0.01 पर सिग्नल लाइन 0.00 से ऊपर बना हुआ है, जो सकारात्मक गति को दर्शाता है।
मूविंग एवरेज के मोर्चे पर 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20) 1.3500 पर, EMA50 1.3400 पर तथा EMA200 1.3400 पर स्थित है। 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर होना एक गोल्डन क्रॉस पैटर्न की पुष्टि करता है, जो दीर्घकालिक तेजी के रुझान को दर्शाता है। बोलिंगर बैंड की सीमा 1.3300 से 1.3700 के बीच बनी हुई है। एडीएक्स (ADX) 30 पर है, जो बाजार में मजबूत ट्रेंड की मौजूदगी दिखाता है।
आगामी सत्रों के लिए मुख्य तकनीकी स्तरों में पिवट प्वाइंट 1.3600 पर है। ऊपर की ओर रेजिस्टेंस R1 और R2 1.3700 पर मौजूद हैं, जबकि नीचे की ओर सपोर्ट S1 और S2 1.3600 पर स्थित हैं।



















