जीनत अमान का खुलासा: 'मेरा नाम ललितेश्वरी है', धर्म और अपनी पहचान पर खुलकर बोलीं दिग्गज अभिनेत्रीबॉलीवुड
2 घंटे पहले· 2

जीनत अमान का खुलासा: 'मेरा नाम ललितेश्वरी है', धर्म और अपनी पहचान पर खुलकर बोलीं दिग्गज अभिनेत्री

TrendKia के 'अमृत रत्न सम्मान' समारोह में जीनत अमान ने अपने मुस्लिम पिता और हिंदू मां, अपने असली नाम ललितेश्वरी और किसी एक धर्म से न जुड़ने की वजह पर बेबाकी से बात की, साथ ही अपने फिल्मी सफर के कई अनछुए पहलू साझा किए।

हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री जीनत अमान को TrendKia की ओर से 'अमृत रत्न सम्मान' से नवाजा गया। इस मौके पर उन्होंने सम्मान के लिए TrendKia का आभार जताया और अपनी जिंदगी तथा करियर के उन हिस्सों पर खुलकर बात की, जिनसे ज्यादातर लोग आज भी अनजान हैं। जब उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा था, तो हीरोइन की परिभाषा ही बदल गई थी, हालांकि निजी जिंदगी में उन्होंने कई उतार-चढ़ाव भी झेले।

नाम के पीछे की कहानी और धार्मिक पहचान

जीनत अमान ने अपने परिवार और जड़ों को लेकर एक दिलचस्प बात साझा की। उन्होंने बताया कि उनके पिता मशहूर लेखक थे और मुस्लिम थे, जबकि उनकी मां हिंदू थीं। इसी वजह से उनका असली नाम मां की परंपरा के मुताबिक ललितेश्वरी रखा गया। अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि उनका पालन-पोषण उनकी हिंदू मां के साथ हुआ।

धर्म को लेकर अपनी सोच पर वे बेहद साफगोई से बोलीं। उन्होंने कहा, 'मेरी मां हिंदू महिला थीं, मेरी परवरिश उन्हीं के साथ हुई। मैं धार्मिक नहीं हूं। कैथोलिक स्कूल से पढ़ी हूं। मेरा एक्सपोजर पूरी दुनिया का है। मैं किसी एक धर्म से नहीं जुड़ी। सब धर्म अच्छे हैं। कोई धर्म नहीं कहता है कि आप बुरा करें।' उन्होंने इंसानियत को ही अपना असली धर्म बताया।

पढ़ाई, सौंदर्य प्रतियोगिता और फिल्मों में आने का इत्तेफाक

अपनी ग्लैमरस छवि के लिए पहचानी जाने वाली जीनत अमान पढ़ाई में भी काफी अव्वल रहीं। एक्टिंग में आने से पहले उन्होंने पत्रकारिता की और फिर सौंदर्य प्रतियोगिता के जरिए देश का मान बढ़ाया। फिल्मों में आने को वे महज एक संयोग मानती हैं। उन्होंने बताया कि जब उनकी प्रिंसिपल को उनके हीरोइन बनने के फैसले का पता चला तो वे रो पड़ी थीं। जीनत के मुताबिक, 'जब मेरी प्रिंसिपल को पता चला, तो वह रोईं। वह बोलीं कि राजनीति में जा सकती थी, हमारे देश को रीप्रेजेंट कर सकती थीं। इत्तेफाक की बात है कि मैं फिल्म में आ गई।'

फैसले, मुश्किलें और जिंदगी का नजरिया

अपने फैसलों और उनके नतीजों को लेकर पूछे जाने पर अभिनेत्री ने कहा, 'जब आप कोई निर्णय लेते हैं, तो आपको उसके लिए तैयार रहना पड़ता है। फिर वह निजी हो या पेशेवर, आपको बहाव के साथ बढ़ना पड़ता है।' जिंदगी की कठिनाइयों पर उन्होंने जोर देकर कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, आगे बढ़ते रहना ही असली विकास है और उतार-चढ़ाव से ही इंसान सीखता है। उन्होंने कहा, 'कुछ भी हुआ है आपकी जिंदगी में, आपको बढ़ते रहना पड़ता है। यह विकास के बारे में है। उतार-चढ़ाव है, उससे आप सीखते हैं।'

फिल्मों का चुनाव और पसंदीदा डायरेक्टर

जीनत ने बताया कि फिल्में चुनने का उनका अपना खास नजरिया था। उनके मुताबिक, 'हरे रामा हरे कृष्ण के बाद लोगों ने मुझे गुड-बैड गर्ल के किरदारों में चुनना पसंद किया। वे सती-सावित्री जैसे किरदार नहीं हैं। उनके ग्रे शेड्स हैं।' किरदार चुनते वक्त वे यह देखती थीं कि कौन सा फिल्ममेकर बेहतरीन फिल्म बनाएगा और कौन अपने काम को लेकर जुनूनी है। उस दौर के सभी बड़े फिल्ममेकर्स के साथ काम करना उनकी ख्वाहिश थी, जिनमें मनमोहन देसाई, फिरोज खान, राज कुमार और शम्मी कपूर शामिल थे। उन्होंने यह भी कहा कि लोग अक्सर पसंदीदा हीरो के बारे में पूछते हैं, जबकि असल सवाल पसंदीदा डायरेक्टर का होना चाहिए। देव आनंद, राज कपूर और फिरोज खान के साथ काम करके उन्हें बेहद शानदार अनुभव मिला।

नई अभिनेत्रियों के लिए सलाह

हीरोइन बनने का सपना देखने वाली लड़कियों के लिए जीनत अमान की सलाह बेहद सीधी और दमदार है। उन्होंने कहा, 'किसी का डुप्लीकेट मत बनो, अपनी मौलिकता पेश करो।'

मशहूर गाने और सुंदरता पर नजरिया

जीनत अमान के कई गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं। इनमें से एक 'चुरा लिया है तुमने जो दिल को' 50 साल बाद भी बार-बार दोहराया जाता है। उन्होंने बताया, 'मैंने कुछ साल पहले पढ़ा कि यह हिंदी का सबसे मशहूर गाना है।' अव्वल आना उन्हें हमेशा पसंद रहा, क्योंकि वे चाहती थीं कि उनकी मां उनसे खुश रहें। सिनेमा को वे एक कारोबार मानती हैं। उनके मुताबिक, अगर दर्शकों ने किसी कलाकार को किसी खास रूप में अपना लिया है, तो फिल्ममेकर भी उसी के साथ चलते हैं, और अगर कोई झरने के नीचे का दृश्य देखना चाहता है तो वह बार-बार लौटकर आता है। सुंदरता को बोझ मानने के सवाल पर उन्होंने दो टूक कहा, 'नहीं, सुंदरता का फायदा मिलता है। मैंने नहीं, प्रोड्यूसर ने इसका फायदा उठाया।'

अफवाहों पर बेबाक जवाब

अपनी जिंदगी से जुड़ी अफवाहों पर बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि उन पर कभी चार पेज का एक आर्टिकल तक लिखा गया था और जिस शख्स से उनकी कभी मुलाकात तक नहीं हुई, लोगों ने उसके साथ उनका रिश्ता जोड़ दिया। उन्होंने कहा, 'आप किस-किस को जवाब देंगे? अब इंस्टाग्राम पर अपनी अपनी बात कहती हूं।'

हरे रामा हरे कृष्णा से मिली रातों-रात स्टारडम

शुरुआती कुछ फिल्मों के बाद जीनत अमान को असली कामयाबी देव आनंद की फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' से मिली, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया और इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला। 1970 के दशक में उन्होंने 'यादों की बारात', 'धर्मवीर', 'द ग्रेट गैम्बलर' और 'डॉन' जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं, जबकि 'सत्यम शिवम सुंदरम' में उनके अभिनय की खूब चर्चा हुई।

सवाल-जवाब

जीनत अमान का असली नाम क्या है?
अपनी हिंदू मां की परंपरा के मुताबिक जीनत अमान का असली नाम ललितेश्वरी रखा गया था।
जीनत अमान खुद को किस धर्म से जोड़ती हैं?
वे किसी एक धर्म से नहीं जुड़ी हैं और खुद को धार्मिक नहीं मानतीं। उन्होंने इंसानियत को ही अपना असली धर्म बताया है।
जीनत अमान को असली कामयाबी किस फिल्म से मिली?
देव आनंद की फिल्म 'हरे रामा हरे कृष्णा' से उन्हें असली कामयाबी मिली, जिसने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया और इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला।
जीनत अमान को कौन सा सम्मान दिया गया?
उन्हें TrendKia की ओर से 'अमृत रत्न सम्मान' से नवाजा गया।
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