बॉलीवुड की सबसे भावुक फिल्मों में शुमार 'दोस्ती' के परदे के पीछे एक्टर सुशील कुमार की जिंदगी की कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है। साल 1964 में रिलीज हुई इस फिल्म में रामनाथ का किरदार निभाकर सुशील कुमार रातोंरात मशहूर हो गए थे, लेकिन उनकी जिंदगी की शुरुआत आसान नहीं थी।
कराची से भारत तक का सफर
सुशील कुमार का जन्म 4 जुलाई 1945 को कराची में हुआ था। देश के बंटवारे के बाद उनका सिंधी परिवार अपना सबकुछ पीछे छोड़कर भारत आ गया। नए सिरे से जिंदगी शुरू करना आसान नहीं था और घर की माली हालत खराब थी। बचपन से ही सुशील को डांस और एक्टिंग का शौक था। परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने के लिए उनकी मां ने उन्हें फिल्मों में काम करने की मंजूरी दे दी। साल 1958 में उन्होंने एक सिंधी फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की और इसके बाद कई फिल्मों में बाल कलाकार के तौर पर अपनी एक्टिंग का हुनर दिखाया।
ऐसे मिला 'दोस्ती' में मौका
सुशील कुमार की किस्मत ने तब करवट ली, जब राजश्री प्रोडक्शंस के मालिक ताराचंद बड़जात्या फिल्म 'दोस्ती' के लिए नए चेहरों की तलाश में थे। ताराचंद बड़जात्या की बेटी ने सुशील को किसी फिल्म में एक्टिंग करते हुए देखा था और उनका नाम अपने पिता को सुझाया। इसके बाद राजश्री प्रोडक्शंस ने सुशील कुमार के साथ पूरे तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट साइन कर लिया। उस वक्त उन्हें हर महीने 300 रुपये की सैलरी मिलती थी। आज के हिसाब से यह रकम भले ही मामूली लगे, लेकिन उस दौर में एक नए एक्टर और उसके परिवार के लिए यह बहुत बड़ा सहारा था।
'दोस्ती' ने बनाया सुपरस्टार, फिर छूटी फिल्मी दुनिया
जब 'दोस्ती' सिनेमाघरों में पहुंची, तो इसने कामयाबी के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। सुशील कुमार और सुधीर कुमार की मासूम और सादगी भरी जोड़ी ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं। मोहम्मद रफी की आवाज में गाए गए गानों और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के संगीत ने फिल्म को हमेशा के लिए यादगार बना दिया। फिल्म को नेशनल अवार्ड के साथ-साथ कई फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिले। इतनी बड़ी कामयाबी के बाद सुशील कुमार के पास कई फिल्मों के ऑफर आए, लेकिन कोई भी बात आगे नहीं बढ़ पाई। आखिरकार उन्होंने फिल्मी दुनिया को अलविदा कहने का फैसला किया, अपनी पढ़ाई पूरी की और एयर इंडिया में नौकरी करने लगे।
फ्लाइट पर्सर बनकर फिर आए कैमरे के सामने
दिलचस्प बात यह है कि जब फिल्म 'हीरा पन्ना' की शूटिंग एक फ्लाइट के अंदर हो रही थी, उस दौरान सुशील कुमार फ्लाइट पर्सर के रूप में कैमरे के सामने नजर आए थे। एयर इंडिया की नौकरी से वे साल 2003 में रिटायर हो गए और अब शांत जिंदगी जी रहे हैं।













