हिंदी सिनेमा में एक दौर ऐसा भी था जब किसी फिल्म में नदीम-श्रवण का संगीत होना ही उसके सुपरहिट होने की गारंटी माना जाता था। उस समय फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों की लाइन उनकी चौखट पर लगी रहती थी। साल 2005 में आई फिल्म दोस्ती में भी इस संगीतकार जोड़ी ने अपनी मधुर धुनों का जादू बिखेरा था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और इसके गानों को भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिला।
नदीम-श्रवण का सुपरहिट दौर और फिल्म दोस्ती
साल 2005 में रिलीज़ हुई फिल्म दोस्ती का संगीत नदीम-श्रवण ने तैयार किया था। उस दौर में इस जोड़ी के बनाए नगमे हर जुबां पर चढ़ जाते थे। फिल्म दोस्ती के एल्बम को भी काफी सफलता मिली, जिसमें से एक गाना इश्क न इश्क हो किसी को आज भी एक यादगार सैड सॉन्ग के रूप में याद किया जाता है।
शादी का जोड़ा, सात फेरे और दो दोस्तों का दर्द
इस इमोशनल गाने को करीना कपूर पर फिल्माया गया था, जहां वह लाल रंग के शादी के जोड़े में मंडप पर सात फेरे लेती हुई दिखाई देती हैं। वहीं दूसरी तरफ, कहानी के मोड़ पर अक्षय कुमार और बॉबी देओल का किरदार गहरे दर्द और तकलीफ से गुजरता हुआ नजर आता है। दृश्य की संवेदनशीलता ने इस गाने को और अधिक प्रभावशाली बना दिया था।
सुखविंदर सिंह और कैलाश खेर की जुगलबंदी
गाने के बोल और संगीत के साथ-साथ इसकी गायकी भी बेहद खास थी। इस दर्दभरे नगमे को जाने-माने गायक सुखविंदर सिंह और कैलाश खेर ने अपनी सुरीली आवाज दी थी। दोनों गायकों की सशक्त आवाज ने गाने के भावों को दर्शकों के दिलों तक सीधे पहुंचाने का काम किया था।



















