नई दिल्ली: काला हिरण से जुड़ा विवाद पिछले 22 सालों से सलमान खान का पीछा कर रहा है और अब यह मसला दोबारा चर्चा के केंद्र में आ गया है। दरअसल, इसी पूरे प्रकरण पर एक नई फिल्म तैयार हो रही है, जिसको लेकर अभिनेता ने आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने 'काला हिरण' नाम की इस फिल्म के विरोध में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिस पर सुनवाई के दौरान जज ने फिल्म निर्माता को नोटिस थमाते हुए उनसे जवाब तलब किया है। इस चर्चित मामले की अगली सुनवाई अब 19 जून को तय की गई है, जिस पर हर किसी की निगाहें लगी हुई हैं।
कोर्ट में सलमान खान का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता निजाम पाशा ने रखा। उन्होंने जज के सामने तर्क दिया कि इस फिल्म के माध्यम से अभिनेता के 'पर्सनैलिटी राइट्स' यानी उनके व्यक्तित्व से जुड़े अधिकारों का खुलेआम गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। वकील ने अदालत को पिछले साल हाईकोर्ट के उस फैसले की याद भी दिलाई, जो हस्तियों के निजी अधिकारों की रक्षा के मकसद से पारित हुआ था। सलमान खान का दो-टूक कहना है कि उनकी निजी जिंदगी और इस केस से जुड़े पहलुओं को उनकी सहमति के बगैर पर्दे पर नहीं उतारा जा सकता।
यह मामला सलमान खान के लिए बेहद नाजुक है, क्योंकि वह कतई नहीं चाहते कि कोई फिल्ममेकर उनकी छवि या उनके पुराने कानूनी विवादों का सहारा लेकर पैसा कमाए या प्रचार बटोरे। अब हाईकोर्ट ने इस पर सख्ती दिखाते हुए फिल्म निर्माता से स्पष्टीकरण मांगा है। 19 जून की तारीख इस फिल्म के भविष्य और अभिनेता के अधिकारों, दोनों लिहाज से बेहद अहम साबित होने वाली है। यह देखना दिलचस्प रहेगा कि अदालत 'काला हिरण' फिल्म पर रोक लगाती है या फिर निर्माताओं को आगे बढ़ने की इजाजत मिलती है।
सलमान खान पर 'हम साथ-साथ हैं' की शूटिंग के दौरान काला हिरण के शिकार का आरोप लगा था। इसके खिलाफ बिश्नोई समुदाय ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। भाईजान बीते 28 सालों से इस विवाद से जूझ रहे हैं। शुरुआत में इस केस में सैफ अली खान, तब्बू और सोनाली बेंद्रे जैसे नामी सितारे भी शामिल थे, लेकिन बाद में उन्हें बरी कर दिया गया। साल 2018 में जोधपुर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए सलमान खान को 5 साल की सजा सुनाई थी, हालांकि वह जमानत पर रिहा हो गए। यह केस फिलहाल राजस्थान हाईकोर्ट में चल रहा है।













