भारतीय बाजार में इस फेस्टिव सीजन के दौरान अमेरिकी तकनीकी कंपनी ऐपल के प्रीमियम स्मार्टफोन की बिक्री में बड़ी सुस्ती देखने को मिल रही है। दशहरा के आसपास आईफोन की बिक्री में करीब 30 फीसदी तक की भारी कमी आई है, जिससे दिवाली पर भी मांग संभलने की उम्मीदें बेहद कमजोर नजर आ रही हैं। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे उत्पादों के दाम बढ़ना और ग्राहकों को आकर्षक ऑफर्स का न मिलना मुख्य वजह है।
ऑफलाइन स्टोर्स और डीलर्स की बढ़ी चिंता
इस त्योहारी सुस्ती से दुनिया के दूसरे सबसे बड़े स्मार्टफोन बाजार भारत में कंपनी की ग्रोथ की रफ्तार पर ब्रेक लगने का खतरा मंडराने लगा है। दशहरा के वक्त बिक्री में आई इस तेज गिरावट से ऑफलाइन दुकानदारों और डीलर्स की परेशानी काफी बढ़ गई है। त्योहारी सीजन की भारी मांग को ध्यान में रखते हुए रिटेलर्स ने पहले ही भारी मात्रा में स्टॉक जमा कर लिया था, जो अब दुकानों में ही फंसा हुआ है। अगर दिवाली के दौरान भी बाजार में खरीदारों की संख्या नहीं बढ़ी, तो भारत में कंपनी का सालाना शिपमेंट पिछले साल 2025 में दर्ज 1.43 करोड़ यूनिट के रिकॉर्ड स्तर से दहाई अंकों में नीचे गिर सकता है।
क्यों खरीदारी से बच रहे हैं ग्राहक
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, दुकानदारों से मिल रहे फीडबैक से यह साफ पता चलता है कि ग्राहकों तक फोन पहुंचने की रफ्तार में खासी सुस्ती आ चुकी है। सीमित डिस्काउंट और लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से उपभोक्ता नया हैंडसेट खरीदने से कतरा रहे हैं। इसके अलावा, पुराने मॉडल्स को ही लंबे समय तक इस्तेमाल करने का चलन भी तेजी से बढ़ा है, जिसका सीधा असर नई बिक्री के आंकड़ों पर पड़ रहा है।
नए मॉडल्स के आने के बाद भी बाजार ठंडा
यह मंदी तब देखने को मिल रही है जब बाजार में आईफोन 18 प्रो सीरीज और नए आईफोन डुओ को उतारा जा चुका है। जानकारों का यह भी मानना है कि पुराने और नए दोनों ही मॉडल्स की ऊंची कीमतों ने खरीदारों को और अधिक सतर्क बना दिया है। पुराने आईफोन मॉडल आज भी शानदार प्रदर्शन दे रहे हैं, जिस वजह से उपभोक्ता जल्दी में नया पैसा खर्च करने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। साथ ही, कुछ चुनिंदा मॉडल्स की सीमित उपलब्धता ने भी मांग और आपूर्ति के संतुलन को बिगाड़ दिया है।





















