बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता नाना पाटेकर के दुनिया से चले जाने के बाद चारों तरफ शोक की लहर है, लेकिन इसी बीच अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के एक बयान ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। तनुश्री दत्ता ने उनके निधन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए उन्हें इविल डेड कहा, जिसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स के साथ-साथ फिल्म जगत के लोगों में भी नाराजगी फैल गई। इस विवादित टिप्पणी को लेकर ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन यानी एआईसीडब्ल्यूए ने कड़ा रुख अपनाया है और अभिनेत्री की जमकर आलोचना की है।
सस्ती पब्लिसिटी का आरोप और कड़ी निंदा
ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट इंजीनियर सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने एक्स और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया हैंडल्स पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के निधन के बाद इस तरह के घटिया और कड़े शब्दों का इस्तेमाल करना इंसानियत के पूरी तरह खिलाफ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फिल्म इंडस्ट्री के इतिहास में किसी के जाने पर आज तक किसी ने भी इतना गैर-जिम्मेदाराना बयान नहीं दिया था।
सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने कहा कि तनुश्री दत्ता पहली ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने ऐसा अशोभनीय व्यवहार किया है और उम्मीद जताई कि वह ऐसी आखिरी इंसान भी साबित हों। उन्होंने कहा कि यह केवल एक नकारात्मक मानसिकता को दर्शाता है और जब पूरा देश अपने एक प्यारे बेटे को खोने के गम में डूबा हुआ है, तब सस्ती पब्लिसिटी पाने के लिए ऐसी बयानबाजी करना बेहद शर्मनाक है।
नाना पाटेकर का देश और समाज सेवा में योगदान
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने दिग्गज अभिनेता के देश और समाज के प्रति दिए गए अभूतपूर्व योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर पद्मश्री सम्मान से नवाजे गए एक महान कलाकार थे, जिनका अभिनय और व्यक्तित्व दोनों बेमिसाल रहे हैं। कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने देश की निस्वार्थ भाव से सेवा की थी, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
इसके अलावा, उनके नाम फाउंडेशन ने संकट के दिनों में गरीब और जरूरतमंद किसानों के परिवारों को सहारा देने के लिए लगातार काम किया। सुरेश गुप्ता ने कहा कि जब ऐसा महान और परोपकारी व्यक्ति दुनिया से रुखसत होता है, तो पूरी फिल्म इंडस्ट्री एकजुट होकर उनके परिवार के समर्थन में खड़ी रहती है।
अपनी जुबान पर लगाम लगाने की साफ हिदायत
एसोसिएशन ने तनुश्री दत्ता को खरी-खोटी सुनाते हुए अपनी भाषा और सोच पर नियंत्रण रखने की स्पष्ट नसीहत दी। गुप्ता ने कहा कि फिल्म बिरादरी से जुड़े लोग बहुत अच्छी तरह समझते हैं कि ऐसे गंभीर और गमगीन पलों में कब बोलना चाहिए और कब खामोशी बरतनी चाहिए। उन्होंने अभिनेत्री के लखनऊ वाले कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि उनका कोई इवेंट लखनऊ में आयोजित हो या लंदन में, जनता को उसमें रत्ती भर भी दिलचस्पी नहीं है।
उन्होंने कहा कि जिस दिन पूरा देश एक अद्वितीय कलाकार के जाने का मातम मना रहा हो, उस दिन अपने निजी कार्यक्रमों और योजनाओं की शेखी बघारना बेहद संकीर्ण मानसिकता का प्रमाण है। एआईसीडब्ल्यूए ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोग यह जानने में कतई रुचि नहीं रखते कि अभिनेत्री क्या कर रही हैं, लेकिन नाना पाटेकर जैसे महान व्यक्तित्व के बारे में हर कोई जानना चाहता है, इसलिए उन्हें केवल अपने काम से मतलब रखना चाहिए।


















