बॉलीवुड में नाना पाटेकर के निधन के बाद उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां फिल्म जगत से जुड़े लोग शोक में डूबे हुए थे, वहीं तनुश्री दत्ता की ओर से सामने आई तीखी टिप्पणी ने कई लोगों को असहज कर दिया। तनुश्री के रुख पर चौतरफा नाराजगी के बीच अब अभिनेत्री संध्या मृदुल उनके समर्थन में सामने आई हैं। ‘रागिनी एमएमएस 2’ से पहचान बनाने वाली संध्या मृदुल ने किसी का नाम लिए बिना एक रहस्यमयी पोस्ट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि किसी की मौत से अतीत का दर्द या शोषण का इतिहास अपने आप समाप्त नहीं हो जाता।
संध्या मृदुल का गूढ़ संदेश और बंद टिप्पणी अनुभाग
संध्या मृदुल ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक भावनात्मक और विचारोत्तेजक संदेश साझा किया। अपने इस संदेश में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल किसी व्यक्ति के इस दुनिया से चले जाने भर से उस नुकसान की भरपाई नहीं हो जाती जो उसने शायद किसी को पहुंचाया हो। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि क्या कोई व्यक्ति मरने के बाद अत्याचारी नहीं रहता। संध्या ने लिखा कि पीड़ित का अनुभव श्रद्धाजंलि के दौर में अक्सर अवास्तविक लगने लगता है, लेकिन शोषण इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि शोषण करने वाला अब जीवित नहीं है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि किसी के चले जाने पर दुख जताना बिल्कुल संभव है, पर यह याद रखना भी उतना ही जरूरी है कि कई लोग उनसे जुड़े गहरे दर्द को अब भी ढो रहे हैं। इस मुद्दे पर संभावित विवाद या बहस से बचने के लिए संध्या मृदुल ने अपनी पोस्ट का कमेंट सेक्शन भी बंद कर रखा है।
लखनऊ यात्रा और तनुश्री दत्ता का विवादास्पद वीडियो
विवाद की शुरुआत तब हुई जब तनुश्री दत्ता ने 8 अक्टूबर को नाना पाटेकर के निधन की सूचना मिलने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि वे एक महत्वपूर्ण काम के सिलसिले में लखनऊ के लिए निकल रही थीं और अपने पेशेवर कार्यक्रम पर ही ध्यान केंद्रित रखना चाहती थीं। हालांकि, उन्हें इस बात की चिंता सता रही थी कि नाना पाटेकर की मौत की खबर उनके इवेंट से जुड़ी चर्चाओं को पीछे छोड़ देगी। तनुश्री ने उस दिन को अजीब बताते हुए कहा कि वे लखनऊ में एक बहुत बड़ा कार्यक्रम करने जा रही थीं और उन्होंने पूरे दिन की योजना तैयार कर रखी थी। वे लाइव आना चाहती थीं और नया कंटेंट पोस्ट करना चाहती थीं, लेकिन उन्हें लगा कि शाम को सारा मीडिया इसी घटनाक्रम में उलझ जाएगा। अपने वक्तव्य में उन्होंने परिवार के प्रति संवेदनाएं भी जताई थीं, मगर साथ ही यह भी कहा कि जब उन्हें समझ आएगा कि उन्हें कैसा रिएक्शन देना चाहिए, तब वे पूरी प्रतिक्रिया देंगी।
विवादित शब्द और तनुश्री का बचाव
तनुश्री के इस बयान को सोशल मीडिया पर कई लोगों ने बेहद संवेदनहीन और अमानवीय करार दिया। फिल्म बिरादरी ने भी ऐसे दुखद मौकों पर इंसानियत का परिचय देने की बात कही। इसके जवाब में तनुश्री दत्ता ने अपने रुख का बचाव किया और लोगों से इसे अपने नजरिए से देखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उनके लिए यह स्थिति ‘ईविल डेड’ से कम नहीं है और लोगों को यह समझना चाहिए कि पिछले पांच सालों में उन्होंने क्या कुछ सहा है और कितनी भारी परेशानियों का सामना किया है। तनुश्री ने यह भी दावा किया कि इस पूरे मामले में पीड़ित पक्ष होने के बावजूद उन पर लगातार अपनी कानूनी शिकायत वापस लेने का भारी दबाव बनाया गया था। उन्होंने बताया कि उन्हें कई तरह के लालच भी दिए गए, पर उन्होंने अपनी शिकायत वापस लेने से साफ इनकार कर दिया था।
हॉर्न ओके प्लीज के सेट से शुरू हुआ विवाद
इस पूरे टकराव की जड़ें साल 2008 में बनी फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के सेट से जुड़ी हैं। तनुश्री दत्ता ने आरोप लगाया था कि उस फिल्म के एक गाने की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उनके साथ बेहद अनुचित बर्ताव किया था। उन्होंने केवल मुख्य अभिनेता ही नहीं, बल्कि फिल्म के निर्देशक, निर्माता और कोरियोग्राफर पर भी गंभीर आरोप मढ़े थे। यह मामला एक दशक बाद तब फिर से राष्ट्रीय सुर्खियों में आया जब साल 2018 में भारत में चले ‘मीटू’ अभियान के दौरान तनुश्री ने इस घटना को दोबारा प्रमुखता से उठाया। इसके बाद मामले में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई और एफआईआर भी हुई। यही पुराना टकराव अब नाना पाटेकर के निधन के बाद एक बार फिर सार्वजनिक बहस और बयानों के केंद्र में आ गया है।



















