फिल्म जगत में भगवान राम के स्वरूप को बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी कर रहे अभिनेता रणबीर कपूर इन दिनों अपनी भव्य गाथा रामायण के वैश्विक प्रचार में व्यस्त हैं। इस विशाल सिनेमाई परियोजना में उनके साथ माता सीता का चरित्र निभा रहीं अभिनेत्री साई पल्लवी भी जुटी हुई हैं। दोनों कलाकार प्रचार अभियान के सिलसिले में लंदन पहुंचे, जहां उन्होंने ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन यानी बीबीसी के एक रेडियो कार्यक्रम में भाग लिया। इस बातचीत में जब त्यौहार के संदर्भ में उनसे पूछा गया कि उनकी निजी दुनिया को सबसे अधिक जगमगाता कौन सा दीया है, तो अभिनेता ने बिना किसी सोच-विचार के अपनी लाडली बेटी राहा कपूर का नाम सबसे आगे रखा।
त्यौहार की रोशनी और नन्हीं राहा का आगमन
रेडियो परिचर्चा के दौरान बातचीत जब प्रकाश के उत्सव की ओर मुड़ी, तो प्रस्तुतकर्ता ने दोनों कलाकारों से उनके जीवन के सच्चे मार्गदर्शक और उजाले के बारे में प्रश्न किया। रणबीर कपूर ने तुरंत स्पष्ट किया कि उनके समूचे जीवन की सबसे पावन और बड़ी रोशनी उनकी नन्हीं बेटी ही हैं। इस अवसर पर अभिनेता ने पारिवारिक खुशी और त्यौहार के गहरे जुड़ाव को भी रेखांकित किया। उन्होंने साझा किया कि यह राहा के जीवन की चौथी दिवाली बनने जा रही है। विशेष बात यह है कि 6 नवंबर को पड़ने वाला राहा का जन्मदिन ठीक दिवाली से दो दिन पूर्व आ रहा है। पिता के रूप में उनकी यही हार्दिक कामना है कि उनकी बच्ची को जीवन में भरपूर मंगलकामनाएं, आशीर्वाद और सकारात्मक वातावरण निरंतर मिलता रहे।
रिलीज की तारीख और बेटी के जन्मदिन का अनूठा संयोग
सिनेमाघरों में नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित फिल्म 5 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित की जाएगी, जिसके अगले ही रोज यानी 6 नवंबर को राहा का जन्मदिन है। यह दिलचस्प संयोग इससे पूर्व भी प्रशंसकों के मध्य चर्चा का विषय बना रहा है। एक पूर्व इंस्टाग्राम लाइव संवाद के दौरान एक दर्शक ने अभिनेता का ध्यान इस तिथि की ओर आकर्षित किया था कि कैसे उनकी यह बहुप्रतीक्षित फिल्म उनकी संतान के जन्मदिन के ठीक साथ जुड़ी हुई है। उस क्षण भी अभिनेता ने इसे प्रकृति का एक अत्यंत सुंदर और मधुर संयोग करार दिया था। लंदन में इसी बात को दोहराते हुए उन्होंने जाहिर किया कि यह सप्ताह उनके समूचे परिवार के लिए दोहरे उल्लास का संदेश लेकर आ रहा है।
पिता की बड़े पर्दे की प्रस्तुति पहली बार देखेंगी राहा
इस बड़े सिनेमाई सफर की सबसे भावनात्मक कड़ी यह भी है कि राहा कपूर पहली दफा सिनेमाघर के भव्य पर्दे पर अपने पिता के अभिनय का दीदार करेंगी। अभिनेता ने पहले इस बात का उल्लेख किया था कि यह पहली ऐसी मुख्यधारा की विशाल फिल्म होगी, जिसे उनकी बेटी थिएटर में जाकर प्रत्यक्ष अनुभव करेगी। यही कारण है कि यह फिल्म उनके लिए केवल एक पेशेवर कार्यभार न होकर पिता बनने के बाद के जीवन की अमिट स्मृति बन चुकी है। रणबीर कपूर के अनुसार बेटी के जन्म ने उनकी अंतरात्मा और सोच को पूरी तरह रूपांतरित कर दिया, जिससे जीवन को देखने का उनका पूरा नजरिया ही बदल गया।
चरित्र की गंभीरता और जीवन में आया बुनियादी बदलाव
प्रभु श्री राम का चरित्र स्वीकार करने के प्रारंभिक दिनों को याद करते हुए अभिनेता ने पूर्व में स्वीकार किया था कि शुरुआत में उनके मन में एक गहरी हिचक और भय व्याप्त था। इस पावन और मर्यादा से भरे चरित्र की विशाल जिम्मेदारी उन्हें सतर्क कर रही थी, लेकिन समय बीतने के साथ यह संकोच गहरी कृतज्ञता में परिवर्तित होता चला गया। उस दौर में वह अपने व्यक्तिगत जीवन और दिनचर्या में भी आवश्यक सुधार की आवश्यकता महसूस कर रहे थे। उसी समयावधि में नन्हीं राहा का उनके संसार में आगमन हुआ और साथ ही इस दिव्य चरित्र को साकार करने का आमंत्रण भी मिला। इन दोनों घटनाओं के समानांतर घटने को अभिनेता ने अपने जीवन का सबसे निर्णायक मोड़ माना, जिसने उन्हें एक मनुष्य के तौर पर भी बहुत कुछ सिखाया।
भव्य सिनेमाई प्रस्तुति की पूरी रूपरेखा
नितेश तिवारी के निर्देशन में संवारी गई इस विशाल रचना 'रामायण: राइज ऑफ ए लीजेंड' में भारतीय सिनेमा के कई बड़े नाम एक साथ मंच साझा कर रहे हैं। इस गाथा में भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर और माता सीता के रूप में साई पल्लवी के अतिरिक्त रावण के बलशाली चरित्र में यश तथा लक्ष्मण के रूप में रवि दुबे दिखाई देंगे। जहां आम दर्शकों के लिए फिल्म 5 नवंबर को खुलेगी, वहीं इसके खास प्रीव्यू प्रदर्शन 4 नवंबर को आयोजित किए जाएंगे। 195 मिनट की स्वीकृत अवधि वाली इस प्रस्तुति को लेकर दर्शक दीर्घा में भारी उत्सुकता है, जबकि अभिनेता के व्यक्तिगत जीवन में 6 नवंबर की सुबह बेटी के चार वर्ष पूरे होने का उल्लास लेकर आएगी।



















