नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित भव्य पौराणिक फिल्म रामायण को लेकर सिनेमा प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्सुकता बनी हुई है। रणबीर कपूर और साई पल्लवी के मुख्य अभिनय से सजी यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 5 नवंबर को बड़े पर्दे पर दस्तक देने जा रही है। रिलीज की तारीख नजदीक आते ही अमेरिका के लॉस एंजिलेस शहर में इस सिनेमाई कृति का एक खास प्रीमियर आयोजित किया गया। इस प्रीमियर स्क्रीनिंग के दौरान दर्शकों की तरफ से बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। इस गर्मजोशी भरे स्वागत के बीच परियोजना के तीसरे भाग के निर्माण को लेकर भी बातचीत तेज हो गई है। फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने इस भव्य गाथा के भावी स्वरूप और अपनी रणनीतिक योजनाओं पर खुलकर रोशनी डाली है।
शुरुआती योजना और दो भागों का फैसला
लॉस एंजिलेस में आयोजित विशेष स्क्रीनिंग के उपरांत निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया के साथ संवाद किया। बातचीत के दौरान नमित मल्होत्रा ने इस सिनेमाई यात्रा से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं का खुलासा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब इस महाकाव्य को पर्दे पर उतारने की तैयारी शुरू हुई थी, तब प्रारंभिक विचार पूरी कथा को तीन अलग-अलग फिल्मों में प्रस्तुत करने का था। हालांकि, जैसे-जैसे पटकथा और रचनात्मक आवश्यकताओं का विस्तार हुआ, निर्माताओं ने संतुलन साधते हुए इसे दो भागों में तैयार करने का औपचारिक फैसला किया।
तीसरे भाग की संभावना दर्शकों के रुख पर निर्भर
भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए नमित मल्होत्रा ने समझाया कि निर्माण और फिल्मांकन से जुड़ी कई प्रक्रियाएं अभी भी चल रही हैं। रचनात्मक गोपनीयता बनाए रखने के उद्देश्य से उन्होंने कथानक की आंतरिक परतों के बारे में अधिक ब्योरा देने से परहेज किया। तीसरे भाग के निर्माण के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि पूरी योजना काफी हद तक दर्शकों के अंतिम रिस्पॉन्स पर टिकी हुई है। यदि 5 नवंबर को रिलीज होने वाले पहले भाग को वैश्विक स्तर पर शानदार और अभूतपूर्व समर्थन मिलता है, तो निर्माण टीम अपनी पुरानी योजना पर दोबारा विचार करने और तीसरे भाग को हरी झंडी देने के लिए पूरी तरह तैयार रहेगी।
रनटाइम को लेकर दो अलग संस्करण तैयार
नमित मल्होत्रा ने फिल्म के संपादन और प्रस्तुति से जुड़ा एक और दिलचस्प तथ्य साझा किया। उन्होंने बताया कि पहले भाग के दो भिन्न संस्करण तैयार किए गए हैं, जिनकी समय अवधि यानी रनटाइम में स्पष्ट अंतर है। रचनात्मक टीम वर्तमान में इस तकनीकी पहलू का बारीकी से मूल्यांकन कर रही है कि आम सिनेमा प्रेमियों के अनुभव के लिहाज से कौन सा प्रारूप अधिक प्रभावी और बांधकर रखने वाला साबित होगा।
निर्माता की प्राथमिक इच्छा यही है कि संपूर्ण विश्व में सभी दर्शकों के सामने फिल्म का एक समान संस्करण ही पेश किया जाए। इसके बावजूद, यदि रिलीज के बाद दर्शकों के एक बड़े वर्ग की ओर से मांग उठती है अथवा कथा की समग्रता को देखते हुए विस्तारित संस्करण पेश करने का कोई मजबूत रचनात्मक आधार बनता है, तो इस विकल्प पर भी गंभीरता से काम किया जा सकता है। इन ताजा खुलासों ने सिनेमाघरों में फिल्म देखने की प्रतीक्षा कर रहे दर्शकों के उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया है।



















