फिल्मी विरासत और शुरुआती जीवन
20 जून 1972 को मुंबई में जन्मे राहुल खन्ना के पिता विनोद खन्ना अपने समय के सुपरस्टार रहे हैं। राहुल, विनोद खन्ना और गीतांजलि खन्ना के बड़े बेटे हैं। TrendKia के अनुसार, फिल्मी बैकग्राउंड के बावजूद राहुल का बचपन बॉलीवुड की चकाचौंध से दूर बीता। उनके माता-पिता के अलग होने के बाद वे अपनी मां के साथ पले-बढ़े, जिसके कारण उन्हें हिंदी सिनेमा देखने का ज्यादा मौका नहीं मिला। उनका ध्यान पढ़ाई और अन्य क्रिएटिव कार्यों में अधिक था।
अभिनय का सफर
बचपन में राहुल का सपना अभिनेता बनने का नहीं, बल्कि ड्राइंग और कार्टूनिंग में करियर बनाने का था। बाद में उन्होंने न्यूयॉर्क के ली स्ट्रासबर्ग थिएटर एंड फिल्म इंस्टीट्यूट से एक्टिंग का प्रशिक्षण लिया। फिल्मों में कदम रखने से पहले, वे MTV Asia पर वीजे (Video Jockey) के तौर पर एक लोकप्रिय चेहरा बन चुके थे।
फिल्मी करियर का उतार-चढ़ाव
राहुल ने 1999 में दीपा मेहता की फिल्म ‘अर्थ’ से बॉलीवुड में पदार्पण किया। इस फिल्म में आमिर खान भी मुख्य भूमिका में थे। अपनी पहली ही फिल्म के लिए उन्हें फिल्मफेयर बेस्ट मेल डेब्यू अवॉर्ड से नवाजा गया। इसके बाद उन्होंने ‘ऐलान’, ‘रकीब’, ‘लव आज कल’ और ‘वेक अप सिड’ जैसी कई फिल्मों में काम किया। हालांकि उनके अभिनय की समीक्षकों द्वारा सराहना तो हुई, लेकिन वे अपने पिता विनोद खन्ना या भाई अक्षय खन्ना की तरह बड़ी व्यावसायिक सफलता हासिल करने में विफल रहे।
भाई अक्षय खन्ना की सफलता
जहाँ राहुल खन्ना एक भी बड़ी हिट फिल्म अपने दम पर देने में सफल नहीं हो पाए, वहीं उनके छोटे भाई अक्षय खन्ना 51 वर्ष की आयु में भी बॉक्स ऑफिस पर हिट की गारंटी बने हुए हैं। अक्षय खन्ना ने ‘छावा’ में औरंगजेब की भूमिका निभाकर इतिहास रचा, जिससे उनके करियर को एक नई दिशा मिली। उनकी हालिया फिल्म ‘धुरंधर’ में भी उन्होंने अपने अभिनय से खूब सुर्खियां बटोरीं और लाइमलाइट लूट ली।
अन्य प्रोजेक्ट्स और पहचान
फिल्मों के अलावा, राहुल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काम किया है। उन्होंने अमेरिकी टीवी सीरीज ‘द अमेरिकन्स’ में अपने काम से काफी प्रशंसा बटोरी। इसके अतिरिक्त, वे कई बड़े अवॉर्ड शो और इवेंट्स की मेजबानी करते रहे हैं। 2019 में वे दीपा मेहता की वेब सीरीज ‘लीला’ में भी नजर आए। अभिनय के साथ-साथ राहुल ने लेखन और मॉडलिंग की दुनिया में भी काम किया है, लेकिन एक अभिनेता के रूप में वे उस ऊंचाइयों को नहीं छू पाए जो उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने हासिल कीं।













