टेलीविजन के आइकॉनिक धारावाहिक शक्तिमान पर बनने वाली बॉलीवुड फिल्म को लेकर दिग्गज अभिनेता मुकेश खन्ना अपने सख्त और बेबाक रुख की वजह से एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस महत्वाकांक्षी सिनेमाई प्रोजेक्ट को लेकर चल रही विविध चर्चाओं और कास्टिंग विवादों के बीच मुकेश खन्ना ने साफ कर दिया है कि वह इस पौराणिक सुपरहीरो की पहचान से किसी भी सूरत में समझौता करने के मूड में नहीं हैं। उन्होंने यह चौंकाने वाला खुलासा किया है कि फिल्म निर्माताओं की तरफ से उन्हें करोड़ों रुपये का बड़ा वित्तीय ऑफर दिया गया था, जिसे उन्होंने बिना किसी झिझक के ठुकरा दिया। इसके साथ ही वरिष्ठ अभिनेता ने युवा स्टार रणवीर सिंह के साथ हुई अपनी मैराथन मुलाकात का ब्योरा दिया है और उनकी जबरदस्त ऊर्जा की तुलना महान अभिनेता देव आनंद से की है।
करोड़ों रुपये का ऑफर ठुकराने और विरासत की सुरक्षा पर दिया जोर
शक्तिमान के जनक और मुख्य कलाकार रहे मुकेश खन्ना का मानना है कि इस धारावाहिक पर फिल्म बनाने का मामला सिर्फ पैसों के लेन-देन या किसी लोकप्रिय अभिनेता को कास्ट करने तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, यह पूरा मुद्दा इस ऐतिहासिक शो की अमूल्य विरासत और उसके नैतिक मूल्यों को सुरक्षित रखने से जुड़ा हुआ है। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के संबंध में उन्हें लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों रुपये की बड़ी रकम की पेशकश की गई थी। इसके बावजूद उन्होंने इस भारी-भरकम रकम को ठुकरा दिया क्योंकि वह केवल आर्थिक फायदे के लिए शक्तिमान के सिद्धांतों का सौदा नहीं करना चाहते हैं।
व्यावसायिक नजरिए से अपने इस कदम के नतीजों को स्वीकार करते हुए मुकेश खन्ना ने माना कि इतने बड़े आर्थिक ऑफर को छोड़ना व्यावसायिक दुनिया में एक बहुत बेवकूफी भरा फैसला लग सकता है। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर उन्हें समझाते हैं कि इतने पैसों का नुकसान उठाना सही नहीं है। हालांकि, उनका स्पष्ट मानना है कि शक्तिमान केवल मुनाफा कमाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों दर्शकों की भावनाओं से जुड़ा हुआ किरदार है। वह इस शो की आत्मा को व्यावसायिक लाभ की बलि नहीं चढ़ने देंगे।
विलेन किलविश के रोल की पेशकश और मुख्य भूमिका पर अड़ान
मुकेश खन्ना ने आगे खुलासा किया कि प्रस्तावित फिल्म की कास्टिंग चर्चाओं के दौरान उन्हें मुख्य सुपरहीरो की जगह खलनायक किलविश का किरदार निभाने का प्रस्ताव दिया गया था। हालांकि, उन्होंने इस भूमिका को तुरंत अस्वीकार कर दिया और केवल शक्तिमान की मुख्य भूमिका निभाने या फिर इस प्रोजेक्ट के संपूर्ण रचनात्मक नियंत्रण पर अड़े रहे।
मुकेश खन्ना का कहना है कि वह शक्तिमान की आत्मा और उसकी मूल पहचान से सबसे गहराई से वाकिफ हैं। इस वजह से इस किरदार को बड़े पर्दे पर किस तरह प्रस्तुत किया जाना चाहिए, इसे लेकर उनकी अपनी एक बेहद स्पष्ट और दृढ़ सोच है। उनका मानना है कि किसी भी नए निर्माता या निर्देशक को इस प्रतिष्ठित चरित्र के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
रणवीर सिंह संग 3 घंटे की मुलाकात और देव आनंद से तुलना
रणवीर सिंह के बारे में चर्चा करते हुए मुकेश खन्ना ने एक बेहद दिलचस्प वाकया साझा किया। उन्होंने बताया कि रणवीर सिंह उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने आए थे और शक्तिमान का रोल हासिल करने के लिए लगभग तीन घंटे तक उन्हें मनाने की कोशिश करते रहे। इस लंबी बातचीत के दौरान रणवीर सिंह उनके सामने जमीन पर बैठकर तीन घंटे तक लगातार प्रयास करते रहे ताकि मुकेश खन्ना उन्हें इस मुख्य किरदार के लिए हरी झंडी दे दें।
मुकेश खन्ना ने रणवीर सिंह के समर्पण और उत्साह की खुलकर तारीफ की। उन्होंने स्वीकार किया कि देव आनंद के बाद उन्होंने रणवीर सिंह के रूप में दूसरा ऐसा अभिनेता देखा है, जिसके भीतर इतनी अद्भुत और बेमिसाल ऊर्जा है। उन्होंने यह भी बताया कि लोगों ने उनसे कहा कि रणवीर सिंह बेहद बहुमुखी अभिनेता हैं और वह किसी भी किरदार में ढल सकते हैं। लोगों ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर रणवीर धुरंधर जैसा जटिल किरदार निभा सकते हैं, तो वह शक्तिमान भी आसानी से कर सकते हैं। हालांकि, रणवीर की ऊर्जा और अभिनय क्षमता की तारीफ करने के बावजूद मुकेश खन्ना का अंतिम निर्णय यही है कि वह शक्तिमान के प्रतिष्ठित रोल के लिए सही विकल्प नहीं हैं।
सुभोजीत घोष संग इंटरव्यू में ट्रोल्स को करारा जवाब
सुभोजीत घोष के साथ हुई इस विस्तृत बातचीत में मुकेश खन्ना ने उन ट्रोल्स पर भी तीखा हमला बोला जो उन्हें इस प्रोजेक्ट से दूर रहने की नसीहत दे रहे थे। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें ट्रोल करते हुए कहा था कि उन्हें अब उम्र के इस पड़ाव पर आगे बढ़ जाना चाहिए और इस शो की बागडोर नई पीढ़ी को सौंप देनी चाहिए।
मुकेश खन्ना ने इन आलोचकों को करारा जवाब देते हुए कहा कि वह इस मामले में किसी भी सूरत में पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं आगे क्यों बढ़ूं? मैंने शक्तिमान बनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक इस किरदार के सम्मान और विरासत की पूरी गारंटी नहीं मिलती, वह अपनी बात पर कायम रहेंगे।



















