मिजोरम में साल 2026 के शुरुआती छह महीनों के भीतर पर्यटकों की आवाजाही में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जनवरी से जून के दौरान राज्य में लगभग 5.37 लाख पर्यटक पहुंचे। राज्य के पर्यटन मंत्री लालंगहिंग्लोवा हमार ने गुरुवार को विधानसभा में यह जानकारी साझा करते हुए बताया कि मिजोरम आने वाले यात्रियों में घरेलू पर्यटकों का हिस्सा सबसे अधिक रहा है, जो राज्य के प्रति देश भर में बढ़ते आकर्षण को दर्शाता है।
घरेलू और विदेशी पर्यटकों की आंकड़ेवार स्थिति
विधानसभा में प्रस्तुत किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस छह महीने की अवधि के दौरान 5.28 लाख से अधिक घरेलू पर्यटकों ने मिजोरम की यात्रा की। इसके अलावा, दुनिया के विभिन्न हिस्सों से लगभग 8,700 विदेशी पर्यटक भी राज्य पहुंचे। मंत्री लालंगहिंग्लोवा हमार ने स्पष्ट किया कि इस पूरी अवधि में राज्य प्रशासन को पर्यटकों द्वारा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था फैलाने या उनके साथ कोई अप्रिय घटना घटने की सूचना नहीं मिली है, जो राज्य में शांतिपूर्ण माहौल और पर्यटकों की सुरक्षा को साबित करता है।
केंद्रीय सहायता और बुनियादी ढांचा विकास
राज्य में पर्यटन से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार करने के लिए वर्तमान जोरम पीपुल्स मूवमेंट सरकार को केंद्र सरकार की ओर से 610.78 करोड़ रुपये की सहायता प्राप्त हुई है। पर्यटन मंत्री ने बताया कि इस धन का उपयोग राज्य भर में बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए किया जा रहा है। वर्तमान में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में 14 प्रमुख पर्यटन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम तेजी से चल रहा है।
इन बड़ी परियोजनाओं के साथ-साथ, चालू वित्तीय वर्ष में 199 नए होमस्टे स्थापित करने के लिए भी केंद्रीय सहायता प्रदान की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यटकों के लिए ठहरने के विकल्पों को बढ़ाना और उन्हें स्थानीय मिजो संस्कृति एवं जीवनशैली से सीधे जोड़ना है।
आइजोल को शीतकालीन राजधानी बनाने की पहल और सामुदायिक भागीदारी
राज्य सरकार राजधानी आइजोल को "भारत की शीतकालीन राजधानी" के रूप में ब्रांड करने की योजना पर काम कर रही है। ठंडे मौसम के दौरान पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए शीतकालीन महोत्सव और कई अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। स्थानीय लोगों को पर्यटन के प्रति जागरूक करने के लिए पर्यटन विभाग ने सेंट्रल यंग मिजो एसोसिएशन (CYMA) के साथ हाथ मिलाया है। दोनों मिलकर आम जनता को जागरूक करने और अतिथियों के स्वागत के लिए माहौल तैयार करने का काम कर रहे हैं।
इसके साथ ही, प्रशासन ने ठहरने की सुविधाओं की निगरानी और निरीक्षण को सख्त कर दिया है। होटलों, गेस्ट हाउसों और होमस्टे में सुरक्षा, स्वच्छता तथा निर्धारित दरों का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित जांच की जा रही है।
स्टार्टअप समर्थन, चर्च सहयोग और कानूनी ढांचा
पर्यटन के क्षेत्र में नए उद्यमियों और युवाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार 'बना काह' और UNNATI जैसी योजनाओं के जरिए स्टार्टअप्स को तकनीकी और वित्तीय मदद दे रही है। मिजोरम का व्यापक पर्यटन मॉडल समुदाय आधारित पर्यटन, सोशल मीडिया के जरिए प्रचार, विभिन्न विभागों के बीच तालमेल और पर्यटन कर्मियों के कौशल विकास पर केंद्रित है। मंत्री हमार के अनुसार, पर्यटन में लगातार वृद्धि से स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा होंगे, स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी और निजी निवेश को गति मिलेगी।
पर्यटन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए राज्य में मिजोरम रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म पॉलिसी 2020, मिजोरम (रजिस्ट्रेशन ऑफ टूरिस्ट ट्रेड) एक्ट 2020 और इसके नियमों को लागू किया गया है। इसके अतिरिक्त, पर्यटकों की सहायता और स्वागत के लिए पर्यटन विभाग ने काउंसिल ऑफ चर्चेज इन मिजोरम (CCM) और मिजोरम प्रेसबिटेरियन चर्च (सिनॉड) के साथ वार्ता शुरू की है। आने वाले समय में अन्य चर्च संगठनों को भी इस पहल से जोड़ने की योजना है।



















