दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की दौलत अब इतनी बड़ी हो चुकी है कि उसे गिनना तो दूर, ठीक से कल्पना करना भी मुश्किल है। फोर्ब्स ने बाकायदा हिसाब लगाकर बताया है कि मस्क के पास इस वक्त करीब 11 खरब डॉलर की संपत्ति है। भारतीय रुपये में बदलें तो यह आंकड़ा करीब 100 लाख करोड़ रुपये बैठता है। इतने भारी-भरकम नंबर अक्सर सिर के ऊपर से निकल जाते हैं, इसलिए हम इस दौलत को रोजमर्रा की चीजों के पैमाने पर रखकर समझने की कोशिश करते हैं — ताकि एक आम आदमी की नजर से साफ हो सके कि आखिर 11 खरब डॉलर का मालिक होने का मतलब क्या है।
नोट बिछाएं तो अंतरिक्ष पार
मान लीजिए मस्क की पूरी संपत्ति को अमेरिकी डॉलर के नोटों में बदलकर एक के बाद एक, एक सीधी लाइन में बिछा दिया जाए। यह कतार धरती की सीमा लांघकर सीधे अंतरिक्ष में जा पहुंचेगी। हिसाब लगाएं तो नोटों की यह लाइन करीब 15.6 करोड़ किलोमीटर लंबी होगी। इतनी लंबी कतार धरती से चंद्रमा तक 200 चक्कर लगा सकती है। नासा के मुताबिक धरती और चांद के बीच की दूरी करीब 3.84 लाख किलोमीटर है। इतना ही नहीं, यह कतार धरती और सूरज के बीच की करीब 15 करोड़ किलोमीटर की दूरी को भी पीछे छोड़ देगी।
हर इंसान के हिस्से कितने पैसे
एक सवाल अक्सर लोगों के मन में कौंधता है — अगर दुनिया के अमीर अपनी सारी दौलत हर इंसान में बराबर बांट दें तो किसके हिस्से कितना आएगा? इसी सोच को मस्क पर लागू करके देखते हैं। फिलहाल दुनिया की आबादी करीब 8.2 अरब है। अगर मस्क की 1 ट्रिलियन डॉलर की रकम को इन सबमें बराबर-बराबर बांट दिया जाए तो हर एक व्यक्ति के हाथ में करीब 122 डॉलर आएंगे, यानी मोटे तौर पर करीब 12 हजार रुपये। यानी इतनी विशाल दौलत भी जब पूरी दुनिया में बंटती है तो प्रति व्यक्ति हिस्सा हैरान कर देने वाला छोटा रह जाता है।
अमेरिका में 25 लाख मकान
अब सोचिए कि मस्क अपनी पूरी दौलत लेकर अमेरिका में घर खरीदने निकल पड़ें तो कितने मकानों के मालिक बन सकते हैं। फेडरल रिजर्व के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में इस समय एक मध्यम आकार के मकान की औसत कीमत करीब 4.03 लाख डॉलर है। इस लिहाज से मस्क करीब 25 लाख मकान खरीद सकते हैं। हां, इसके लिए उन्हें पूरे 1 ट्रिलियन डॉलर खर्च करने होंगे।
देशों की जीडीपी के मुकाबले
अगर मस्क की कुल संपत्ति को अलग-अलग देशों की जीडीपी के तराजू पर रखें तो तस्वीर और भी चौंकाने वाली है। आज दुनिया में महज 21 देश ऐसे हैं जिनकी जीडीपी 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार करती है। इस सूची में अमेरिका 32.38 ट्रिलियन डॉलर के साथ सबसे ऊपर है, जबकि चीन 20.85 ट्रिलियन डॉलर के साथ दूसरे नंबर पर है। दिलचस्प बात यह है कि इन 21 देशों को छोड़ दें तो बाकी दुनिया के हर देश की अर्थव्यवस्था से मस्क अकेले ज्यादा अमीर हैं।
गैस के टैंक भर दें तो
तेल और गैस इन दिनों दुनियाभर में चर्चा का सबसे बड़ा विषय हैं। मान लीजिए मस्क अपने पैसों से गैस ही खरीदने लगें तो कितनी आएगी? अमेरिका में गैस की औसत कीमत 4.11 डॉलर प्रति गैलन है। इसी भाव पर अगर 1 ट्रिलियन डॉलर की गैस खरीदी जाए तो करीब 243 अरब गैलन गैस आ जाएगी। यह आंकड़ा पूरे अमेरिका के नागरिकों के सालभर के इस्तेमाल से भी कहीं ज्यादा है — 2025 में अमेरिका में कुल 137 अरब गैलन गैस की खपत हुई थी।
दो साल में पलट गई बाजी
खास बात यह है कि महज दो साल पहले तक मस्क अरबपतियों की सूची में बमुश्किल टॉप-5 में जगह बना पाते थे। लेकिन इन दो सालों में पूरा खेल पलट गया। हालत यह है कि आज चार अरबपति मिलकर भी उनकी बराबरी नहीं कर पाते। 2024 में मस्क की नेट वर्थ 195 अरब डॉलर थी, जो 2025 में बढ़कर 342 अरब डॉलर पहुंच गई। और इसके बाद महज एक साल के भीतर उन्होंने अपनी कुल दौलत तीन गुना कर डाली।













