डिजिटल एसेट कस्टडी और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी बिटगो अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती करने जा रही है। कंपनी का यह कदम उन क्रिप्टो फर्मों की बढ़ती फेहरिस्त में शामिल होने जैसा है, जो अब अपनी दिशा बदलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की ओर रुख कर रही हैं। कंपनी के को-फाउंडर और CEO माइक बेल्शे ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस बड़े फैसले की जानकारी दी। बिटगो ने इस संबंध में अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) के पास भी दस्तावेज जमा कराए हैं। बेल्शे ने बताया कि कंपनी अपने कार्यबल में लगभग 15 प्रतिशत की कमी करने का कठिन निर्णय ले रही है, क्योंकि वित्तीय सेवाओं के बुनियादी ढांचे में भारी बदलाव आया है।
AI और बुनियादी ढांचे पर नया ध्यान
माइक बेल्शे ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में पूरा बिजनेस इकोसिस्टम बदल चुका है और वित्तीय सेवाएं तैयार करने का तरीका भी काफी अलग हो गया है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों के लिए लगातार बेहतर परिणाम देने के लिए कंपनी को और अधिक ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। अब बिटगो मुख्य रूप से सुरक्षा, ट्रेडिंग, स्टेबलकॉइन्स, सेटलमेंट और AI आधारित बुनियादी ढांचे पर अपनी ऊर्जा और संसाधनों को केंद्रित करेगी।
बिटगो ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस फैसले से कुल कितने लोग प्रभावित होंगे। हालांकि, कंपनी की वर्ष 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वहां 603 पूर्णकालिक कर्मचारी कार्यरत थे। इस लिहाज से 15 प्रतिशत की कटौती का मतलब है कि लगभग 90 लोगों की नौकरी जा सकती है। बेल्शे ने कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि छंटनी की यह प्रक्रिया केवल एक बार की जा रही है और भविष्य में आगे ऐसी किसी कटौती की आशंका नहीं है। कंपनी के जॉब बोर्ड पर अब भी दर्जनों नई नौकरियों के अवसर दिखाई दे रहे हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि कुछ क्षेत्रों में नई भर्तियां जारी रहेंगी।
बाजार की प्रतिक्रिया और वित्तीय प्रदर्शन
नौकरियों में कटौती का यह फैसला बिटगो के शेयर बाजार में लिस्ट होने के कुछ ही महीनों बाद आया है। कंपनी ने इसी साल जनवरी में अपना IPO लॉन्च किया था, जिसमें शेयर की कीमत 18 डॉलर तय की गई थी। इस पब्लिक इश्यू के जरिए कंपनी ने लगभग 213 मिलियन डॉलर जुटाए थे और तब कंपनी का कुल मूल्यांकन 2 बिलियन डॉलर से अधिक आंका गया था। चालू वर्ष की पहली तिमाही में बिटगो का राजस्व पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 112.6 प्रतिशत बढ़कर 3.8 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया था, लेकिन इसके साथ ही कंपनी का शुद्ध घाटा भी काफी बढ़ गया।
इस छंटनी की खबर पर निवेशकों ने कोई खास उत्साह नहीं दिखाया। गुरुवार को बिटगो के शेयर, जो बाजार में BTGO के नाम से ट्रेड करते हैं, करीब 5 प्रतिशत गिरकर 4.80 डॉलर पर बंद हुए। यह कीमत उनके IPO के समय तय की गई मूल कीमत से लगभग 73 प्रतिशत कम है, जो निवेशकों की निराशा को साफ दर्शाती है।
क्रिप्टो और टेक सेक्टर में छंटनी का दौर
वर्ष 2026 में नौकरियों में कटौती करने वाली बिटगो अकेली कंपनी नहीं है। इस साल कई अन्य बड़ी टेक और क्रिप्टो कंपनियों ने भी अपने कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। फरवरी में जैक डॉर्सी की कंपनी ब्लॉक ने अपने वर्कफोर्स में से करीब 4,000 कर्मचारियों यानी लगभग 40 प्रतिशत स्टाफ की छंटनी की थी। ब्लॉक ने इसके पीछे ऑटोमेशन, प्रोएक्टिव इंटेलिजेंस क्षमताओं और AI टूल्स पर बढ़ती निर्भरता को मुख्य वजह बताया था।
इसी तरह, मई महीने में कॉइनबेस ने भी अपने कर्मचारियों की संख्या में 14 प्रतिशत की कमी की थी, जबकि क्रिप्टो डेटा फर्म ड्यून ने अपने एक-चौथाई कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इसके ठीक एक महीने बाद, जून में रोबिनहुड ने भी क्रिप्टो से होने वाली कमाई में आई कमी के चलते अपने 10 प्रतिशत कर्मचारियों की छुट्टी कर दी थी।
अगर पूरे टेक सेक्टर की बात करें, तो इस साल की शुरुआत से अब तक 1,20,000 से अधिक नौकरियां खत्म हो चुकी हैं। माइक्रोसॉफ्ट और पेपैल जैसी दिग्गज कंपनियों ने भी इस बदलाव और कर्मचारियों की संख्या घटाने के पीछे AI को एक प्रमुख कारण बताया है। हालांकि, बाजार के विश्लेषक इस बात पर बंटे हुए हैं कि क्या वाकई AI ही नौकरियों में इस कटौती की मुख्य वजह है, या फिर कंपनियां बाजार की सुस्ती के बीच छंटनी को सही ठहराने के लिए इसका सहारा ले रही हैं।













