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बरबरी और ब्लैक बंगाल नस्ल से बकरी पालन में मिलेगी बंपर कमाई, एक्सपर्ट ने बताए काम के टिप्सव्यापार
7 जुल॰ 2026, 7:41 am (45 दिन पहले)· 3

बरबरी और ब्लैक बंगाल नस्ल से बकरी पालन में मिलेगी बंपर कमाई, एक्सपर्ट ने बताए काम के टिप्स

बकरी फार्मिंग एवं रिसर्च सेंटर के इंचार्ज डॉ. मुकुल आनंद के मुताबिक सही नस्ल, ठोस योजना और बाजार की समझ से बकरी पालन कम लागत में भी बड़ा मुनाफा दे सकता है.

कम पूंजी में शुरू होने वाला बकरी पालन इन दिनों गांव-देहात के किसानों और पशुपालकों के लिए कमाई का भरोसेमंद जरिया बनता जा रहा है. सही नस्ल का चुनाव, ठोस कारोबारी योजना और बाजार की सही समझ हो तो यह धंधा कम समय में अच्छा मुनाफा दे सकता है. मगर बिना तैयारी और अधूरी जानकारी के इस काम में उतरने वाले किसानों को नुकसान भी झेलना पड़ता है.

बकरी फार्मिंग एवं रिसर्च सेंटर के इंचार्ज डॉ. मुकुल आनंद के मुताबिक, अगर किसान सही नस्ल चुनें, कारोबार का स्पष्ट खाका तैयार करें और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर बकरी पालन शुरू करें, तो कम समय में अच्छी कमाई हो सकती है.

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बिना योजना शुरू करना पड़ सकता है भारी

डॉ. मुकुल आनंद बताते हैं कि बकरी पालन शुरू करने से पहले इसका पूरा बिजनेस प्लान तैयार करना बेहद जरूरी है. जब तक किसान यह तय नहीं करता कि उसका मकसद क्या है, किस नस्ल की बकरी पालनी है और उसे किस बाजार में बेचना है, तब तक इस कारोबार में कामयाबी मिलना मुश्किल हो जाता है. यानी सोच-समझकर उद्देश्य तय करना ही इस कारोबार की पहली सीढ़ी है.

ये गलतियां डाल सकती हैं मुनाफे में सेंध

डॉ. आनंद के अनुसार कई किसान बकरी पालन के दौरान कुछ आम गलतियां कर बैठते हैं, जिनकी वजह से उन्हें आर्थिक चोट झेलनी पड़ती है. इनमें सबसे बड़ी गलती है बिना किसी योजना के सीधे बकरी पालन शुरू कर देना. इसके अलावा कई किसान बकरी के बच्चों के खान-पान और देखभाल पर ध्यान नहीं देते, जिससे बच्चों की सेहत बिगड़ती है और नुकसान होता है. बाजार की मांग और बिक्री की व्यवस्था पहले से तय न करना भी बड़ी चूक है, क्योंकि तैयार बकरियों को सही समय पर सही ग्राहक न मिले तो पूरी मेहनत बेकार चली जाती है. साथ ही, कारोबार का स्पष्ट मकसद तय न कर पाना भी किसानों को उलझन में डाल देता है और आगे चलकर नुकसान की वजह बनता है.

  • बिना योजना के बकरी पालन शुरू करना
  • बकरी के बच्चों के खान-पान और देखभाल पर पर्याप्त ध्यान न देना
  • बाजार की मांग और बिक्री की व्यवस्था पहले से तय न करना
  • व्यवसाय का स्पष्ट उद्देश्य निर्धारित न करना

बरबरी और ब्लैक बंगाल नस्ल दिला सकती हैं ज्यादा कमाई

डॉ. मुकुल आनंद के मुताबिक अच्छी कमाई के लिए सही नस्ल का चुनाव सबसे अहम कड़ी है. उनका कहना है कि बरबरी और ब्लैक बंगाल यानी बंगाल गोट नस्ल की बकरियां पालने के लिए बेहतर मानी जाती हैं. बाजार में इन दोनों नस्लों की मांग हमेशा बनी रहती है, इसलिए इन्हें पालने वाले किसानों को बेहतर कीमत और स्थिर आय मिलने की संभावना रहती है.

कारोबार शुरू करने से पहले तय करें बाजार

डॉ. आनंद की सलाह है कि जो किसान बकरी पालन को स्थायी कारोबार के तौर पर अपनाना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले यह तय करना चाहिए कि उनकी बकरियां कहां बिकेंगी और बिक्री किस तरह होगी. पहले बाजार की पूरी जानकारी जुटाना और फिर उसी हिसाब से योजना बनाकर बकरी पालन शुरू करना मुनाफे की संभावना को काफी बढ़ा देता है.

कम लागत में भी बन सकता है बड़ा मुनाफे का जरिया

डॉ. मुकुल आनंद कहते हैं कि सही प्रबंधन, संतुलित आहार, उचित देखभाल और अच्छी नस्ल के चुनाव के साथ बकरी पालन कम लागत में भी बड़ा मुनाफा देने वाला कारोबार बन सकता है. अगर किसान शुरुआत से ही पूरी योजना बनाकर काम करें, तो नुकसान की आशंका काफी कम हो जाती है और लंबे समय तक अच्छी कमाई होती रहती है.

सवाल-जवाब

बकरी पालन शुरू करने से पहले सबसे जरूरी काम क्या है?
सबसे पहले पूरा बिजनेस प्लान बनाना जरूरी है, यह तय करना होगा कि मकसद क्या है, कौन सी नस्ल पालनी है और उसे कहां बेचना है.
बकरी पालन के लिए कौन सी नस्लें बेहतर मानी जाती हैं?
डॉ. मुकुल आनंद के मुताबिक बरबरी और ब्लैक बंगाल (बंगाल गोट) नस्ल की बकरियां पालने के लिए बेहतर मानी जाती हैं क्योंकि बाजार में इनकी मांग अच्छी रहती है.
किसान बकरी पालन में सबसे ज्यादा किन गलतियों की वजह से नुकसान उठाते हैं?
बिना योजना के शुरुआत करना, बकरी के बच्चों की देखभाल में लापरवाही और बाजार की मांग व बिक्री की व्यवस्था पहले से तय न करना सबसे आम गलतियां हैं.
बकरी पालन में मुनाफा बढ़ाने के लिए क्या सलाह दी गई है?
सही नस्ल चुनना, संतुलित आहार देना, उचित देखभाल करना और शुरू करने से पहले ही बाजार तय कर लेना मुनाफा बढ़ाने में मदद करता है.
यह सलाह किसने दी है?
यह सलाह बकरी फार्मिंग एवं रिसर्च सेंटर के इंचार्ज डॉ. मुकुल आनंद ने दी है.
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