राजस्थान के कोचिंग हब कोटा में अपना घर बनाने की इच्छा रखने वाले कंपनी सेक्रेटरीज के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। कोटा विकास प्राधिकरण ने शंभूपुरा ग्रोथ सेंटर एकीकृत योजना के तहत सीए नगर में एक विशेष आवासीय भूखंड योजना की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। इस योजना के अंतर्गत कुल 90 रिहायशी प्लॉट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्राधिकरण का प्राथमिक उद्देश्य वित्तीय और कॉर्पोरेट सलाहकारों को एक सुव्यवस्थित शहरी माहौल में गुणवत्तापूर्ण आवास का अवसर देना है। केडीए आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल के अनुसार यह योजना खास तौर पर इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया के एनआईआरसी कोटा चैप्टर से जुड़े पंजीकृत सदस्यों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
योजना की रूपरेखा और पात्रता मानदंड
इस नई आवासीय परियोजना में आवंटन के लिए रखे गए प्रत्येक भूखंड का क्षेत्रफल 112.5 वर्गमीटर तय किया गया है। योजना की संरचना इस तरह तैयार की गई है कि पेशेवर वर्ग को अपनी जरूरतों के अनुसार घर बनाने के लिए पर्याप्त स्थान मिल सके। पात्रता नियमों को पूरी तरह स्पष्ट रखा गया है, जिसके अनुसार केवल आईसीएसआई के एनआईआरसी कोटा चैप्टर के वैध सदस्य ही इसमें आवेदन करने के योग्य माने जाएंगे। शंभूपुरा ग्रोथ सेंटर पहले से ही एक तेजी से विकसित होता हुआ केंद्र रहा है, जहां पूर्व में ट्रांसपोर्ट नगर, सीए नगर, व्यावसायिक गोदाम, होलसेल मार्केट और ट्रक रिपेयर्स वर्कशॉप नगर जैसी कई प्रमुख योजनाएं सफलतापूर्वक स्थापित की जा चुकी हैं। इसी कड़ी में अब आवासीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए नए प्लॉट पेश किए गए हैं।
नागरिक सुविधाएं और मुख्य मार्ग से कनेक्टिविटी
किसी भी आवासीय योजना में निवेश करने या आवेदन करने से पहले वहां मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं और लोकेशन की स्थिति को परखना बेहद जरूरी माना जाता है। कोटा विकास प्राधिकरण ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि सीए नगर के निवासियों को आधुनिक नागरिक सुविधाएं आसानी से मिल सकें। इस योजना को 120 फीट चौड़े मुख्य मार्ग से जोड़ा गया है, जिससे आवाजाही काफी सुगम हो जाएगी। इसके अलावा क्षेत्र में पक्की सड़कों का निर्माण, नियमित पेयजल आपूर्ति, बिजली नेटवर्क और भूमिगत सीवरेज व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। परिसर के भीतर सुव्यवस्थित पार्कों के लिए स्थान, पब्लिक यूटिलिटी क्षेत्र, ओपन कम्युनिटी फैसिलिटी और एक भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण भी इस परियोजना का प्रमुख हिस्सा है।
शंभूपुरा क्षेत्र का भावी स्वरूप और विकास योजनाएं
शंभूपुरा और इसके आसपास के इलाके में आने वाले समय में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विस्तार होने जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक शंभूपुरा क्षेत्र में लगभग 750 हेक्टेयर भूमि पर एक आधुनिक एयरोसिटी विकसित करने की तैयारी चल रही है, जिसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके साथ ही औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन (रीको) को करीब 600 हेक्टेयर जमीन हस्तांतरित की जा चुकी है। इस पूरे क्षेत्र के आर्थिक और रिहायशी मूल्य को बढ़ाने में निर्माणाधीन कोटा बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की भी अहम भूमिका रहेगी। एयरपोर्ट परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और इसे दिसंबर 2027 तक हवाई उड़ानों के लिए पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इन तमाम मेगा प्रोजेक्ट्स के कारण आने वाले वर्षों में यहां रोजगार और व्यावसायिक निवेश के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
आवेदन पत्र प्राप्त करने और जमा करने का पूरा विवरण
प्राधिकरण की ओर से इस योजना में शामिल होने के लिए आवेदन प्रक्रिया की शुरुआत 17 अगस्त से की जा चुकी है। जो भी पात्र सदस्य इसमें रुचि रखते हैं, वे कोटा विकास प्राधिकरण परिसर में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से निर्धारित आवेदन पत्र खरीद सकते हैं। फॉर्म को सही और पूरी जानकारी के साथ भरने के बाद जमा करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर 2026 तय की गई है। केडीए प्रशासन ने सभी इच्छुक पेशेवरों को सलाह दी है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए समय रहते अपनी कागजी कार्रवाई पूरी करें। फॉर्म जमा करने से पहले स्थल का भौतिक निरीक्षण करने की भी सिफारिश की गई है ताकि भूखंड की वास्तविक स्थिति और आसपास के विकास को खुद देखा जा सके।



















