नई दिल्ली। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपनी वेबसाइट और पोर्टल को दोबारा सक्रिय कर दिया है। तकनीकी अपग्रेड और मेंटेनेंस कार्यों के चलते ईपीएफओ का यह पोर्टल लगभग दो सप्ताह से बंद पड़ा था, जिसकी वजह से करोड़ों खाताधारकों को अपने बैलेंस की जांच करने या क्लेम सेटलमेंट जैसी सेवाओं के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब संगठन ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर लॉग इन की सुविधा बहाल कर दी गई है और सदस्य अपनी पासबुक के साथ-साथ अकाउंट स्टेटमेंट भी देख सकते हैं।
पोर्टल पर आंशिक सेवाएं बहाल
ईपीएफओ द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, पोर्टल पर फिलहाल केवल चालू वित्त वर्ष के दौरान किए गए लेनदेन का विवरण ही उपलब्ध कराया गया है। पूर्व के वर्षों के लेनदेन का ब्योरा अभी पासबुक में नहीं दिख रहा है क्योंकि ईपीएफओ अभी भी पुरानी जानकारी को नए सिस्टम में माइग्रेट करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। संगठन ने बताया है कि 3 जुलाई से डेटा माइग्रेशन का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो चुका है और आने वाले कुछ दिनों में यह प्रक्रिया पूरी तरह संपन्न हो जाएगी। इसके लिए खाताधारकों को किसी भी प्रकार का आवेदन या रिक्वेस्ट करने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि यह एक स्वचालित प्रक्रिया है।
ब्याज भुगतान और नई घोषणाएं
ईपीएफओ ने बीते वित्त वर्ष के लिए 8.25 फीसदी ब्याज दर देने की घोषणा पहले ही कर दी थी, और अब सेवाएं बहाल होते ही ब्याज वितरण की तैयारी तेज हो गई है। संगठन की योजना के तहत, 15 जुलाई के बाद से प्रोविडेंट फंड खाताधारकों के खातों में ब्याज की राशि जमा की जानी शुरू हो जाएगी। कुल 8 करोड़ खाताधारकों को 8.25 फीसदी की दर से मिलने वाला यह लाभ सीधे उनके खातों में रिफ्लेक्ट होगा। माइग्रेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, सदस्य अपनी पासबुक को चेक कर ब्याज की गणना और प्राप्त राशि का विवरण देख सकेंगे।
वेबसाइट की लंबी बंदी की पृष्ठभूमि
मेंटेनेंस के नाम पर बंद हुए इस पोर्टल को लेकर काफी समय तक असमंजस की स्थिति रही। शुरुआत में ईपीएफओ ने इसे 29 जून से फिर से शुरू करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन तकनीकी जटिलताओं के कारण इसे चालू करने में निर्धारित समय से लगभग 11 दिन अधिक का समय लग गया। इस देरी ने आम उपयोगकर्ताओं के बीच काफी चिंता पैदा कर दी थी, लेकिन अब सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं।
UAN एक्टिवेशन में आया बड़ा बदलाव
ईपीएफओ ने अपने पोर्टल पर सुरक्षा और प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा बदलाव किया है। अब सदस्य अपने यूनिफाइड मेंबर पोर्टल के माध्यम से नया UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) एक्टिवेट नहीं कर पाएंगे। इस नई व्यवस्था के तहत, UAN जनरेट करने के लिए अब केवल उमंग मोबाइल ऐप का ही उपयोग करना अनिवार्य होगा। इस प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए उमंग ऐप पर आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बारे में विस्तृत जानकारी ईपीएफओ के अपडेटेड पोर्टल पर उपलब्ध कराई जा रही है।











