मानसून के आगमन के साथ ही लखीमपुर खीरी के किसानों के लिए एक बड़ी राहत और अवसर की खबर सामने आई है। जिले का उद्यान विभाग इस समय किसानों को बड़ी संख्या में फलदार और छायादार पौधे नि:शुल्क उपलब्ध करा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को सुधारकर उनकी आय में वृद्धि करना भी है। बागवानी को बढ़ावा देने की दिशा में यह विभाग द्वारा उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।
बांटे जा रहे पौधों की विस्तृत जानकारी
उद्यान विभाग की ओर से इस योजना के तहत कई प्रकार के लाभकारी पौधे किसानों को दिए जा रहे हैं। इन पौधों की सूची में अमरूद, सहजन, आंवला, बेल, जामुन, पपीता, नींबू, करौंदा और शरीफा जैसे महत्वपूर्ण पौधे शामिल हैं। विभाग का मानना है कि बागवानी के जरिए किसान अपनी खेती से लाखों रुपये की अतिरिक्त कमाई आसानी से कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अमरूद की कुछ उन्नत किस्में ऐसी हैं जो रोपण के केवल एक साल के भीतर ही फल देना शुरू कर देती हैं, जिससे किसानों को जल्द लाभ मिलना शुरू हो जाता है।
सहायक उद्यान अधिकारी का क्या कहना है?
लखीमपुर खीरी की सहायक उद्यान अधिकारी वंदना वर्मा ने जानकारी दी है कि विभाग लगातार किसानों को बागवानी के प्रति जागरूक कर रहा है। उन्होंने सलाह दी है कि किसान इन मुफ्त मिलने वाले पौधों को अपने खेतों की मेड़ों पर लगा सकते हैं। इससे न केवल खेतों की सुरक्षा बेहतर होती है, बल्कि पर्यावरण को भी काफी फायदा मिलता है। इसके अलावा, कुछ सरकारी योजनाओं के अंतर्गत विभाग द्वारा अनुदान पर भी पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं, जिससे कम निवेश में बागवानी का विस्तार संभव हो पाता है।
पौधे पाने की प्रक्रिया
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसी भी जटिल ऑनलाइन प्रक्रिया या पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है। किसान सीधे जिला उद्यान कार्यालय में जाकर अपनी पात्रता दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए उन्हें केवल अपने आधार कार्ड की एक फोटोकॉपी साथ लानी होगी। आधार कार्ड जमा करने के बाद, किसान अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध फलदार और छायादार पौधों का चयन कर सकते हैं। जो किसान इस योजना के बारे में अधिक विस्तार से जानना चाहते हैं, वे जिला उद्यान कार्यालय में जाकर संपर्क कर सकते हैं।











