वर्तमान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई (AI) का दौर ताइवान जैसी तकनीक-आधारित अर्थव्यवस्थाओं के लिए आर्थिक विकास का सबसे महत्वपूर्ण कारक बना हुआ है। साल 2026 की दूसरी छमाही के लिए आर्थिक दृष्टिकोण का विश्लेषण करते हुए, विशेषज्ञों ने एआई को इस अवधि की सबसे प्रमुख थीम माना है। बाजार में एआई के प्रभाव को समझने के लिए तीन मुख्य मापदंडों पर नजर रखी जा रही है: एआई टोकन का उपयोग, हाइपरस्केलर कंपनियों का पूंजीगत खर्च (Capex), और सेमीकंडक्टर की मांग और आपूर्ति की स्थिति।
एआई सुपर-साइकिल और ताइवान की विकास दर
विश्लेषकों का मानना है कि एआई से जुड़ी वर्तमान तेजी अपनी चरम सीमा के करीब पहुंच रही है। ताइवान ने साल 2026 की शुरुआत काफी मजबूत आर्थिक गति के साथ की थी। इस वर्ष की दूसरी छमाही के लिए अनुमान यह है कि ताइवान की अर्थव्यवस्था तीसरी तिमाही यानी 3Q26 तक अपने औसत से अधिक वृद्धि बनाए रखेगी। हालांकि, चौथी तिमाही यानी 4Q26 से आर्थिक गतिविधियों में सामान्यीकरण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। संक्षेप में कहें तो, एआई दृष्टिकोण संरचनात्मक आशावाद और चक्रीय सावधानी के बीच एक नाजुक संतुलन की स्थिति में है।
वैश्विक बाजार में उठापटक और डॉलर का प्रभाव
हफ्ते की शुरुआत में ही वैश्विक बाजारों में अस्थिरता का माहौल है। ब्रिटिश पाउंड (GBP) पर बिकवाली का दबाव बढ़ा है, जिससे यह गिरकर 1.3350 के आसपास पहुंच गया है। इसकी मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर (Greenback) में आई तेजी है, जो मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण सुरक्षित निवेश के रूप में मजबूत हो रहा है। यूरो (EUR/USD) भी 1.1380 के निचले स्तरों के आसपास संघर्ष कर रहा है। निवेशक अब अमेरिकी सीपीआई (CPI) डेटा और चेयरमैन वॉर्श की अर्धवार्षिक गवाही पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं।
कमोडिटी और भू-राजनीतिक तनाव
कीमती धातुओं में सोना भी दबाव में है, जिसकी कीमत 4,000 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गई है। इसके अलावा, तेल की कीमतों में लगभग 4% की उछाल देखी गई है, और ब्रेंट क्रूड 79 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है। यह वृद्धि अमेरिकी-ईरान संघर्ष के बढ़ने और ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा के बाद हुई है।
बाजार का बदलता रुख
जुलाई की शुरुआत में बाजार का नजरिया दिसंबर में ब्याज दर में बढ़ोतरी की ओर था, लेकिन बाद के दिनों में इसे लेकर अनिश्चितता बनी रही। 57,000 पेरोल के आंकड़ों ने बाजार से सख्ती की उम्मीदों को कुछ कम किया था, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी ताजा घटनाओं ने फिर से अनिश्चितता बढ़ा दी है। एफओएमसी (FOMC) की जून की बैठक के मिनट्स ने एक ऐसी स्थिति का वर्णन किया है, जो वैश्विक घटनाओं के बदलाव के कारण अब अप्रासंगिक सी लग रही है।











