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एलपीजी गैस सिलेंडर ई-केवाईसी की नई समयसीमा 7 सितंबर, जानिए इंडेन, एचपी और भारत गैस के लिए आधार सत्यापन का पूरा तरीकाव्यापार
7 सित॰ 2026, 9:39 am (58 मिनट पहले)· 2

एलपीजी गैस सिलेंडर ई-केवाईसी की नई समयसीमा 7 सितंबर, जानिए इंडेन, एचपी और भारत गैस के लिए आधार सत्यापन का पूरा तरीका

एलपीजी गैस सिलेंडर की ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 7 सितंबर, 2026 कर दी गई है। तेल विपणन कंपनियों ने सब्सिडी और निर्बाध सेवाओं के लिए आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य किया है।

रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण राहत और अपडेट सामने आया है। एलपीजी गैस सिलेंडर ई-केवाईसी पूरी करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया गया है और अब यह समयसीमा 7 सितंबर, 2026 तक तय की गई है। तेल विपणन कंपनियों ने सभी एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए इस बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण को पूरा करना अनिवार्य कर दिया है ताकि सब्सिडी और अन्य एलपीजी सेवाओं के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधाओं का सामना न करना पड़े।

आधार ई-केवाईसी का उद्देश्य और बायोमेट्रिक प्रक्रिया

एलपीजी बायोमेट्रिक सत्यापन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रसोई गैस सब्सिडी का लाभ केवल वैध और वास्तविक उपभोक्ताओं तक ही पहुंचे। यह पूरी प्रक्रिया चेहरे के प्रमाणीकरण यानी फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से पूरी की जाती है। पिछले कुछ हफ्तों में इस समयसीमा में कई बार बदलाव किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, ताजा बढ़ोतरी के साथ यह ई-केवाईसी डेडलाइन का चौथा विस्तार है, जो पिछले दो महीनों के भीतर किया गया है। शुरुआत में इसकी अंतिम तिथि 16 अगस्त तय की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 23 अगस्त किया गया और फिर 31 अगस्त तक बढ़ाया गया, जिसके बाद इसे एक हफ्ता और आगे खिसका दिया गया है।

इंडियन ऑयल के ग्राहकों के लिए जरूरी निर्देश

इंडियन ऑयल की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार, यदि किसी उपभोक्ता का ई-केवाईसी पेंडिंग है, तो उसे बिना देर किए इसे पूरा कर लेना चाहिए। अब तक 12 करोड़ से अधिक इंडेन ग्राहकों ने अपना यह सत्यापन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, और रोजाना लगभग 2 लाख नए उपभोक्ता इस प्रक्रिया से जुड़ रहे हैं। उपभोक्ता इस मुफ्त और आसान प्रक्रिया को कुछ ही मिनटों में इंडियन ऑयल वन ऐप के जरिए, अपने गैस डिलीवरी कर्मी के माध्यम से या फिर नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर जाकर पूरा कर सकते हैं। जिन लोगों ने पहले ही अपना ई-केवाईसी करा लिया है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया दोहराने की कोई आवश्यकता नहीं है। अधिक सहायता के लिए ग्राहक ऐप डाउनलोड कर सकते हैं या टोल-फ्री नंबर 1800 2333 555 पर संपर्क कर सकते हैं।

इंडियन ऑयल वन ऐप से ऐसे करें स्टेप-बाय-स्टेप ई-केवाईसी

सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में इंडियन ऑयल वन ऐप इंस्टॉल करें। इसके बाद ऐप खोलें और अपने एलपीजी कनेक्शन की जानकारी दर्ज करके लॉगिन या रजिस्टर करें। एप्लीकेशन के भीतर ई-केवाईसी या आधार ऑथेंटिकेशन का विकल्प खोजें। इसके बाद मांगे जाने पर अपने आधार विवरण दर्ज करें और पुष्टि करें। प्रक्रिया के दौरान जब संकेत मिले, तब अपने फोन में आधार फेसआरडी ऐप भी इंस्टॉल या ओपन करें। स्क्रीन पर दिए जाने वाले निर्देशों का पालन करते हुए अपना फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करें। प्रमाणीकरण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद अपने एलपीजी अकाउंट में जाकर जांच लें कि ई-केवाईसी और आधार सत्यापन पूरा हो चुका है या नहीं।

भारत गैस के उपभोक्ताओं के लिए प्रक्रिया

यदि आप भारत गैस के उपभोक्ता हैं, तो सबसे पहले अपने मोबाइल में हैलो बीपीसीएल ऐप इंस्टॉल करें। इसके बाद अपनी भारत गैस कनेक्शन की जानकारी का उपयोग करके ऐप में लॉगिन करें। हैलो बीपीसीएल ऐप के भीतर ई-केवाईसी या आधार प्रमाणीकरण के विकल्प को खोजें और उसका चयन करें। इसके बाद अपने आधार की आवश्यक जानकारी दर्ज करें और उसका सत्यापन करें। भारत गैस ई-केवाईसी पूरी करने के लिए आपके पास फेस स्कैन के वास्ते आधार फेसआरडी होना अनिवार्य है। अपनी सहमति देने के बाद फेस स्कैन की प्रक्रिया को पूरा करें। चेहरा स्कैन होने के बाद प्रमाणीकरण की पुष्टि का इंतजार करें और अपने एलपीजी अकाउंट का स्टेटस जांच लें.

एचपी गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी के चरण

एचपी गैस के ग्राहकों को इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए एचपी पे ऐप डाउनलोड करना होगा। अपने एचपी गैस और एलपीजी उपभोक्ता विवरण का उपयोग करके ऐप में लॉगिन करें। इसके बाद ऐप में ई-केवाईसी या आधार ऑथेंटिकेशन का विकल्प ढूंढें। निर्देशों का पालन करते हुए आधार प्रमाणीकरण प्रक्रिया के लिए अपनी स्वीकृति दें। यदि ऐप आपसे आधार फेसआरडी इंस्टॉल करने का अनुरोध करता है, तो प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उसे तुरंत इंस्टॉल करें। इंस्टॉल होने के बाद आपको उस पेज पर निर्देशित किया जाएगा जहां आपका चेहरा स्कैन किया जाएगा। ऑथेंटिकेशन का कन्फर्मेशन सिग्नल मिलने के बाद ऐप पर जाकर अपनी ई-केवाईसी की स्थिति की जांच कर लें।

समयसीमा चूकने पर क्या होगा असर

यदि कोई एलपीजी उपभोक्ता निर्धारित समय के भीतर अपना ई-केवाईसी पूरा नहीं करता है, तो उसे सब्सिडी वाले दरों पर गैस सिलेंडर मिलना बंद हो जाएगा। इसके अलावा, प्रधानमंत्री उज्ज योजना यानी पीएमयूवाई के तहत मिलने वाला डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर भी तब तक रोक दिया जाएगा जब तक वे अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरी नहीं कर लेते। वहीं दूसरी ओर, जो गैर-पीएमयूवाई ग्राहक अपना सत्यापन पूरा करने में विफल रहते हैं, उन्हें संभवतः अपने घरेलू एलपीजी सिलेंडर कमर्शियल दरों पर खरीदने पड़ेंगे। इसके साथ ही इंडेन गैस, एचपी गैस और भारत गैस के कनेक्शनों में अस्थायी निलंबन की आशंका भी बनी हुई है।

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सवाल-जवाब

एलपीजी ई-केवाईसी की नई अंतिम तिथि क्या है?
एलपीजी गैस सिलेंडर ई-केवाईसी पूरी करने की नई समयसीमा 7 सितंबर, 2026 निर्धारित की गई है।
क्या ई-केवाईसी प्रक्रिया के लिए कोई शुल्क देना होता है?
नहीं, यह ई-केवाईसी और आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह से निःशुल्क है।
कौन-कौन से मोबाइल ऐप्स के जरिए ई-केवाईसी की जा सकती है?
इंडेन के लिए इंडियन ऑयल वन ऐप, भारत गैस के लिए हैलो बीपीसीएल ऐप और एचपी गैस के लिए एचपी पे ऐप का उपयोग किया जा सकता है।
यदि ई-केवाईसी पूरी नहीं की तो क्या नुकसान होगा?
समय पर सत्यापन न होने पर सब्सिडी बंद हो जाएगी और पीएमयूवाई लाभार्थियों का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर रोक दिया जाएगा।
क्या जिन ग्राहकों ने पहले ही ई-केवाईसी करा ली है, उन्हें दोबारा करना होगा?
नहीं, जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही अपना ई-केवाईसी पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया दोहराने की आवश्यकता नहीं है।
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