हफ्ते की शुरुआत सोने के लिए कमजोर रही, लेकिन अमेरिका में छुट्टी की वजह से पतले कारोबार के बीच धातु ने $4,400 के स्तर के आसपास अपनी पकड़ बनाए रखी। पिछले हफ्ते की गिरावट का सिलसिला सोमवार को भी जारी दिखा, हालांकि बिकवाली उतनी तेज नहीं रही जितनी हाल के दिनों में देखी गई थी।
इसकी बड़ी वजह शुक्रवार को आए दमदार अमेरिकी रोजगार आंकड़े हैं, जिन्होंने सितंबर की मौद्रिक नीति बैठक को लेकर फेड की ब्याज दर बढ़ोतरी को लेकर अटकलों को फिर हवा दे दी।
उम्मीद से तिगुनी रफ्तार से बढ़ीं नौकरियां
अगस्त महीने में अमेरिका में नॉनफार्म पेरोल्स के आंकड़े 162,000 दर्ज हुए, जबकि बाजार सिर्फ 56,000 का अनुमान लगा रहा था, यानी असली आंकड़ा अनुमान से करीब तीन गुना ज्यादा निकला। बेरोजगारी दर 4.1% पर स्थिर बनी रही। इसके अलावा लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट जुलाई के 61.4% से उछलकर 61.6% पर पहुंच गया, जो बताता है कि ज्यादा लोग नौकरी बाजार में सक्रिय रूप से लौट रहे हैं।
टीडी सिक्योरिटीज़ के मुताबिक यह ताजा आंकड़े रोजगार बाजार की मजबूती की तस्वीर को और पुख्ता करते हैं। संस्था का कहना है कि जब सरकारी आंकड़ों को निजी क्षेत्र की बेहतर होती स्थिति के साथ देखा जाए तो यह साफ संकेत मिलता है कि
श्रम बाजार अच्छी स्थिति में है, और शायद और बेहतर हो रहा है।
मजबूत आंकड़ों के बावजूद डॉलर संभला हुआ
हैरानी की बात यह रही कि इतने दमदार रोजगार आंकड़ों के बावजूद सोने में गिरावट सीमित रही, क्योंकि अमेरिकी डॉलर कुल मिलाकर स्थिर बना रहा। रोजगार आंकड़ों के बाद डॉलर में जो तेजी आई थी, वह जल्द ही फीकी पड़ गई। इसकी वजह अमेरिकी सरकार पर बढ़ते कर्ज को लेकर चिंता और बैंक ऑफ जापान के आक्रामक रुख को लेकर बाजार में नई अटकलें रहीं, जिसने जापानी येन को मजबूती दी और डॉलर-येन जोड़ी पर दबाव बनाया।
आगे सोने के लिए क्या जोखिम
आने वाले दिनों में अगर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है, तो डॉलर में नई मजबूती सोने की कीमतों के लिए खतरा बन सकती है। साथ ही, इस समय बाजार में कारोबार पतला होने से सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव सामान्य से ज्यादा तेज हो सकता है। ईंधन कीमतों में हाल की तेजी भी महंगाई की चिंता बढ़ा रही है, जिससे दुनियाभर में नीतिगत सख्ती की जरूरत को लेकर बहस तेज हो रही है, और यह सोने के लिए एक अतिरिक्त दबाव का कारण बन सकता है।
चार्ट पर सोना: दो अहम औसतों के बीच फंसा
लाइव आंकड़ों के मुताबिक सोना इस समय करीब $4,477 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव $4,430 के मुकाबले करीब 1.06% ऊपर है। यह भाव सोने की 52 हफ्तों की $3,590 से $5,586 की रेंज के भीतर है। कारोबार का वॉल्यूम 20-दिन के औसत से 10.52 गुना ज्यादा दर्ज हुआ है, जो बाजार में असामान्य रूप से ज्यादा हलचल का संकेत देता है।
RSI यानी रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स फिलहाल 55 के आसपास है, जो बाजार में संतुलित मोमेंटम दिखाता है। हालांकि MACD संकेतक 53.53 पर है जबकि इसकी सिग्नल लाइन 74.42 पर है, यानी हिस्टोग्राम माइनस 20.89 पर है, जो कि मंदी की तरफ इशारा करता है। मूविंग एवरेज की बात करें तो EMA20 करीब $4,431, EMA50 करीब $4,355 और EMA200 करीब $4,372 पर है, जबकि SMA50 $4,247 और SMA200 $4,523 पर है। सोना लंबी अवधि में तेजी के रुझान में है, लेकिन EMA50 का EMA200 से नीचे आना एक डेथ क्रॉस बनाता है, जो सतर्क करने वाला संकेत है।
बोलिंजर बैंड की बात करें तो निचला बैंड $4,276 और ऊपरी बैंड $4,669 पर है, जबकि मध्य रेखा $4,473 के आसपास है, और मौजूदा भाव इन्हीं दोनों बैंड के भीतर टिका है। ADX यानी एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स सिर्फ 21 पर है, जो बताता है कि रुझान इस समय कमजोर है और बाजार दायरे में ही घूम रहा है। स्टोकास्टिक इंडिकेटर की फास्ट लाइन 49 और सिग्नल लाइन 46 पर है, जो भी तटस्थ तस्वीर पेश करती है।
कारोबारियों की नजर किन स्तरों पर
तकनीकी नजरिए से देखें तो सोने के लिए पिवट स्तर $4,465 पर है। इसके ऊपर पहला रेजिस्टेंस $4,493 और दूसरा रेजिस्टेंस $4,510 पर है, जहां बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। नीचे की तरफ पहला सपोर्ट $4,448 और दूसरा सपोर्ट $4,420 पर है। 20 दिनों के आधार पर करीब $4,292 पर सपोर्ट और $4,671 पर रेजिस्टेंस देखा जा रहा है। दैनिक उतार-चढ़ाव को नापने वाला ATR संकेतक फिलहाल 79.91 पर है, जिसे कारोबारी स्टॉप लॉस तय करने के लिए एक अहम पैमाने की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं। हाल में आई कई बाजार रिपोर्टों में भी यही राय दोहराई गई है कि फेड की नीति को लेकर बनी अनिश्चितता सोने की तेजी को सीमित कर रही है, जबकि कुछ ताजा आकलनों में सोने को $4,500 के आसपास बिकवाली को टक्कर देते और $4,450 की तरफ वापसी की कोशिश करते हुए भी देखा गया है।
सोना सुरक्षित निवेश क्यों माना जाता है
इंसानी इतिहास में सोने की भूमिका हमेशा से खास रही है। यह सदियों से मूल्य को सुरक्षित रखने और लेन-देन के माध्यम के तौर पर इस्तेमाल होता आया है। आज भी गहनों में इस्तेमाल के अलावा सोने को एक भरोसेमंद सुरक्षित निवेश माना जाता है, यानी अस्थिर या अनिश्चित समय में इसे एक अच्छा निवेश विकल्प समझा जाता है। चूंकि सोना किसी सरकार या संस्था पर निर्भर नहीं करता, इसलिए इसे महंगाई और किसी भी करेंसी के कमजोर पड़ने के खिलाफ एक भरोसेमंद बचाव भी माना जाता है।
केंद्रीय बैंकों की सोने में लगातार खरीदारी
दुनियाभर में केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े खरीदार हैं। अस्थिर समय में अपनी करेंसी को सहारा देने के लिए ये बैंक अपने भंडार में विविधता लाते हैं और सोना खरीदते हैं, जिससे उनकी अर्थव्यवस्था और करेंसी की साख मजबूत दिखती है। ज्यादा सोने का भंडार किसी देश की भुगतान क्षमता को लेकर भरोसा भी बढ़ाता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक साल 2022 में केंद्रीय बैंकों ने अपने भंडार में करीब 1,136 टन सोना जोड़ा, जिसकी कीमत उस समय लगभग $70 अरब आंकी गई थी। यह अब तक दर्ज की गई सबसे बड़ी सालाना खरीदारी है। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते बाजारों वाले देशों के केंद्रीय बैंक अपने सोने के भंडार को तेजी से बढ़ा रहे हैं।
डॉलर और सोने का उलटा रिश्ता
सोने का अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड से हमेशा उलटा नाता रहा है, क्योंकि दोनों ही बड़े सुरक्षित निवेश माने जाते हैं। जब डॉलर कमजोर पड़ता है तो सोने में तेजी आती है, जिससे निवेशक और केंद्रीय बैंक दोनों अपने पोर्टफोलियो को अस्थिर समय में संतुलित कर पाते हैं। इसी तरह सोने का शेयर बाजार जैसे जोखिम भरे निवेशों से भी उलटा संबंध है। जब शेयर बाजार में तेजी रहती है तो सोने की चमक कुछ फीकी पड़ जाती है, जबकि जोखिम भरे बाजारों में बिकवाली के दौर में निवेशक सोने की तरफ रुख करते हैं।
सोने की कीमतों को असल में क्या हिलाता है
सोने की कीमत कई कारणों से ऊपर-नीचे होती है। भू-राजनीतिक अस्थिरता या मंदी की आशंका जैसे हालात में सोना तेजी से चढ़ता है, क्योंकि इसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए जब ब्याज दरें कम होती हैं तो सोना आकर्षक बनता है, जबकि ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोने पर दबाव बनाती हैं। फिर भी, सोने की ज्यादातर चाल अमेरिकी डॉलर की दिशा पर निर्भर करती है, क्योंकि इसका कारोबार डॉलर में होता है। मजबूत डॉलर सोने की कीमतों पर लगाम कसता है, जबकि कमजोर डॉलर सोने को ऊपर धकेलता है।



















