रसोई गैस सिलिंडर का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक बेहद जरूरी और अनिवार्य अपडेट सामने आया है। यदि आपने अभी तक अपने एलपीजी कनेक्शन के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन या ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो आपके पास केवल दो दिन का समय शेष बचा है। तेल विपणन कंपनियों ने भारी भीड़, सर्वर में तकनीकी खामियों और वितरकों के यहां लंबी कतारों को देखते हुए इस काम को पूरा करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ाकर 23 अगस्त कर दिया था। मूल रूप से यह समय सीमा 16 अगस्त तय की गई थी। अब उपभोक्ताओं के पास इस अनिवार्य प्रक्रिया को समय रहते निपटाने का यह आखिरी अवसर है।
कौन से उपभोक्ता हैं इसके दायरे में और क्या है जरूरत
यह बॉयोमीट्रिक फेशियल ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया उन सभी भारतीय परिवारों के लिए अनिवार्य कर दी गई है जिन्होंने अब तक इसे पूरा नहीं किया है। खासतौर पर गैर-पीएमयूवाई (नॉन-पीएमयूवाई) ग्राहकों के लिए यह बेहद जरूरी है। जिन लोगों ने पहले ही अपना ई-केवाईसी पूरा कर लिया है, उन्हें किसी भी तरह की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के मुख्य दस्तावेजों में आधार कार्ड या आधार नंबर, आपके एलपीजी अकाउंट से लिंक मोबाइल नंबर, और एलपीजी कंज्यूमर आईडी शामिल हैं। इसके अलावा चेहरे की पहचान के लिए आधारफेसआरडी मोबाइल एप्लिकेशन की भी आवश्यकता होती है।
ई-केवाईसी पूरी करने के लिए जरूरी मोबाइल ऐप्स
इस पूरी प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए उपभोक्ताओं को अपने स्मार्टफोन में कुछ खास मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने होंगे। इन ऐप्स में इंडियनऑइल वन ऐप, आधारफेसआरडी, हेलो बीपीसीएल और एचपी पे ऐप शामिल हैं। यदि आप इंडेन गैस का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको इंडियनऑइल वन ऐप डाउनलोड करना होगा। भारत गैस के उपभोक्ताओं के लिए मुख्य ऐप हेलो बीपीसीएल है, जबकि एचपी गैस के लिए एचपी पे ऐप डाउनलोड करना जरूरी है। इसके साथ ही चेहरा प्रमाणीकरण के लिए आधारफेसआरडी ऐप सभी एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए समान रूप से आवश्यक है।
रजिस्ट्रेशन और लॉगिन करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
सबसे पहले अपने संबंधित गैस प्रदाता का मोबाइल ऐप डाउनलोड करें। इसके बाद आपको अपने उस रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पते का उपयोग करके खुद को रजिस्टर करना होगा जो आपके एलपीजी कनेक्शन से जुड़ा हुआ है। लॉगिन करने के लिए आपके मोबाइल या ईमेल आईडी पर एक वन-टाइम पासवर्ड भेजा जाएगा। सफल रजिस्ट्रेशन के बाद आप अपना खुद का पासवर्ड सेट कर सकते हैं और ऐप में आसानी से लॉगिन कर सकते हैं।
फेस स्कैनर से ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया
लॉगिन करने के बाद अगला चरण फेस स्कैनर के जरिए प्रमाणीकरण पूरा करना है। इंडेन गैस के लिए आपको अपनी 16-डिजिटल एलपीजी आईडी को लिंक करना होगा और होम स्क्रीन पर दिए गए माई प्रोफाइल विकल्प पर क्लिक करना होगा। भारत गैस ई-केवाईसी के लिए यह विकल्प सीधे होमपेज पर मिल जाएगा, जहां टैप करने के बाद आपको ओटीपी वेरिफिकेशन पेज पर भेजा जाएगा। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर छह अंकों का एक ओटीपी आएगा, जिसे दर्ज करना होगा। एचपी गैस के लिए आपको पहले माई एचपी विकल्प चुनना होगा और ई-केवाईसी लिंक खोजना होगा।
चेहरे की स्कैनिंग और अंतिम चरण
इसके बाद स्क्रीन पर फेस ऑथेंटिकेशन एडवाइजरी या नियम और शर्तें जैसी विस्तृत जानकारी दिखाई देगी। इन्हें ध्यान से पढ़ने के बाद कैप्चर फेस विकल्प के लिए अपनी सहमति दें। सहमति मिलते ही आपका फ्रंट कैमरा चालू हो जाएगा और वह आपके चेहरे को स्कैन करेगा। जैसे ही चेहरे के आइकॉन पर हरी झंडी या सिग्नल दिखाई दे, उसे क्लिक करके सबमिट कर दें। इस तरह आपकी ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
समय पर ई-केवाईसी न कराने पर क्या होगा नुकसान
यदि उपभोक्ता समय रहते इस प्रक्रिया को पूरा नहीं करते हैं, तो तेल विपणन कंपनियां उनके एलपीजी कनेक्शन अकाउंट को अस्थायी रूप से निलंबित कर सकती हैं। इसके अलावा ग्राहकों को घरेलू या सब्सिडी दरों पर एलपीजी खरीदने का लाभ भी मिलना बंद हो जाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऐसे उपभोक्ताओं को अपने घरेलू इंडेन गैस, एचपी गैस और भारत गैस सिलिंडर के लिए बाजार की कमर्शियल दरें चुकानी पड़ सकती हैं, जो काफी महंगी साबित हो सकती हैं।
ब्राउज़र नोटिफिकेशन सेटिंग्स बदलने का तरीका
यदि आप अपने वेब ब्राउज़र पर किसी खास साइट के नोटिफिकेशन से जुड़ी सेटिंग्स बदलना चाहते हैं, तो सबसे पहले ब्राउज़र के मेनू आइकॉन पर क्लिक करें जिससे विकल्पों की एक सूची खुलेगी। इसके बाद ऑप्शंस पर क्लिक करें जो आपको सेटिंग्स पेज पर ले जाएगा। पेज के बाईं ओर सूचीबद्ध प्राइवेसी एंड सिक्योरिटी विकल्पों पर क्लिक करें। इसके बाद पेज को नीचे स्क्रॉल करके परमिशन सेक्शन तक जाएं और नोटिफिकेशन विकल्प के सेटिंग्स टैब पर क्लिक करें। वहां सभी सूचियों के साथ एक पॉप-अप खुलेगा, जिसमें संबंधित साइट के स्टेटस हेड के तहत एलाऊ विकल्प का चयन करके नोटिफिकेशन की अनुमति दी जा सकती है। बदलाव पूरे होने के बाद सेव चेंजेज विकल्प पर क्लिक करके सेटिंग्स सुरक्षित कर लें।



















