मुंबई की रियल एस्टेट कंपनी प्रणव कंस्ट्रक्शंस के आईपीओ को शेयर बाजार में उतरने के पहले ही दिन से निवेशकों का जोरदार समर्थन मिलता दिख रहा है। सोमवार, 7 सितंबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलते ही अनलिस्टेड मार्केट में इसके शेयर मजबूत प्रीमियम पर कारोबार करने लगे, जिससे बाजार में इसकी लिस्टिंग को लेकर उत्साह बढ़ गया है।
कितना बड़ा है यह इश्यू और क्या है प्राइस बैंड
प्रणव कंस्ट्रक्शंस का यह आईपीओ 10 सितंबर तक बोली के लिए खुला रहेगा। कुल मिलाकर यह इश्यू Rs. 351.03 करोड़ का है। इसमें से 2.55 करोड़ शेयरों का फ्रेश इश्यू Rs. 315.60 करोड़ का है, जबकि ऑफर फॉर सेल यानी OFS हिस्से के तहत 28.57 लाख शेयर, जिनकी कीमत Rs. 35.43 करोड़ है, बेचे जा रहे हैं। कंपनी ने इस इश्यू के लिए Rs. 118 से Rs. 124 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट में 120 शेयर रखे गए हैं, यानी रिटेल निवेशकों को ऊपरी प्राइस बैंड पर आवेदन करने के लिए कम से कम Rs. 14,880 का निवेश करना होगा।
GMP क्या इशारा कर रहा है
इन्वेस्टरगेन वेबसाइट से मिले ताजा GMP आंकड़ों के मुताबिक, प्रणव कंस्ट्रक्शंस का आईपीओ फिलहाल Rs. 44 प्रति शेयर के प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है। मौजूदा प्रीमियम और इश्यू के ऊपरी प्राइस बैंड को जोड़कर देखें तो अनुमानित लिस्टिंग प्राइस Rs. 168 प्रति शेयर के आसपास बैठता है, जबकि इश्यू का ऊपरी दाम Rs. 124 है। इस हिसाब से निवेशकों को करीब 35.48% के लिस्टिंग गेन की उम्मीद बंधी है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि GMP कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है और यह असली लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं देता, बाजार की स्थिति बदलने पर यह प्रीमियम ऊपर-नीचे हो सकता है।
अलॉटमेंट और लिस्टिंग की तारीखें
तय शेड्यूल के मुताबिक प्रणव कंस्ट्रक्शंस के शेयरों का अलॉटमेंट 10 सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों ने आवेदन किया है, वे अलॉटमेंट का ऐलान होने के बाद रजिस्ट्रार और NSE/BSE के प्लेटफॉर्म पर अपने अलॉटमेंट का स्टेटस चेक कर सकते हैं। इसके बाद कंपनी के शेयरों को NSE और BSE, दोनों एक्सचेंजों पर लिस्ट किए जाने का प्रस्ताव है, और लिस्टिंग की तय तारीख 15 सितंबर रखी गई है।
ब्रोकरेज हाउस की राय, स्वस्तिक इन्वेस्टमार्ट ने दी APPLY रेटिंग
इस आईपीओ को लेकर ब्रोकरेज हाउसों की प्रतिक्रिया अभी सीमित रही है, लेकिन स्वस्तिक इन्वेस्टमार्ट ने अपने आईपीओ नोट में इसे APPLY रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी की मुंबई के वेस्टर्न सबर्ब्स में मजबूत मौजूदगी है और वह एसेट-लाइट रीडेवलपमेंट मॉडल पर काम करती है, जिससे उसकी लागत काबू में रहती है। वित्त वर्ष 2024 से 2026 के बीच कंपनी के रेवेन्यू और PAT में करीब 30-34% की सालाना बढ़ोतरी (CAGR) दर्ज की गई है, जबकि EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 17.2% हो गया है। करीब 18.8 से 19.6 गुना P/E पर यह आईपीओ लिस्टेड प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले आकर्षक वैल्यूएशन पर आता दिख रहा है। ब्रोकरेज ने अपने नोट में लिखा,
"We recommend subscribing; attractive for long-term investors and listing gains, but conservative investors should maintain prudent position sizing."साथ ही ब्रोकरेज ने आगाह किया कि कंपनी का कारोबार काफी हद तक एक ही भौगोलिक बाजार पर टिका है, और इसके अलावा एग्जीक्यूशन व रेगुलेटरी जोखिम भी बने रहते हैं, इसलिए निवेशकों को इन पहलुओं को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना चाहिए।



















