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महाराष्ट्र में औद्योगिक विस्तार की नई रूपरेखा, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर में बीकेसी स्तर का ढांचा तैयार करेगी सरकारव्यापार
22 सित॰ 2026, 2:43 am (57 मिनट पहले)· 0

महाराष्ट्र में औद्योगिक विस्तार की नई रूपरेखा, नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर में बीकेसी स्तर का ढांचा तैयार करेगी सरकार

महाराष्ट्र सरकार विदर्भ और मराठवाड़ा में बड़े औद्योगिक केंद्र तैयार कर रही है। न्यू नागपुर परियोजना के तहत 2,000 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया जा रहा है।

महाराष्ट्र के औद्योगिक परिदृश्य में आने वाले वर्षों के दौरान व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार अब मुंबई और पुणे के पारंपरिक औद्योगिक गलियारों से आगे बढ़कर विदर्भ और मराठवाड़ा के प्रमुख शहरों में अत्याधुनिक व्यावसायिक बुनियादी ढांचा स्थापित करने पर विशेष बल दे रही है। इसी रणनीति के तहत नागपुर तथा छत्रपति संभाजीनगर को निवेश के उभरते हुए सबसे बड़े केंद्रों के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य राज्य के भीतर एक ऐसा समन्वित औद्योगिक वातावरण तैयार करना है, जिससे बड़े कॉरपोरेट घराने इन क्षेत्रों की ओर स्वतः आकर्षित हों।

विदर्भ और मराठवाड़ा पर केंद्रित नई व्यावसायिक संभावनाएं

नागपुर में अवाडा ग्रुप के एक वाणिज्यिक सम्मेलन के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विदर्भ क्षेत्र का नागपुर और मराठवाड़ा का छत्रपति संभाजीनगर भविष्य की सबसे अहम आर्थिक संभावनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने निवेशकों से इन उभरते बाजारों में अपनी पूंजी लगाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में आगाह किया कि जो भी कारोबारी अगले दस वर्षों के भीतर इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराएगा, उसे बाद में एक महत्वपूर्ण अवसर गंवाने का मलाल रहेगा।

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समृद्धि एक्सप्रेसवे के किनारे आकार ले रहा है आधुनिक व्यावसायिक क्षेत्र

इस पूरी योजना का मुख्य आकर्षण समृद्धि एक्सप्रेसवे के निकट विकसित किया जा रहा न्यू नागपुर क्षेत्र है। करीब 2,000 एकड़ के विशाल भूभाग पर बनने वाला यह नया व्यावसायिक क्षेत्र मुंबई स्थित बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स यानी बीकेसी की तर्ज पर एक केंद्रीय वाणिज्यिक जिले के रूप में स्थापित होगा। इसके बुनियादी ढांचे की तकनीकी रूपरेखा काफी उन्नत रखी गई है। गुजरात स्थित गिफ्ट सिटी की तरह, न्यू नागपुर में भी बिजली, पानी और इंटरनेट जैसी तमाम जरूरी नागरिक सुविधाएं भूमिगत सुरंगों के माध्यम से संचालित की जाएंगी, ताकि जमीन के ऊपर कोई अवरोध पैदा न हो।

भूमि अधिग्रहण और आगामी विकास कार्य

न्यू नागपुर परियोजना के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया पहले से ही तेजी से चल रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार परियोजना के लिए आवश्यक जमीन का 50 प्रतिशत अधिग्रहण कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष जमीन का स्वामित्व आगामी तीन महीनों के भीतर हासिल कर लिया जाएगा। यह योजना ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), उन्नत विनिर्माण और स्मार्ट औद्योगिक इकाइयों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है।

मुंबई के निवेशकों को आकर्षित करने की कार्ययोजना

एक बार भूमि अधिग्रहण की संपूर्ण कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होते ही क्षेत्र में भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण का कार्य धरातल पर शुरू कर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि न्यू नागपुर में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के बाद मुंबई जैसे भीड़भाड़ वाले वित्तीय केंद्रों के निवेशक यहां अपना आधार स्थापित करने में स्वाभाविक रुचि दिखाएंगे। प्रशासन इसे उद्योगों के लिए विस्तार का एक अभूतपूर्व अवसर मान रहा है।

सवाल-जवाब

न्यू नागपुर परियोजना कितने बड़े क्षेत्र में विकसित की जा रही है?
न्यू नागपुर परियोजना को लगभग 2,000 एकड़ क्षेत्र में केंद्रीय व्यावसायिक जिले के रूप में विकसित किया जा रहा है।
यह परियोजना किस मॉडल और बुनियादी ढांचे पर आधारित होगी?
यह क्षेत्र मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) की तर्ज पर बनेगा और इसमें गुजरात के गिफ्ट सिटी की तरह भूमिगत सुरंगों के जरिए सभी उपयोगिताएं संचालित होंगी।
न्यू नागपुर के लिए जमीन अधिग्रहण की वर्तमान स्थिति क्या है?
परियोजना के लिए 50 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है, जबकि बाकी भूमि का अधिग्रहण अगले तीन महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है।
महाराष्ट्र सरकार किन दो शहरों को नए निवेश केंद्र के रूप में प्रस्तुत कर रही है?
सरकार विदर्भ क्षेत्र के नागपुर और मराठवाड़ा के छत्रपति संभाजीनगर को निवेश के अगले प्रमुख केंद्रों के रूप में आगे बढ़ा रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Gupta@rohan-gupta·28 मिनट पहले

मुंबई और पुणे से बाहर इंडस्ट्री ले जाने का यह प्लान सुनने में तो शानदार है, पर नागपुर जैसी जगहों पर बड़े टेक और ग्लोबल सेंटर्स को लाने के लिए क्या सिर्फ अच्छी सड़क और अंडरग्राउंड केबलिंग काफी होगी, या टैलेंट पूल तैयार करने पर भी सरकार का कोई ठोस प्लान है?

Michael Anderson@michael-anderson·27 मिनट पहले

रोहन भाई, आपकी बात बिल्कुल सही है। जब मैं पिछले साल अमेरिका के एक छोटे शहर में गया था, तब भी यही सवाल उठा था कि इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ लोकल टैलेंट नहीं होगा तो बड़ी कंपनियां कैसे टिकेंगी?

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