घर पर पढ़ाई करने वाले छात्रों और दैनिक कागजी कामकाज संभालने वाले परिवारों के लिए एक ऐसा प्रिंटर ढूंढना हमेशा सिरदर्द रहता है जिसका स्याही का खर्च कम हो। इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एप्सन इकोटैंक ET-2410 एक एंट्री-लेवल ऑल-इन-वन इंकजेट मशीन है, जो पुराने जमाने के महंगे कार्ट्रिज झंझट से पूरी तरह आजादी दिलाती है। यह उपकरण मूल रूप से घरेलू उपयोगकर्ताओं और बुनियादी छोटे कार्यालयीन कार्यों को साधने के लिए उतारा गया है। इसमें स्याही की अलग-अलग चार टंकियां मौजूद हैं जिन्हें एप्सन 522 इंक बोतलों से रीफिल किया जाता है। ऊपर की तरफ लगा फ्लैटबेड स्कैनर दस्तावेजों की स्कैनिंग और फोटोकॉपी दोनों का जिम्मा संभालता है। हालांकि इस मशीन की अपनी सीमाएं भी हैं, जिनमें ऑटोमैटिक डॉक्यूमेंट फीडर का न होना और दोतरफा छपाई के लिए पन्नों को खुद हाथ से पलटना शामिल है।
डिज़ाइन, बनावट और जगह की जरूरत
किसी भी घरेलू मेज पर जगह सबसे कीमती मानी जाती है, और इसी मोर्चे पर यह प्रिंटर अपनी छाप छोड़ता है। इसका ढांचा काफी सधा हुआ और कॉम्पैक्ट है, जिसकी वजह से इसे किसी छोटे स्टडी टेबल या बुकशेल्फ़ के कोने में आसानी से सजाया जा सकता है। मशीन में कोई डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन नहीं दी गई है। सारे कामकाज को संचालित करने के लिए मुख्य पैनल पर साधारण फिजिकल बटन दिए गए हैं, जबकि आधुनिक स्मार्टफोन यूजर इसे एप्सन स्मार्ट पैनल मोबाइल ऐप के जरिए सीधे अपने फोन से कमांड दे सकते हैं।
हालांकि प्रिंटर को स्थापित करते समय इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि इसका 100 शीट वाला रियर पेपर ट्रे पीछे से ऊपर की ओर खुलता है और 30 शीट वाला आउटपुट ट्रे सामने बाहर निकलता है। जब ये दोनों ट्रे पूरी तरह खुले होते हैं, तब प्रिंटर को अपनी मूल बनावट से ज्यादा जगह की जरूरत होती है। इसलिए किसी तंग रैक में इसे फंसाने से पहले अतिरिक्त क्लियरेंस की गुंजाइश रखना जरूरी हो जाता है।
प्रिंटिंग यील्ड और दस्तावेज़ प्रदर्शन
इस प्रिंटर की सबसे बड़ी ताकत इसका असाधारण पेज यील्ड है, जो नियमित रूप से प्रिंट निकालने वाले लोगों के लिए पैसे की भारी बचत कराता है। इस मशीन की स्याही टंकियां रीफिल की जरूरत पड़ने से पहले अनुमानित 3,800 ब्लैक-एंड-व्हाइट पन्ने और 4,000 रंगीन पन्ने छापने में सक्षम हैं। इतनी भारी क्षमता के कारण उपयोगकर्ताओं को बार-बार इंक बदलने की चिंता नहीं सताती।
काले और सफेद दस्तावेजों के मामले में इसका आउटपुट बेहद उम्दा, स्पष्ट और बारीक किनारों वाला नजर आता है। अगर आप स्कूल असाइनमेंट, ऑफिस नोट्स या सामान्य टैक्स रसीदें निकाल रहे हैं, तो इसके अक्षरों की तीक्ष्णता काफी प्रभावशाली साबित होती है। इसके अलावा, एक अकेला ब्लैक पेज यह प्रिंटर काफी तेजी से बाहर फेंक देता है, जिससे तात्कालिक छपाई में रुकावट नहीं आती।
दफ्तर की रफ्तार और ट्रे की क्षमता
दस्तावेजों की गुणवत्ता बेहतरीन होने के बावजूद, जब इसे किसी व्यस्त छोटे दफ्तर में आजमाया जाता है तो इसकी रफ्तार एक बाधा बन सकती है। लंबे प्रिंट जॉब्स के दौरान यह काफी धीमी गति से काम करता है। 100 पन्नों की इनपुट ट्रे और सिर्फ 30 पन्नों की आउटपुट ट्रे का मतलब यह है कि अगर आप 50 या 100 पन्नों की लंबी रिपोर्ट प्रिंट कर रहे हैं, तो आपको लगातार प्रिंटर के पास खड़े रहकर पन्नों को संभालना होगा ताकि ट्रे भर न जाए।
साथ ही, ऑटोमैटिक डॉक्यूमेंट फीडर न होने से बहु-पृष्ठीय दस्तावेजों की कॉपी या स्कैनिंग बेहद थकाऊ हो जाती है। हर पन्ने को बारी-बारी से ग्लास पर रखना पड़ता है। कनेक्टिविटी के मोर्चे पर भी यह उपकरण बुनियादी जरूरतों तक सीमित है। इसमें यूएसबी, वाई-फाई और वाई-फाई डायरेक्ट का सहारा दिया गया है, जो एप्पल एयरप्रिंट और मोप्रिया प्रिंट सर्विस को सपोर्ट करते हैं। लेकिन इसमें ईथरनेट पोर्ट, ब्लूटूथ या सीधे पेनड्राइव लगाकर प्रिंट करने की सुविधा नहीं मिलती।
फोटो प्रिंटिंग, क्राफ्ट और रंग संतुलन
रचनात्मक काम करने वाले शौकीनों, स्कूल प्रोजेक्ट्स और स्टिकर बनाने के लिए यह मशीन काफी काम की साबित होती है। इसका वाइड कलर गैमट बारीक बनावट और वाइब्रेंट डिज़ाइनों को बखूबी उभारता है। इसमें अलग-अलग चार टैंक होने के कारण जिस रंग की स्याही खत्म हो, केवल उसी को दोबारा भरा जा सकता है। यह 297 ग्राम प्रति वर्ग मीटर तक के भारी कागज को सपोर्ट करता है, और इसका रियर ट्रे मोटे मीडिया को आसानी से अंदर खींच लेता है।
फोटो छपाई के लिए इसमें मैट, सेमी-ग्लॉस और ग्लॉसी फोटो पेपर के प्रीसेट मौजूद हैं। हालांकि आर्टिस्टिक प्रोजेक्ट्स के लिए लस्टर, फाइन आर्ट, कैनवस या हागाकी/वाशी जैसे खास मीडिया के लिए इसमें अलग से कोई समर्पित सेटिंग नहीं मिलती। अगर रंग शुद्धता की बात करें, तो यह केवल संतोषजनक है। छपे हुए रंग मूल डिजिटल तस्वीर से थोड़े अलग जरूर दिख सकते हैं, खासकर स्किन टोन में, मगर मानवीय आंखों को वे देखने में स्वाभाविक ही लगते हैं।
फ्लैटबेड स्कैनर और ओसीआर क्षमता
दस्तावेजों और पारिवारिक पुरानी तस्वीरों को डिजिटाइज़ करने के लिए इसमें दिया गया फ्लैटबेड स्कैनर बेहद बारीक डिटेल्स पकड़ने में माहिर है। इसके साथ आने वाला ओसीआर सॉफ्टवेयर साधारण स्कैन को सर्च करने योग्य पीडीएफ में तब्दील करने की सुविधा देता है। हालांकि कभी-कभार अक्षरों की पहचान में गलतियां हो सकती हैं, जिससे खोज में कुछ शब्द छूट सकते हैं या टेक्स्ट कॉपी करते समय सुधार की जरूरत पड़ सकती है। स्कैनर की गति काफी धीमी है और इसके ढक्कन के हिंज ऊपर नहीं उठते, जिसके चलते मोटी किताबें या फाइलें स्कैन करने में ढक्कन पूरी तरह बंद नहीं हो पाता।
रखरखाव और नोजल क्लॉगिंग का खतरा
पारंपरिक इंकजेट तकनीक पर आधारित होने के कारण इस प्रिंटर के साथ सबसे बड़ी सावधानी इसके रखरखाव की है। अगर इसे हफ्तों तक बिना इस्तेमाल किए छोड़ दिया जाए, तो इसके प्रिंटहेड के अंदर स्याही सूख सकती है। प्रिंटहेड जाम होने पर पन्नों पर धारियां छूटने लगती हैं, रंग हल्के पड़ जाते हैं या छपाई अधूरी रह जाती है। इसे ठीक करने के लिए क्लीनिंग साइकिल चलाना पड़ता है। जो लोग महीनों में कभी-कभार ही प्रिंट करते हैं, उनके लिए यह परेशानी का सबब बन सकता है; ऐसे उपयोग के लिए टोनर पर चलने वाले लेजर प्रिंटर ज्यादा सुरक्षित विकल्प माने जाते हैं।




















