जेन ऑस्टिन के मशहूर क्लासिक उपन्यास पर आधारित नई फिल्म 'सेंस एंड सेंसिबिलिटी' का यह रिव्यू बताता है कि भव्य प्रस्तुति के बावजूद यह रूपांतरण अपनी अलग पहचान बनाने के लिए जूझता दिखता है। वर्ष 1995 में एंग ली द्वारा निर्देशित और एमा थॉम्पसन की ऑस्कर विजेता पटकथा वाली यादगार फिल्म के बाद, बड़े पर्दे पर इस कहानी का यह पहला फीचर फिल्म रूपांतरण है। वर्ष 2022 के ड्रामा 'ब्लू जीन' से अपनी पहचान बनाने वाली निर्देशक जॉर्जिया ओकले और पहली बार पटकथा लिख रही डायना रीड के सामने इस ऐतिहासिक कृति को नए कलेवर में ढालने की बहुत बड़ी चुनौती थी। हालांकि समकालीन स्पर्श देने के कुछ प्रयासों के बावजूद, यह नई प्रस्तुति मौलिक लगने के बजाय अलग-अलग प्रेरणाओं का बेमेल घालमेल बनकर रह जाती है।
आर्थिक तंगी और बेदखली से शुरू होता संघर्ष
निर्देशक जॉर्जिया ओकले ने इस कहानी की शुरुआत बुद्धिमानी से उस केंद्रीय मुद्दे को उभारकर की है, जो ऑस्टिन के हर उपन्यास की असली रीढ़ है, यानी तत्कालीन समाज में महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा का अभाव। पिता की वसीयत में बेटियों के मुकाबले बेटों को प्राथमिकता मिलने की कानूनी विवशता के कारण डैशवुड बहनों को अपनी पुश्तैनी हवेली छोड़नी पड़ती है। इनमें शांत और गंभीर स्वभाव वाली एलिनॉर (डेज़ी एडगर-जोन्स), बेहद भावुक मारिएन (एस्मे क्रीड-माइल्स) और चंचल मार्गरेट (बोधी रे ब्रेथनाच) शामिल हैं। बेदखली के इस तनावपूर्ण दौर में एलिनॉर की मुलाकात एडवर्ड फेरार्स (जॉर्ज मैके) से होती है, जो उनकी चालाक रिश्तेदार फैनी (स्टेसी मार्टिन) का संकोची और दयालु भाई है। इन दोनों कलाकारों के शुरुआती दृश्य फिल्म के सबसे बेहतरीन पलों में शामिल हैं, जहां डेज़ी एडगर-जोन्स और जॉर्ज मैके के बीच एक कोमल और आत्मीय तालमेल दिखता है, और मैके अपने किरदार को कमजोर दिखाने के बजाय सिद्धांतवादी और वफादार साबित करते हैं।
डेवॉन के कॉटेज में नया ठिकाना और उलझते रिश्ते
संपत्ति गंवाने के बाद डैशवुड परिवार को अपनी हैसियत के मुताबिक डेवॉन के एक छोटे से कॉटेज में शरण लेनी पड़ती है। यहां मारिएन की जिंदगी में बेहद आकर्षक जॉन विलोबी (फ्रैंक डिलेन) का प्रवेश होता है, जिससे शांत और गंभीर कर्नल ब्रैंडन (हर्बर्ट नोर्ड्रम) के मन को गहरा आघात पहुंचता है। दृश्य संरचना के मामले में फिल्म बेहद लुभावनी लगती है। 35 एमएम फिल्म स्टॉक का उपयोग करके प्राकृतिक नजारों और परिवेश की बनावट को खूबसूरती से उभारा गया है, जहां बहनें वक्त बिताती हैं। लेकिन इस तकनीकी सुंदरता के बावजूद, फिल्म की सिनेमैटोग्राफी, वेशभूषा और प्रोडक्शन डिजाइन वर्ष 2005 की जो राइट निर्देशित 'प्राइड एंड प्रेजुडिस' से काफी ज्यादा प्रेरित दिखते हैं, साथ ही इसमें 'वुदरिंग हाइट्स' और 'फार फ्रॉम द मैडिंग क्राउड' की स्पष्ट झलक भी दिखाई देती है।
रोमांस के फेर में छूटा बहनों का आपसी रिश्ता
शुरुआत में ऑस्टिन के गंभीर सामाजिक सरोकारों को छूने के बाद, कहानी जल्द ही पारंपरिक रोमांस की ओर मुड़ जाती है, जो काफी घिसा-पिटा और हास्य से रहित महसूस होता है। डेज़ी एडगर-जोन्स अपने अभिनय से पूरी फिल्म को संभालने की भरसक कोशिश करती हैं, मगर प्यार को लेकर बिल्कुल अलग नजरिया रखने वाली दोनों बहनों का आपसी रिश्ता बेहद कमजोर रह जाता है। पटकथा में प्रेम प्रसंगों को ज्यादा विस्तार देने के चक्कर में इस अमर कहानी की असली धड़कन यानी बहनों का गहरा जुड़ाव कहीं पीछे छूट जाता है।



















