मिनटों में निकलेगा मवेशियों का पूरा दूध, पूसा में सामने आई इस आधुनिक मशीन से किसानों की बदलेगी तस्वीरव्यापार
3 घंटे पहले· 0

मिनटों में निकलेगा मवेशियों का पूरा दूध, पूसा में सामने आई इस आधुनिक मशीन से किसानों की बदलेगी तस्वीर

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में पेश की गई एक मशीन सिर्फ 5 से 6 मिनट में मवेशी का पूरा दूध सीधे ड्रम में निकाल देती है, जिससे डेयरी किसानों की मेहनत और लागत दोनों घटेंगी।

डेयरी किसानों की पुरानी मुश्किल

पशुपालन से जुड़े किसानों के लिए सबसे टेढ़ा काम यही रहा है कि मवेशियों का दूध कम समय में कैसे निकाला जाए। हाथ से दूध दुहने में घंटों खप जाते हैं और जो किसान बड़े स्तर पर डेयरी का कारोबार करते हैं, उन्हें इसके लिए अलग से मजदूर रखने पड़ते हैं। कई बार जब दूध निकालने में ही ज्यादा वक्त चला जाता है, तो पूरी उत्पादन प्रक्रिया ही पटरी से उतर जाती है। यही वजह है कि किसान लंबे अरसे से ऐसी किसी तरकीब का इंतजार कर रहे थे, जो उनकी मेहनत घटाकर इस काम को तेज और सहज बना दे।

पूसा में सामने आई आधुनिक मशीन

समस्तीपुर के डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में हुए एक कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने एक ऐसे ही आधुनिक उपकरण से किसानों को रूबरू कराया। उन्होंने बताया कि इस मशीन के जरिए महज 5 से 6 मिनट के अंदर मवेशी का सारा दूध सीधे ड्रम में जमा हो जाता है। यानी जिस काम में पहले काफी समय और मेहनत लगती थी, वह अब चंद मिनटों की बात रह जाएगी।

आसान भी, सुरक्षित भी

इस तकनीक की खास बात यह बताई गई कि यह सिर्फ समय ही नहीं बचाती, बल्कि दूध निकालने का पूरा तरीका पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान और आरामदेह बना देती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अब तक इस मशीन के इस्तेमाल से किसी तरह के नुकसान या दुष्प्रभाव की कोई बात सामने नहीं आई है और इसका प्रयोग सफलतापूर्वक किया जा चुका है।

उत्पादन और आमदनी दोनों पर असर

जानकारों का मानना है कि जब कम समय में बेहतर ढंग से दूध निकलेगा, तो उत्पादन क्षमता खुद-ब-खुद बढ़ेगी। इसका सीधा फायदा डेयरी कारोबार से जुड़े किसानों की जेब तक पहुंचेगा — उनकी मेहनत घटेगी और कमाई में इजाफा होगा। इससे जुड़े पिंकू कुमार ने बताया कि यह उपकरण खासकर उन किसानों के लिए वरदान साबित होगा, जो बड़े पैमाने पर पशुपालन और डेयरी का काम कर रहे हैं।

डेयरी सेक्टर में बड़े बदलाव की उम्मीद

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह तकनीक डेयरी क्षेत्र की सूरत बदल सकती है। इससे किसानों की कार्यक्षमता तो बढ़ेगी ही, लागत में भी कमी आएगी और उनकी आमदनी ऊपर जाने की पूरी उम्मीद है।

ट्रेंडकिया रिवॉर्ड्स

खबरें पढ़ें, असली रिवॉर्ड कमाएँ

हर लेख पढ़ने पर पॉइंट्स — ₹10,000 तक के गिफ्ट रिडीम करें। शामिल होना फ्री है।

फ्री रजिस्टर करें और कमाना शुरू करें
250मोबाइल रिचार्ज
12,500 · ≈ 12,500 रीड्स
कमाना शुरू करें
500गिफ्ट वाउचर
25,000 · ≈ 25,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
1,000गिफ्ट कार्ड
50,000 · ≈ 50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
2,000गिफ्ट कार्ड
1,00,000 · ≈ 1,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
3,000शॉपिंग वाउचर
1,50,000 · ≈ 1,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
5,000कैश / UPI
2,50,000 · ≈ 2,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम7,500कैश / UPI
3,75,000 · ≈ 3,75,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम10,000कैश / UPI
5,00,000 · ≈ 5,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम15,000मेगा कैश
7,50,000 · ≈ 7,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

नागरिक पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
नागरिक पत्रकारनागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार