कपड़ों के कारोबार से जुड़ी कंपनी कुसुमगर लिमिटेड के आईपीओ ने निवेशकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा किया। यह इश्यू बुधवार, 8 जुलाई को खुला और शुक्रवार, 10 जुलाई को बंद हुआ। बोली के आखिरी दिन तक इसे कुल 128.85 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था, जो बताता है कि हर एक उपलब्ध शेयर के लिए सवा सौ से ज्यादा गुना मांग रही। साल 1990 में शुरू हुई यह कंपनी बुने हुए, कोटेड और लैमिनेटेड सिंथेटिक फैब्रिक बनाती है, जिन्हें इंजीनियरर्ड फैब्रिक कहा जाता है।
किस कैटेगरी से कितनी मांग आई
एनएसई के आंकड़ों पर नजर डालें तो 650 करोड़ रुपये के इस आईपीओ में 1,14,68,094 शेयरों की तुलना में 1,47,76,17,435 शेयरों के लिए बोलियां लगीं। सबसे ज्यादा भरोसा बड़े संस्थागत निवेशकों ने दिखाया। QIB यानी पात्र संस्थागत खरीदारों के लिए तय हिस्से को रिकॉर्ड 284.10 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का कोटा 165.46 गुना भरा, जबकि खुदरा निवेशकों का हिस्सा 26.47 गुना सब्सक्राइब हुआ। इतना ही नहीं, इश्यू खुलने से पहले ही कंपनी एंकर निवेशकों से 193.9 करोड़ रुपये जुटा चुकी थी।
पूरा इश्यू ओएफएस पर टिका है
यहां एक अहम बात समझने वाली है। कुसुमगर लिमिटेड इस आईपीओ से 650 करोड़ रुपये जुटा रही है, लेकिन इसमें एक भी नया शेयर जारी नहीं किया जा रहा। यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) पर आधारित है, जिसका मतलब है कि कंपनी के प्रमोटर अपनी मौजूदा हिस्सेदारी बेच रहे हैं। इसका सीधा असर यह है कि जुटाई गई पूरी रकम शेयर बेचने वाले प्रमोटरों की जेब में जाएगी और मुंबई की इस कंपनी को इसमें से कुछ नहीं मिलेगा।
419 रुपये पर मिलेंगे शेयर
कंपनी ने प्रति शेयर 398 रुपये से 419 रुपये का प्राइस बैंड रखा था और अब निवेशकों को ऊपरी भाव यानी 419 रुपये पर शेयर आवंटित किए जाएंगे। अपने कर्मचारियों के लिए कंपनी ने खास रियायत रखी और उन्हें प्रत्येक शेयर पर 39 रुपये की छूट दी। इस इश्यू की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लग जाता है कि यह खुलने के पहले ही दिन, बुधवार को पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था।
ग्रे मार्केट में 38.66 प्रतिशत का प्रीमियम
लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में भी इस शेयर को लेकर गजब का जोश दिख रहा है। शनिवार को कुसुमगर लिमिटेड के शेयर 162 रुपये यानी करीब 38.66 प्रतिशत के मोटे जीएमपी पर कारोबार करते नजर आए। हालांकि निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि जीएमपी एक अनौपचारिक संकेत भर है और असल लिस्टिंग तक इसमें काफी उतार-चढ़ाव आ सकता है। कुसुमगर लिमिटेड के शेयर अगले हफ्ते 15 जुलाई को घरेलू बाजार के दोनों बड़े एक्सचेंजों बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध होंगे, जिसके बाद ही तय होगा कि यह भारी मांग असल मुनाफे में बदलती है या नहीं।











