खाद्य और खानपान उद्योग में बढ़ते अवसरों के बीच उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र में युवाओं और महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत की गई है। तेजी से बदलते खानपान के दौर में फास्ट फूड, पेस्ट्री, पैटीज, डोसा और पाव भाजी जैसी चीजों की भारी मांग देखने को मिल रही है। ऐसे माहौल में अपना रेस्टोरेंट, कैफे या बेकरी यूनिट शुरू करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए यह संस्थान पेशेवर कौशल सीखने का एक व्यवस्थित मंच उपलब्ध करा रहा है। उत्तर प्रदेश शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित इस केंद्र पर युवाओं को व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान देकर आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी की जा रही है।
पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दाखिला
पल्हेड़ा स्थित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र में दाखिले की प्रक्रिया पूरी तरह पहले आओ पहले पाओ के नियम पर आधारित रखी गई है। विशेषज्ञ प्रेमलता के अनुसार, जो भी इच्छुक अभ्यर्थी कुकरी या बेकरी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेना चाहते हैं, वे सीधे केंद्र पर पहुंचकर आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म को पूरी जानकारी के साथ भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा। आवेदन के साथ उम्मीदवारों को अपनी पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षिक प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र तथा जाति प्रमाण पत्र की प्रतियां संलग्न करनी होंगी। सभी कागजात पूरे होने पर ही प्रशिक्षण प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
पाठ्यक्रम की संरचना और व्यावहारिक ज्ञान
इस केंद्र पर मुख्य रूप से दो समयावधि के कोर्स संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 1 माह की अल्पकालिक ट्रेनिंग और 1 वर्ष का विस्तृत डिप्लोमा शामिल है। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को थ्योरी के साथ-साथ लैब में प्रैक्टिकल काम कराया जाता है, जिससे वे विभिन्न प्रकार के व्यंजन, बेकरी उत्पाद और कन्फेक्शनरी आइटम तैयार करने में पूरी तरह पारंगत हो सकें। कोर्स पूरा होने के बाद सभी प्रशिक्षुओं को आधिकारिक प्रमाणपत्र भी दिया जाता है। पूर्व में इस केंद्र से प्रशिक्षित कई युवा सफलतापूर्वक अपने बेकरी आउटलेट और रेस्टोरेंट संचालित कर रहे हैं।
व्यापारिक समझ और लाइसेंसिंग की पूरी जानकारी
केवल खाना बनाना सिखाने तक ही यह प्रशिक्षण सीमित नहीं है, बल्कि यहां प्रशिक्षुओं को मार्केटिंग और बिजनेस मैनेजमेंट के गुर भी सिखाए जाते हैं। संस्थान में कच्चा माल कहां से और किस भाव पर खरीदना है, तैयार माल की बिक्री कैसे करनी है और ग्राहकों तक पहुंच कैसे बनानी है, इसका पूरा ब्यौरा दिया जाता है। इसके अलावा खाद्य व्यवसाय शुरू करने के लिए जरूरी कानूनी प्रक्रियाएं, आवश्यक लाइसेंस हासिल करने के नियम और गुणवत्ता नियंत्रण के मानकों की भी विस्तृत जानकारी दी जाती है, ताकि युवा अपना काम शुरू करते समय किसी कानूनी अड़चन में न फंसें।
महिलाओं के लिए गृह उद्योग और आचार बनाने का प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं के लिए भी घर बैठे स्वरोजगार स्थापित करने का एक मजबूत जरिया बन रहा है। महिलाएं कुकरी से जुड़े विशेष मॉड्यूल में प्रवेश ले सकती हैं, जहां उन्हें पारंपरिक और आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण सिखाया जाता है। इस प्रशिक्षण के तहत विभिन्न किस्मों के अचार, आंवले का मुरब्बा, सेब का मुरब्बा, अलग-अलग तरह के सूप और सॉस बनाने की बारीकियां सिखाई जाती हैं। मेरठ शहर में कई ऐसे प्रतिष्ठित अचार निर्माता सक्रिय हैं, जिन्होंने इसी केंद्र से शुरुआती हुनर हासिल करके अपने ब्रांड को पहचान दिलाई है।
सीएम युवा उद्यमी विकास योजना से 5 लाख तक की वित्तीय मदद
प्रशिक्षण हासिल करने के बाद यदि कोई अभ्यर्थी वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण अपना उद्यम शुरू नहीं कर पा रहा है, तो उसके लिए सरकारी सहायता का भी प्रावधान है। संस्थान से कोर्स पूरा करने वाले युवा उत्तर प्रदेश सरकार की सीएम युवा उद्यमी विकास योजना का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत नए उद्यम की स्थापना के लिए अधिकतम ₹500000 तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता और इसके लिए किसी प्रकार की गारंटी की भी आवश्यकता नहीं होती, जिससे नए उद्यमियों को शुरुआती पूंजी जुटाने में बड़ी राहत मिलती है।



















