चंडीगढ़ के पॉश इलाके सेक्टर 42 में स्थित एक बहुचर्चित कोठी के स्वामित्व को लेकर चल रहा बरसों पुराना विवाद उस समय हिंसक मोड़ पर पहुंच गया, जब कब्जा लेने पहुंची एक महिला पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी गई। इस घटना में कोठी में मौजूद 67 वर्षीय वकील जेपीएस चड्ढा ने अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक से सीधे महिला के मुंह को निशाना बनाकर गोली चला दी। गोली लगते ही महिला लहूलुहान होकर मौके पर गिर पड़ी। आनन-फानन में पुलिस बल की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी स्थिति को बेहद नाजुक देखते हुए पीजीआई चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया। दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय निवासियों में डर का माहौल व्याप्त हो गया।
अदालत के आदेश पर कब्जा लेने पहुंची थीं राजिंदर कौर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद के केंद्र में सेक्टर 42 स्थित एक बहुमूल्य कोठी है, जिस पर लंबे समय से संपत्ति विवाद चला आ रहा था। इस संपत्ति पर आरोपी वकील जेपीएस चड्ढा का कब्जा था। पीड़ित महिला, जिनकी पहचान राजिंदर कौर के रूप में हुई है, अदालत से अपने पक्ष में फैसला आने के बाद कानूनी तौर पर कोठी का भौतिक कब्जा हासिल करने पहुंची थीं। इस दौरान कानूनी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के उद्देश्य से पुलिस की टीम भी मौके पर तैनात की गई थी। राजिंदर कौर के साथ तीन पुलिसकर्मी मौजूद थे, जो अदालती निर्देशों का पालन करवाते हुए कोठी खाली कराने और कब्जा दिलाने की आधिकारिक कार्रवाई को अंजाम दे रहे थे।
बहस के बाद वकील ने निकाली दोनाली बंदूक और चलाई गोली
कब्जा हस्तांतरण की प्रक्रिया जैसे ही आरंभ हुई, कोठी में रह रहे वकील जेपीएस चड्ढा और कब्जा लेने आई टीम के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आपा खो चुके जेपीएस चड्ढा अंदर से अपनी लाइसेंसी दोनाली बंदूक निकाल लाए। उन्होंने किसी की परवाह किए बिना सीधे राजिंदर कौर पर बंदूक तान दी और ट्रिगर दबा दिया। बंदूक से निकली गोली सीधे राजिंदर कौर के मुंह में जा लगी। गोली लगते ही वह चिल्लाते हुए जमीन पर गिर पड़ीं और मौके पर भारी मात्रा में खून बहने लगा। अचानक हुई इस गोलीबारी से वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घायल को पीजीआई चंडीगढ़ में कराया गया भर्ती, पुलिस ने इलाका किया सील
वारदात के तुरंत बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए गंभीर रूप से घायल राजिंदर कौर को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत चिंताजनक बताते हुए उन्हें तुरंत उच्च चिकित्सा केंद्र पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। उधर, घटना की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस के उच्चाधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर सील कर दिया। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया, जिन्होंने मौके से फिंगरप्रिंट और कारतूस के खोल एकत्र किए।
67 वर्षीय वकील गिरफ्तार, डीएसपी धीरज कुमार ने दी जानकारी
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी वकील जेपीएस चड्ढा को गिरफ्तार कर लिया है। चंडीगढ़ पुलिस के डीएसपी धीरज कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि 67 वर्षीय आरोपी जेपीएस चड्ढा को हिरासत में ले लिया गया है और वारदात में इस्तेमाल की गई उनकी लाइसेंसी दोनाली बंदूक को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। डीएसपी धीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि घटना से जुड़े तमाम पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट तथा चश्मदीदों के बयानों के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आरोपी के बेटे ध्रुवंश प्रताप सिंह चड्ढा ने किया आत्मरक्षा का दावा
दूसरी तरफ, इस पूरे मामले में आरोपी वकील के बेटे ध्रुवंश प्रताप सिंह चड्ढा ने अपने पिता के बचाव में बयान जारी किया है। ध्रुवंश प्रताप सिंह चड्ढा का दावा है कि उनके पिता ने यह कदम अचानक हुए हमले से बचने के लिए आत्मरक्षा में उठाया था। उनका कहना है कि घटना के वक्त उनके पिता को ऐसा प्रतीत हुआ कि लगभग 7 से 8 अज्ञात लोग उन पर जानलेवा हमला करने के इरादे से घुसे हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित संपत्ति पर कब्जा दिलाने का कोई स्पष्ट अदालती आदेश मौजूद नहीं था और पुलिस टीम दबाव में आकर एकतरफा कार्रवाई कर रही थी। हालांकि पुलिस प्रशासन ने इन दावों के बीच सभी साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की बात कही है।



















