गुरुग्राम के व्यस्त और प्रमुख गोल्फ कोर्स रोड पर एक महिला मोटरसाइकिल सवार को तेज रफ्तार कार से जानबूझकर टक्कर मारने का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर इस खतरनाक हादसे का वीडियो तेजी से वायरल होने और लोगों के आक्रोश के बाद, पीड़ित बाइकर सिया ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुग्राम पुलिस ने इस संबंध में एक एफआईआर दर्ज कर ली है और फरार कार चालक को गिरफ्तार करने के लिए तलाश तेज कर दी है।
कानूनी कार्रवाई और पीड़ित का रुख
इस हादसे के बाद पीड़ित बाइकर सिया, जो सोशल मीडिया पर rebelwheels_sia_ हैंडल चलाती हैं, ने अपने शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा करने के लिए इंस्टाग्राम का सहारा लिया। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर स्पष्ट किया कि वह अपनी प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए फिलहाल अपनी पहचान और चेहरा सार्वजनिक नहीं करना चाहती हैं। इसके साथ ही उन्होंने मीडिया चैनलों को इंटरव्यू देने से भी मना कर दिया है और कहा है कि उनके वकील के माध्यम से पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई है। गनीमत रही कि कार की इतनी तेज टक्कर के बाद भी सिया को कोई गंभीर चोट नहीं आई और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि, इस घटना से उनके परिवार और दोस्तों में गहरा रोष है। परिजनों का कहना है कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं थी, बल्कि जानबूझकर किया गया एक जानलेवा हमला था। पीड़ित परिवार ने आरोपी की इस बर्बरतापूर्ण हरकत पर कड़ा ऐतराज जताया है और न्याय की मांग की है।
पुलिस जांच और दर्ज मुकदमे का ब्यौरा
सोशल मीडिया पर इस दुर्घटना का वीडियो तेजी से प्रसारित होने के बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसका स्वतः संज्ञान लिया। सेक्टर 56 पुलिस थाने के सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) कुलदीप सिंह ने बताया कि यह घटना सेक्टर 55-56 रैपिड मेट्रो स्टेशन से लेकर घाटा पावर हाउस के बीच वाले मार्ग पर घटित हुई थी। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक सफेद रंग की मारुति सियाज कार, जिसका नंबर HR30Y4949 है, का चालक सड़क पर बेहद लापरवाही और खतरनाक तरीके से गाड़ी दौड़ा रहा था और उसने जानबूझकर महिला बाइकर को टक्कर मारी। इस वीडियो के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 और 281 के तहत मामला दर्ज किया है। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच अब मुख्य सिपाही नरेंद्र को सौंपी गई है, जो घटनास्थल के आसपास के सबूत जुटा रहे हैं।
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की छापेमारी
पुलिस जांच जैसे ही आगे बढ़ी और कार के नंबर की जांच की गई, तो इस मामले में एक नया और हैरान करने वाला खुलासा हुआ। पुलिस जब गाड़ी के पंजीकृत मालिक मनीष तक पहुंची, तो उन्होंने इस घटना में अपनी संलिप्तता से इनकार किया। मनीष ने पुलिस अधिकारियों को बताया कि कार भले ही उनके नाम पर दर्ज है, लेकिन हादसे के समय वे इसे नहीं चला रहे थे। उन्होंने खुलासा किया कि घटना से दो दिन पहले उनके दोस्त कल्याण सिंह ने उनसे यह कार उधार ली थी। मनीष के अनुसार, वे अपने निजी काम में व्यस्त थे और उन्हें इस भयानक हादसे की जानकारी सोमवार सुबह ही मिली। जब उन्होंने अपने दोस्त कल्याण सिंह से इस बारे में बात करने की कोशिश की, तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला। कल्याण सिंह इस समय पुलिस से बचने के लिए फरार है, और पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

















