ओपनएआई के एक नए और अभी तक सार्वजनिक रूप से सामने न आए मॉडल को लेकर तकनीकी हलकों में चर्चाएं गर्म हैं। इस कथित मॉडल का नाम जीपीटी-6 सोल बताया जा रहा है, जिसे कंपनी के फ्लैगशिप मॉडल जीपीटी-6 एस्ट्रा के नीचे एक रोजमर्रा के उपयोग वाले विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, ओपनएआई की तरफ से इस मॉडल के अस्तित्व, उसकी खूबियों, कीमत या लॉन्च की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
कथित मॉडल और उसकी विशेषताएं
सामने आ रही रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मॉडल को आंतरिक परीक्षण के दौर से गुजर रहा बताया जा रहा है और यह तकनीकी कार्यों में तेजी से प्रतिक्रिया देने में सक्षम है। सोशल मीडिया और डेवलपर कम्युनिटी में साझा की गई जानकारियों के मुताबिक, इस मॉडल ने एक जीरो-शॉट थ्री-डी सिटी टास्क को मात्र 15 मिनट में 60,000 टोकन के साथ पूरा किया है। इसके अलावा, एक अन्य अनपुष्ट दावे में लगभग 3 मिनट के भीतर 28,000 टोकन का उपयोग करके बीएमडब्ल्यू एम4 कॉम्पिटिशन एसवीजी तैयार करने की बात भी कही गई है।
परिवार संरचना और अन्य मॉडल
इस चर्चा के बीच जीपीटी-5.6 से जुड़े परिवार ढांचे को आगे बढ़ाने की बात भी सामने आ रही है। कम्युनिटी चर्चाओं में सोल के अलावा टेरा और लूना जैसे नामों का जिक्र भी मिलता है, जिन्हें जीपीटी-6 के संभावित टियर के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इन सभी कड़ियों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक दस्तावेज या पुख्ता सबूत सामने नहीं आया है। ओपनएआई डेवलपर कम्युनिटी के सदस्यों द्वारा इन संकेतों को एपीआई और एरेना से जोड़ा जा रहा है, लेकिन वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
उपयोग और तकनीकी क्षमताएं
कहा जा रहा है कि यह मॉडल उन उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक उपयोगी हो सकता है जिन्हें बार-बार कोडिंग, रिसर्च और नियमित कार्य करने होते हैं। फ्लैगशिप मॉडल एस्ट्रा जहां अधिक जटिल और भारी एजेंट कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है, वहीं सोल को गति और लागत नियंत्रण के संतुलन के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। हालांकि, इस बात को लेकर भी अलग-अलग दावे हैं कि क्या यह गति के साथ-साथ गुणवत्ता के मामले में एस्ट्रा की बराबरी कर पाएगा या नहीं।
प्लेटफॉर्म और उपलब्धता की स्थिति
फिलहाल इस मॉडल तक पहुंचने का कोई आधिकारिक और सार्वजनिक रास्ता नहीं है। कुछ डेवलपर्स का दावा है कि एपीआई में जीपीटी-6-सोल का नाम देखा गया है, लेकिन इससे जुड़े रिस्पॉन्स कोड अलग-अलग तरह के संकेत देते हैं। जानकारों का सुझाव है कि उपयोगकर्ताओं को अनधिकृत लिंक्स या स्क्रीनशॉट पर भरोसा करने के बजाय केवल ओपनएआई के आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स का ही उपयोग करना चाहिए।



















