रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित थ्री डी फैक्ट्री में ऑक्सीजन सिलेंडर के अचानक फट जाने से एक भीषण धमाका हुआ। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी आवाज लगभग आधा किलोमीटर दूर तक साफ सुनी गई। इस हृदयविदारक हादसे में तीन लोगों की असमय मृत्यु हो गई, जिनमें से दो मृतक मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के निवासी थे। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों के शरीर के अवशेष करीब 200 मीटर दूर तक जा गिरे।
हादसे का मंजर और अफरा-तफरी
घटना शाम करीब 7 बजे की है, जब अचानक हुए इस विस्फोट ने पूरे फैक्ट्री परिसर को हिलाकर रख दिया। हादसे के बाद वहां भगदड़ मच गई और आसपास के निवासियों में दहशत फैल गई। घायलों को उपचार के लिए ले जाते समय उनमें से एक ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इस घटना के विरोध में फैक्ट्री में काम करने वाले अन्य मजदूर मुख्य द्वार पर एकत्र हो गए और भीतर जाने की जिद करते हुए जमकर हंगामा किया।
मजदूरों ने खोली सुरक्षा दावों की पोल
वहां काम करने वाले एक श्रमिक ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह और उसका भाई भी इसी फैक्ट्री का हिस्सा हैं। उसने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि प्रबंधन की ओर से न तो जूते दिए जाते हैं और न ही हेलमेट। यदि कुछ सुरक्षा उपकरण मांगे भी जाते हैं, तो प्रबंधन बदले में वेतन से पैसे काटने की धमकी देता है। उन्होंने साफ कहा कि यहां सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है।
प्रशासनिक कार्यवाही और जांच
नॉर्थ जोन के डीसीपी मयंक गुर्जर ने स्पष्ट किया कि यह दुर्घटना उरला पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाली '3D' आयरन-प्रोसेसिंग कंपनी में घटी है। फर्नेस के निकट रखे ऑक्सीजन सिलेंडर में अचानक ब्लास्ट हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। वहां मौजूद अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल एफएसएल टीम की जांच का इंतजार किया जा रहा है, ताकि तथ्यों की वैज्ञानिक पुष्टि हो सके। डीसीपी ने आश्वासन दिया कि मौतों के कारणों और सुरक्षा खामियों की गहन जांच की जाएगी और जल्द ही सटीक आंकड़ों के साथ विस्तृत जानकारी दी जाएगी। वर्तमान में आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया है और एसडीआरएफ की टीम ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर स्थिति को संभाला है।











