भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड दौरा किसी सिरदर्द से कम नहीं दिख रहा है। आयरलैंड में सीरीज गंवाने के बाद अब यूके के इस दौरे में टीम इंडिया एक भी मैच नहीं जीत पाई है और मंगलवार को इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से पहले प्लेइंग इलेवन में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है, जिसमें लेग स्पिनर रवि बिश्नोई की जगह एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज को टीम में शामिल किया जा सकता है।
नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुआई में भारतीय टीम ने अब तक खेले चार में से तीन मुकाबले गंवाए हैं, जिसमें आयरलैंड के खिलाफ 0-2 से मिली शर्मनाक सीरीज हार भी शामिल है। यही वजह है कि हर मैच से पहले टीम प्रबंधन पर संयोजन बदलने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
बिश्नोई की गेंदबाजी पर उठे सवाल
रवि बिश्नोई का दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में प्रदर्शन भारत को भारी पड़ा था। उन्होंने उस मैच में तीन बैक-फुट नो बॉल फेंकी और एक ओवर में 29 रन लुटाए। मैनचेस्टर में हुए इस मुकाबले में बिश्नोई अपने पूरे स्पेल में एक भी विकेट नहीं ले सके और 60 रन दे बैठे, जिससे साफ दिखा कि वह लय से पूरी तरह बाहर हैं। इसके बाद से ही यह सवाल उठने लगा था कि जब अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती पहले से ही टीम में मौजूद थे, तब क्या ओल्ड ट्रैफर्ड की परिस्थितियों में तीसरे विशेषज्ञ स्पिनर को खिलाना जरूरी था। ट्रेंट ब्रिज में अब बिश्नोई के इस मैच में उतरने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। हाल ही में संपन्न इंडियन प्रीमियर लीग सीजन में भी उनकी फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा था, जिससे उनके फॉर्म को लेकर चिंता और गहरी हो गई है।
प्रसिद्ध कृष्णा की जगह प्रिंस यादव को मौका?
ट्रेंट ब्रिज के रिकॉर्ड और यहां की पिच की प्रकृति को देखते हुए माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन प्लेइंग इलेवन में एक अतिरिक्त तेज गेंदबाज को उतार सकता है। इस दौड़ में प्रिंस यादव, प्रसिद्ध कृष्णा से आगे नजर आ रहे हैं। प्रिंस यादव हवा में और सतह से गेंद को स्विंग कराने की क्षमता रखते हैं, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा की स्वाभाविक बैक ऑफ द लेंथ गेंदें टी20 प्रारूप में बल्लेबाजों के लिए मारना अपेक्षाकृत आसान होती हैं। पिछले मुकाबले में अर्शदीप सिंह ने तीन विकेट झटके थे, जिसमें उनके शुरुआती ओवर में ही दो विकेट शामिल थे, लेकिन खुद अर्शदीप भी यह मानेंगे कि इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रुक ने उनके एक ओवर में जो 27 रन बटोरे थे, वही मेजबान टीम के लिए एक ओवर शेष रहते 191 रन के लक्ष्य तक पहुंचने की बड़ी वजह बना।
सूर्यवंशी और अभिषेक से पलटवार की उम्मीद
सीरीज का यह तीसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय दिन-रात का मुकाबला होगा और ट्रेंट ब्रिज की पिच बल्लेबाजी के लिहाज से अच्छी मानी जा रही है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी अपने प्रशंसकों को रोमांचित कर सकते हैं, वहीं फॉर्म में चल रहे अभिषेक शर्मा से भी बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी। पिछले छह महीनों में आईपीएल समेत करीब 90 प्रतिशत मुकाबले सपाट पिचों पर खेलने के बाद भारतीय बल्लेबाजी क्रम को अतिरिक्त उछाल, सतह से मिलने वाली हल्की मूवमेंट और सैम करन जैसे गेंदबाजों की गति में किए जाने वाले बदलावों से तालमेल बिठाने में दिक्कत हो रही है। कप्तान अय्यर और नंबर तीन पर उतर रहे ईशान किशन ने कुछ रन जरूर बनाए हैं, लेकिन वे खुद भी स्वीकार करेंगे कि वे अब तक इंग्लिश गेंदबाजी आक्रमण पर ठीक तरह से हावी नहीं हो पाए हैं। तिलक वर्मा ने पिछले मैच में एक अच्छी पारी खेली थी, लेकिन इसकी बड़ी वजह जोफ्रा आर्चर की तेज गेंदों में मिली गति रही, जिसका इस्तेमाल वह कर पाए। इसके उलट, मध्य ओवरों में धीमे गेंदबाजों और सैम करन ने वर्मा को बांधे रखा है।
पिछले दोनों मैचों में भारत ने लगभग बराबर स्कोर खड़े किए थे, चेस्टर ले स्ट्रीट में 189 और ओल्ड ट्रैफर्ड में 190 रन, लेकिन दोनों ही मौकों पर ऐसा लगा कि टीम अपने असल स्कोर से 25 से 30 रन कम पर सिमट गई। इन दोनों पारियों में सिर्फ अभिषेक शर्मा ही अपनी मूल रणनीति पर टिके नजर आए, उन्होंने 24 गेंदों में क्रमशः 59 और 43 रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी के लिए अब पदार्पण हो चुका है और वह इंग्लिश आक्रमण पर आक्रामक अंदाज में टूट पड़ना चाहेंगे। दूसरी ओर इंग्लैंड के स्पिनर लियाम डॉसन, विल जैक्स और आदिल राशिद गेंद की रफ्तार धीमी रखकर बल्लेबाजों को उलझाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि टी20 विश्व कप की शुरुआत के बाद से फॉर्म में गिरावट झेल रहे वरुण चक्रवर्ती गेंद को काफी तेज गति से डाल रहे हैं। भारत ने आखिरी बार 2022 में ट्रेंट ब्रिज पर कोई टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेला था, उस दौर में सूर्यकुमार यादव इस प्रारूप में शानदार फॉर्म में थे। हालांकि उनका वह यादगार 48 गेंदों में शतक भी उस दिन भारत को जीत नहीं दिला सका था।
दोनों टीमों के स्क्वॉड
भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, प्रसिद्ध कृष्णा, सूर्यांश शेडगे, वाशिंगटन सुंदर।
इंग्लैंड: हैरी ब्रुक (कप्तान), फिल साल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, सैम करन, विल जैक्स, जोफ्रा आर्चर, लियाम डॉसन, आदिल राशिद, जोश टोंग, जॉर्डन कॉक्स, सन्नी बेकर, ल्यूक वुड, साकिब महमूद, रेहान अहमद, जेम्स कोल्स।











