अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा ने महज 30 गेंदों में शतक जमा दिया। इस रिकॉर्डतोड़ पारी के बाद उन्होंने टीम के प्रदर्शन और खिलाड़ियों की फॉर्म पर सवाल उठाने वालों को सीधा संदेश दिया। अभिषेक ने ड्रेसिंग रूम की सकारात्मकता और टीम की दीर्घकालिक रणनीति पर जोर देते हुए कहा कि कुछ सीमित मैचों के आधार पर खिलाड़ियों की क्षमता को लेकर राय नहीं बनाई जानी चाहिए।
ड्रेसिंग रूम की एकजुटता और आलोचकों को जवाब
लगातार क्रिकेट के दौर में जब भी कोई खिलाड़ी या टीम एक-दो सीरीज में अपेक्षा के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाती, तो बाहर कई तरह की बहस छिड़ जाती है। अभिषेक शर्मा ने इसी विषय पर बात करते हुए जोर दिया कि टीम पिछले दो साल से अपनी तय योजना के तहत खेल रही है। मैच के बाद उन्होंने कहा,
“मैंने पहले भी कहा है कि हम ऐसा पिछले दो साल से कर रहे हैं और एकाध खराब सीरीज से हमारा आकलन नहीं हो सकता।”
अभिषेक का मानना है कि किसी भी क्रिकेटर के करियर में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक प्रक्रिया है। व्यक्तिगत स्कोर से कहीं अधिक महत्वपूर्ण यह होता है कि पूरी टीम एक इकाई के रूप में किस दिशा में सोच रही है। उनका साफ कहना था कि जब टीम के सभी सदस्य मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का साथ देते हैं, तभी मैदान पर ऐसी धमाकेदार पारियां निकलकर सामने आती हैं।
मैदान पर आक्रामकता और पूरे साल दबदबा बनाने का लक्ष्य
अभिषेक ने स्पष्ट किया कि विरोधी खेमे में चाहे कोई भी टीम खड़ी हो, भारतीय दल का प्राथमिक उद्देश्य पूरे साल अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखना है। रक्षात्मक रुख अपनाने के बजाय टीम लगातार निडर और आक्रामक क्रिकेट खेलने के अपने सिद्धांत पर टिकी हुई है।
क्रिकेट में हर मुकाबले में जीत हासिल करना संभव नहीं होता, लेकिन टीम का विजन स्पष्ट है। अभिषेक के मुताबिक व्यक्तिगत असफलताएं खिलाड़ियों को अधिक परिपक्व बनाती हैं। कठिन हालात से निकलकर आगे बढ़ने की यह सामूहिक भूख ही भारतीय टीम को लगातार बड़ी जीत दर्ज करने की ताकत देती है।
34 गेंदों में 108 रन का तूफान और 3-0 से सीरीज पर कब्जा
तीसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने विरोधी गेंदबाजी क्रम की बखिया उधेड़ते हुए कुल 34 गेंदों पर 108 रन बनाए। इस विध्वंसक पारी में उनके बल्ले से 11 छक्के और 9 चौके निकले। 30 गेंदों में सैकड़ा पूरा करते ही वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज शतक लगाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए। यह इस सबसे छोटे अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में उनका तीसरा शतक भी है।
अभिषेक की इस पारी और नितीश रेड्डी सहित अन्य साथियों के योगदान से भारत ने सात विकेट के नुकसान पर 221 रनों का भारी भरकम स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में उतरी अफगानिस्तान की टीम मुकाबले में टिक नहीं सकी और उसे 127 रनों की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी, जो टी20 में उसकी सबसे बड़ी हार है। श्रेयस की कप्तानी वाली इस भारतीय टीम ने इस शानदार जीत के साथ तीन मैचों की टी20 सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली।



















