क्रिकेट के मैदान पर विस्फोटक बल्लेबाजी करने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन मैदान से बाहर अपने खुशमिजाज और मजाकिया स्वभाव के लिए पहचाने जाते हैं। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के मंच पर जब एंकर ने उनसे अफगान खिलाड़ियों की सबसे बड़ी खासियत के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने माइक संभालते ही बेहद खास अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने अफगान खिलाड़ियों के बोलने के लहजे की नकल करते हुए सबसे पहले 'बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम' कहा, जिसके बाद सभागार में मौजूद तमाम लोग ठहाके लगाकर हंस पड़े।
अफगान खिलाड़ियों के साथ मैदान और ड्रेसिंग रूम का अनुभव
हंसी मजाक के माहौल के बीच ईशान किशन ने अफगान क्रिकेटरों के साथ अपने तालमेल और खेल के अनुभवों पर खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अफगानिस्तान के खिलाफ मैदान में उतरना हमेशा एक सुखद और रोमांचक अनुभव रहता है। भारतीय टीम के कई खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग यानी IPL में इन खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा कर चुके हैं, जिससे दोनों देशों के क्रिकेटरों के बीच काफी गहरी समझ और दोस्ताना रिश्ते बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि अफगान क्रिकेटर बहुत शानदार इंसान हैं और उनके खेल के तरीके से हमेशा कुछ नया सीखने को मिलता है।
मुंबई इंडियंस में नबी से मिली मदद और टीम का जुझारूपन
ईशान किशन ने खास तौर पर मुंबई इंडियंस में अपने पूर्व साथी खिलाड़ी मोहम्मद नबी का जिक्र किया। किशन के मुताबिक, बैटिंग सेशन के दौरान नबी ने उनकी तकनीक और अप्रोच को बेहतर बनाने में बहुत सहयोग दिया था। अलग अलग गेंदबाजों की रणनीति को भांपने और उनके खिलाफ योजना तैयार करने में नबी अपनी राय खुलकर साझा करते थे। ईशान ने अफगान टीम की सबसे बड़ी ताकत उनकी जीत की भूख और मैदान पर दिखने वाले दृढ़ संकल्प को बताया। किशन ने रेखांकित किया कि जब भी अफगान टीम मुकाबले के लिए उतरती है, तो उनके खेल में विकेट चटकाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष टीमों को कड़ी चुनौती देने की जबरदस्त ललक साफ दिखाई देती है।
फ्रेंडशिप ट्रॉफी में टीम इंडिया का दबदबा
इस बीच मैदान पर भारतीय टीम का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है और टीम ने तीन मुकाबलों की इस द्विपक्षीय सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। शुरुआती दोनों मुकाबलों में भारत ने बड़े अंतर से आसान जीत दर्ज की, जिससे फ्रेंडशिप ट्रॉफी पर भारत का कब्जा पक्का हो चुका है। खुद ईशान किशन बल्ले से अच्छी लय में दिखे हैं, हालांकि वह दोनों ही मैचों में अपने अर्धशतक पूरा करने से चूक गए। उन्होंने पहले मैच में 42 रन की पारी खेली थी, जबकि दूसरे मैच में 38 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे थे। अब सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला 17 सितंबर को निर्धारित है, जहां अफगान टीम सीरीज में क्लीन स्वीप से बचकर अपनी साख बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।



















