भारतीय क्रिकेट टीम के बांग्लादेश दौरे को लेकर संशय के बादल एक बार फिर मंडराने लगे हैं। सितंबर महीने की शुरुआत में प्रस्तावित इस अहम द्विपक्षीय सीरीज के शुरू होने में महज दो हफ्ते का समय बचा है, लेकिन दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड्स के बीच शेड्यूल को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। हाल ही में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष और पूर्व कप्तान तमीम इकबाल के नए बयान ने इस दौरे के समय पर आयोजित होने पर सवालिया निशान लगा दिया है। दोनों पड़ोसी देशों के बीच खेल संबंधों को दोबारा पटरी पर लाने की कोशिशों के बीच इस ताजा घटनाक्रम ने क्रिकेट प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है।
घरेलू जूनियर टूर्नामेंट की घोषणा से शेड्यूल में टकराव
ढाका में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के प्रमुख तमीम इकबाल ने घरेलू स्तर पर अंडर-एज गेम डेवलपमेंट ट्रॉफी आयोजित करने का निर्णय लिया। इस नए टूर्नामेंट की तिथियां 28 अगस्त से 9 सितंबर के बीच तय की गई हैं और सभी मुकाबले मीरपुर स्थित शेर-ए-बांग्ला नेशनल स्टेडियम में खेले जाने हैं। क्योंकि भारतीय टीम का दौरा 3 सितंबर से तीन वनडे मैचों की श्रृंखला के साथ शुरू होना प्रस्तावित था, इसलिए दोनों आयोजनों के मैच स्थल और तारीखें आपस में टकरा रही हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान जब मीडिया प्रतिनिधियों ने इस टकराव के आधार पर भारतीय टीम के आगमन पर सवाल पूछा, तो बीसीबी अध्यक्ष ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि दोनों बोर्ड इस श्रृंखला के संबंध में निरंतर संपर्क में हैं। उन्होंने बताया कि तारीखों में हल्का संशोधन संभव है। तमीम इकबाल के अनुसार, यह टूर्नामेंट मीरपुर में रखा गया है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इसे बसुंधरा ग्राउंड में स्थानांतरित करने में समय नहीं लगेगा। उन्होंने जोर देकर कहा, "यदि भारत के साथ सीरीज पक्की हो जाती है, तो हम उसी अनुसार अपना शेड्यूल बदल लेंगे।"
पिछला दौरा रद्द होने और नए घटनाक्रम की पृष्ठभूमि
दोनों देशों के बीच क्रिकेट द्विपक्षीय संबंधों में पिछले एक साल से उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। भारतीय टीम को पिछले वर्ष अगस्त में बांग्लादेश की यात्रा करनी थी, परंतु उस समय वहां के विषम राजनीतिक माहौल और सुरक्षा चिंताओं के कारण भारत ने अपनी टीम भेजने से मना कर दिया था। इसके बाद बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन हुआ और तमीम इकबाल के बोर्ड अध्यक्ष बनने के बाद दोनों क्रिकेट संस्थाओं के बीच संवाद पुनः स्थापित हुआ था।
इसी वर्ष जनवरी में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने घोषणा की थी कि भारत ढाका और चटगांव में तीन वनडे और तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेलेगा। हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की तरफ से इस दौरे को लेकर कभी कोई औपचारिक या आधिकारिक पुष्टि जारी नहीं की गई थी। इसके बावजूद क्रिकेट फैंस को उम्मीद थी कि सितंबर में यह श्रृंखला आयोजित हो सकेगी।
मुस्ताफिजुर रहमान विवाद और कूटनीतिक कड़वाहट का असर
दोनों देशों के क्रिकेट रिश्तों में कड़वाहट की जड़ें पिछले घटनाक्रमों से जुड़ी हैं। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक नागरिकों के खिलाफ हुई हिंसा के बाद भारत में व्यापक जनआक्रोश देखने को मिला था। सामाजिक माध्यमों पर बांग्लादेशी खिलाड़ियों के भारत में खेलने का विरोध शुरू हो गया। इसके बाद भारत सरकार के निर्देशानुसार बीसीसीआई और आईपीएल गवर्निंग काउंसिल ने कदम उठाते हुए कोलकाता नाइटराइडर्स की टीम को अपने खिलाड़ी मुस्ताफिजुर रहमान को बाहर करने का निर्देश दिया।
इस कदम के जवाब में तत्कालीन अमीनुल इस्लाम के नेतृत्व वाले बीसीबी ने भारत की सह-मेजबानी में आयोजित टी-20 विश्व कप के लिए अपनी राष्ट्रीय टीम को भारत भेजने से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि, बाद में बीसीबी की कमान संभालने के बाद तमीम इकबाल ने भारत का दौरा किया और बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का अवलोकन भी किया था, जिससे संबंधों में सुधार की उम्मीद जगी थी। फिलहाल, दोनों बोर्ड्स के बीच वार्ता जारी है और अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।



















