वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मैच में भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल ने नाबाद 129 रनों की बेहतरीन शतकीय पारी खेली, लेकिन उनकी यह व्यक्तिगत उपलब्धि टीम इंडिया को पराजय से नहीं बचा सकी। इस मुकाबले के बाद अपने विचार साझा करते हुए राहुल ने स्वीकार किया कि व्यक्तिगत तौर पर मैदान पर लंबा समय बिताने और शतक जड़ने से उनका मनोबल जरूर बढ़ा है, लेकिन पूरी टीम इस बात से निराश है कि वह मुकाबला जीतकर सीरीज में क्लीन स्वीप करने का मौका गंवा बैठी।
सीरीज में क्लीन स्वीप चूकने का मलाल
तीसरे एकदिवसीय मुकाबले के समाप्त होने पर जियो स्टार से बात करते हुए केएल राहुल ने कहा कि 129 रन बनाने का संतोष अपनी जगह है, लेकिन मैच में पराजय मिलना और विपक्षी टीम का पूरी तरह सफाया न कर पाना बेहद अखरता है। राहुल के मुताबिक, उनके लिए क्रीज पर पर्याप्त समय गुजारना बेहद आवश्यक हो गया था। दरअसल, जनवरी महीने में न्यूजीलैंड के विरुद्ध खेले गए मुकाबले के बाद से उन्हें पचास ओवर के प्रारूप में कोई बड़ी और लंबी पारी खेलने का अवसर नहीं मिल सका था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले साल अक्टूबर में प्रस्तावित विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से यह बल्लेबाजी काफी महत्वपूर्ण थी, जिससे अभ्यास सत्रों में सीखी गई नई तकनीकों और रणनीतियों को वास्तविक मैच परिस्थितियों में आजमाया जा सके।
विश्व कप 2027 की तैयारी और 400 रनों का लक्ष्य
साल 2027 के वनडे विश्व कप की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए केएल राहुल ने खुलासा किया कि भारतीय टीम इन द्विपक्षीय सीरीज का उपयोग नए खिलाड़ियों को परखने के लिए कर रही है। राहुल का मानना है कि आधुनिक एकदिवसीय क्रिकेट में केवल 330 या 340 रन बना लेना जीत की गारंटी नहीं देता, क्योंकि इतने बड़े स्कोर भी आसानी से चेज हो रहे हैं। इसी कारण बल्लेबाजों की प्राथमिकता यह बन चुकी है कि क्रीज पर एक बार आंखें जम जाने के बाद आक्रामक रुख अपनाकर स्कोर को 370 से 400 रन के पार पहुंचाया जाए।
मध्यक्रम के दायित्वों को रेखांकित करते हुए राहुल ने समझाया कि मध्यक्रम में आने वाले बल्लेबाजों का मुख्य काम मैदान पर उतरते ही तेजी से रन गति बढ़ाना और लगातार स्ट्राइक रोटेट करते रहना है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल जैसे प्रमुख तथा अनुभवी खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आजमाने का शानदार अवसर मिला है, ताकि आने वाले विश्व कप के लिए एक बेहद मजबूत और संतुलित टीम तैयार की जा सके।
तीसरे वनडे मुकाबले का लेखा-जोखा
इस तीसरे एकदिवसीय मुकाबले की बात करें तो पहले बैटिंग करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 351 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया था। इस पारी में केएल राहुल ने नाबाद रहते हुए 129 रन बनाए, जिसमें उनके बल्ले से 10 चौके और 6 छक्के निकले। उनके अलावा कप्तान रोहित शर्मा ने भी 85 गेंदों का सामना करते हुए 92 रनों का उम्दा योगदान दिया था। इसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम ने आक्रामक और संयमित खेल दिखाते हुए 48.4 ओवरों में 5 विकेट खोकर 352 रन बनाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। कैरेबियाई टीम की इस शानदार जीत के सूत्रधार उनके कप्तान शाई होप रहे, जिन्होंने 143 गेंदों पर 162 रनों की शतकीय और मैच जिताऊ पारी खेली।



















