पारंपरिक क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में सेंचुरी लगाना किसी भी बल्लेबाज के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जाता है, मगर कुछ असाधारण खिलाड़ी इस मुकाम को पार करते ही एक विशाल स्कोर खड़ा कर देते हैं। अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मुकाबले के इतिहास में ऐसे चुनिंदा मौके आए हैं जब किसी खिलाड़ी ने अपने करियर का पहला सैकड़ा पूरा करते ही उसे तीन सौ के पार पहुंचा दिया। करीब सात दशकों के अंतराल में दुनिया भर के अनगिनत दिग्गजों में से केवल तीन ऐसे बल्लेबाज हुए हैं, जिन्होंने अपनी पहली टेस्ट सेंचुरी को ट्रिपल सेंचुरी के विशाल स्कोर में रूपांतरित किया। इस खास रिकॉर्ड बुक में कैरेबियाई दिग्गज सर गारफील्ड सोबर्स, ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बॉब सिम्पसन तथा भारत के करुण नायर का नाम दर्ज है।
किंग्स्टन में सर गारफील्ड सोबर्स का बेमिसाल वर्ल्ड रिकॉर्ड
इस अद्भुत उपलब्धि की शुरुआत वेस्टइंडीज के सर्वकालिक महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स के बल्ले से हुई थी। साल 1958 में 26 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ किंग्स्टन में शुरू हुए मुकाबले के दौरान उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की अद्भुत कला का मुजाहिरा किया। उस मुकाबले में युवा सोबर्स ने जब अपनी पहली टेस्ट सेंचुरी मुकम्मल की, तो वह वहीं नहीं रुके बल्कि विपक्षी गेंदबाजों को थकाते हुए 365 रनों की नाबाद पारी खेल डाली।
उनकी यह मैराथन 365 रनों की नाबाद पारी टेस्ट इतिहास में किसी भी खिलाड़ी द्वारा बनाए गए सर्वोच्च पहले शतक का कीर्तिमान बन गई, जो छह दशक से भी अधिक समय बीत जाने के बाद आज तक कायम है। अपनी इस लंबी पारी के दौरान कैरेबियाई धुरंधर ने चारों तरफ कलात्मक स्ट्रोक लगाते हुए 38 चौके जमाए, जबकि इस विशालकाय पारी के दौरान उनके बल्ले से एक भी छक्का नहीं निकला था।
मैनचेस्टर में बॉब सिम्पसन का धैर्य और शानदार तिहरा शतक
इस विशिष्ट सूची में दूसरा नाम दर्ज कराने वाले खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान बॉब सिम्पसन हैं। 23 जुलाई 1964 को इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर के मैदान पर खेले गए मुकाबले में उन्होंने क्रीज पर अद्भुत एकाग्रता का परिचय दिया था। ऑस्ट्रेलियाई पारी की शुरुआत करने उतरे सिम्पसन ने पहले अपने करियर की पहली सेंचुरी पूरी की और फिर बिना विचलित हुए उसे एक विशाल व्यक्तिगत स्कोर में बदल दिया।
एशेज शृंखला के इस यादगार मैच में उन्होंने कुल 311 रन बनाए, जो उनकी पहली टेस्ट सेंचुरी के तौर पर दर्ज हुआ। विरोधी गेंदबाजी आक्रमण के सामने घंटों डटे रहकर उन्होंने अपनी इस पारी को संवारा था। सिम्पसन ने अपनी इस 311 रनों की पारी में 34 चौके और 1 छक्का जमाया था, जिसने उनकी टीम को उस मुकाबले में बेहद मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया।
चेन्नई में करुण नायर की ऐतिहासिक नाबाद 303 रनों की पारी
भारतीय क्रिकेट के दृष्टिकोण से यह दुर्लभ उपलब्धि 16 दिसंबर 2016 को देखने को मिली, जब चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने थीं। अपने करियर के शुरुआती चरण में खेल रहे युवा बल्लेबाज करुण नायर ने उस मैच में असाधारण बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। इंग्लैंड के गेंदबाजों की रणनीतियों को नाकाम करते हुए नायर ने जब अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय सेंचुरी बनाई, तो उन्होंने रफ्तार कम नहीं की और तेजी से रन बटोरते हुए स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया।
नायर ने नाबाद 303 रनों की जोरदार पारी खेली और अपने पहले ही शतक को सीधे तिहरे शतक में तब्दील कर डाला। इस कारनामे के साथ वह वीरेंद्र सहवाग के बाद टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक जड़ने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज भी बने। अपनी इस आक्रामक और ऐतिहासिक 303 रनों की नाबाद पारी के दौरान भारतीय बल्लेबाज ने 32 चौके और 4 छक्के उड़ाए थे।



















