भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही टी20 सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज कर ली है, लेकिन गेंदबाजी इकाई का प्रदर्शन उम्मीद के स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। खासकर, चार साल लंबे अंतराल के बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के लिए ये दोनों मैच बेहद चुनौतीपूर्ण रहे हैं। उन्होंने शुरुआती दो मुकाबलों में कुल 8 ओवरों की गेंदबाजी की और इस दौरान 99 रन खर्च कर दिए, जबकि उनके हाथ केवल एक ही सफलता लगी। इस लचर प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने खुलकर भुवनेश्वर कुमार का समर्थन किया है और उनका हौसला बढ़ाया है। मोर्केल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भुवी को किसी भी तरह के मानसिक दबाव में आने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उन्हें अपने प्राकृतिक खेल पर पूरा ध्यान देना चाहिए।
चार साल बाद वापसी और उम्मीदों का भारी दबाव
गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने इस बात का जिक्र किया कि भुवनेश्वर कुमार के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से बुरा महसूस होता है, क्योंकि चार साल बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में कमबैक करने के कारण उन पर अत्यधिक उम्मीदों का भारी बोझ है। हालांकि उन्होंने हालिया इंडियन प्रीमियर लीग में बेहद शानदार प्रदर्शन किया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का स्तर और माहौल पूरी तरह अलग होता है जहां एक छोटी सी गलती के लिए भी कोई गुंजाइश नहीं बचती है। भुवी को अपने दिमाग से इस अनावश्यक दबाव को पूरी तरह से बाहर निकाल देना चाहिए, क्योंकि इतने लंबे समय बाद वापसी के बाद उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुकूल खुद को ढालने और पर्याप्त ट्रेनिंग करने का समय भी नहीं मिल पाया है।
अनुभव की कमी नहीं, पिछले परिणामों को भूलना होगा
मोर्ने मोर्कल ने आगे कहा कि इस बात में कोई दो राय नहीं है कि भुवनेश्वर कुमार के पास कौशल और तजुर्बे की कोई कमी नहीं है, लेकिन क्रिकेट खेल की गरिमा का सम्मान करते हुए हमें पिछले नतीजों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना होगा। टीम के भीतर अपनी जगह को मजबूती से स्थापित करने के लिए उन्हें अभी कुछ और मौके दिए जाने की जरूरत है। मैंने उन्हें पहले ही दिन से यही बात समझाई है कि उन्हें किसी भी बात से घबराने या किसी चीज के पीछे भागने की कोई जरूरत नहीं है। उन्हें केवल अपनी स्वाभाविक गेंदबाजी पर फोकस करना चाहिए और कुछ भी नया करने का प्रयास करने से बचना चाहिए। उन पर थोड़ा दबाव जरूर बना हुआ है, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि वह हर आने वाले मैच के साथ अपने प्रदर्शन में सुधार करेंगे और अपनी पुरानी लय हासिल कर लेंगे। उन्हें बाहर की आलोचनाओं और लोगों की बातों पर बिल्कुल भी ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है।
आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए किया था कमाल
छत्तीस साल के भुवनेश्वर कुमार ने हाल ही में साल 2025 और 2026 के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को चैंपियन बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने आईपीएल 2026 के कुल 16 मैचों में घातक गेंदबाजी करते हुए 28 विकेट अपने नाम किए थे। हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ चल रही मौजूदा टी20 सीरीज के शुरुआती दोनों मैचों में उनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है। पहले मैच में उन्होंने 4 ओवर की गेंदबाजी में बिना कोई विकेट चटकाए 49 रन दिए थे और दूसरे मुकाबले में 50 रन खर्च कर केवल 1 विकेट हासिल किया था।

















