भारतीय क्रिकेट टीम के न्यूजीलैंड दौरे से पहले रेड बॉल क्रिकेट में दावेदारी तेज हो गई है। न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए खिलाड़ियों के चयन को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं, और इसी बीच घरेलू और ए टीम स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने वाले युवा खिलाड़ियों ने अपनी छाप छोड़ना शुरू कर दिया है। मुख्य टीम की सीरीज से पहले भारत की ए टीम न्यूजीलैंड दौरे पर है और वहां मेजबान टीम के खिलाफ अनाधिकारिक टेस्ट मुकाबले खेल रही है। इस दौरे के पहले मैच की शुरुआत में भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआती झटके जरूर लगे थे और पहली पारी में टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था, लेकिन खिलाड़ियों ने दूसरी पारी में दमदार वापसी करते हुए मैच का रुख बदलने में सफलता हासिल की। इस मुकाबले के दौरान बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने अपने शानदार फॉर्म का परिचय देते हुए एक यादगार पारी खेली, जिससे टेस्ट स्क्वाड में उनके चयन की संभावनाओं को नया बल मिला है।
देवदत्त पडिक्कल की मैराथन पारी और दोहरा शतक चूकने का मलाल
मैच के दौरान देवदत्त पडिक्कल ने अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने न्यूजीलैंड ए के गेंदबाजों के खिलाफ शानदार तकनीक और संयम दिखाते हुए 199 रनों की मैराथन पारी खेली। अपनी इस बेहतरीन पारी के दौरान उन्होंने कुल 248 गेंदों का सामना किया और मैदान के चारों ओर शॉट लगाते हुए 24 चौके और 3 छक्के जड़े। वह महज़ एक रन से अपने दोहरे शतक से चूक गए और अंपायर के आउट देने के फैसले पर उनकी निराशा भी साफ नजर आई, जिसके बाद उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा। हालांकि उनका दोहरा शतक पूरा नहीं हो सका, लेकिन उनकी इस लाजवाब और लंबी पारी ने टेस्ट सीरीज के संभावित स्क्वाड के लिए उनकी दावेदारी को बेहद मजबूत कर दिया है। चयनकर्ताओं की नजरें इस पारी पर जरूर टिकी होंगी क्योंकि कठिन परिस्थितियों में इस तरह का टिककर खेलना खिलाड़ी की परिपक्वता को दर्शाता है।
साई सुदर्शन के साथ प्लेइंग इलेवन की जंग और आंकड़ों की तुलना
आगामी टेस्ट सीरीज के दौरान प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए मुख्य रूप से साई सुदर्शन और देवदत्त पडिक्कल के बीच मुकाबला माना जा रहा है। इस अनाधिकारिक टेस्ट मैच में साई सुदर्शन ने भी अच्छी बल्लेबाजी का मुजायरा पेश किया और 184 गेंदों का सामना करते हुए 91 रन बनाए, जिसमें 12 चौके शामिल थे। उन्होंने टीम के बड़े स्कोर में अपना अहम योगदान दिया, लेकिन जब दोनों खिलाड़ियों के बीच तुलना की जाएगी तो देवदत्त पडिक्कल की 199 रनों की पारी उन्हें स्पष्ट रूप से आगे खड़ा करती नजर आएगी। चयन प्रक्रिया में इस तरह की बड़ी पारियों का बहुत अधिक महत्व होता है, और साई सुदर्शन के लिए इस बड़े अंतर को पाटना थोड़ा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
साई सुदर्शन का अब तक का प्रदर्शन और आगे की चुनौतियां
आईपीएल में गुजरात टाइटंस की ओर से खेलने वाले साई सुदर्शन को जब शुभमन गिल को टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई थी, तभी टीम में खेलने के कई मौके मिले थे। हालांकि, वे अंतरराष्ट्रीय टेस्ट स्तर पर अब तक अपनी उपयोगिता साबित करने में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाए हैं और बड़ी पारियां खेलने में विफल रहे हैं। न्यूजीलैंड ए के खिलाफ इस मौजूदा सीरीज में अभी दो और अनाधिकारिक मैच खेले जाने बाकी हैं, और उन मुकाबलों में दोनों ही बल्लेबाजों का प्रदर्शन काफी कुछ तय करेगा। सीरीज के बाकी मैचों में जो खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन करेगा, उसे ही अंतिम एकादश में प्राथमिकता मिलने की पूरी उम्मीद है, लेकिन फिलहाल देवदत्त पडिक्कल ने इस रेस में साई सुदर्शन पर बढ़त बना ली है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के मुकाबलों को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं, जिसमें भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीसरे टी20 मुकाबले की तारीख और वेन्यू में बदलाव को लेकर अपडेट सामने आए हैं। इसके अलावा टीम संयोजन को लेकर भी लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं, जैसा कि हाल ही में ईशान किशन के चोटिल होकर बाहर होने के बाद वैभव सूर्यवंशी को मौका मिलने की संभावना पर चर्चा हो रही है।

















