भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने न्यूजीलैंड दौरे पर खेले जा रहे मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया है। लिंकन में चल रहे पहले अनऑफिशियल टेस्ट मैच के तीसरे दिन वह अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर दोहरे शतक के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन महज 1 रन के फासले से वह इस मुकाम को हासिल नहीं कर सके। जैक गिब्सन की एक गेंद पर विकेटकीपर मिचेल हे ने उनका कैच लपका, जिससे उनकी शानदार पारी 199 रन पर ही समाप्त हो गई। आउट होने के बाद पडिक्कल काफी हैरान नजर आए और उन्होंने मैदान से बाहर जाते समय बल्ले और गेंद के बीच किसी भी तरह के संपर्क न होने का इशारा भी किया।
डीआरएस के अभाव में नहीं मिला फैसला पलटने का मौका
मैच के इस अहम मोड़ पर अंपायर के फैसले के खिलाफ जाने का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं था। इस सीरीज में डीआरएस तकनीक की सुविधा नहीं रखी गई थी, जिसके चलते खिलाड़ी मैदानी अंपायर के निर्णय को चुनौती नहीं दे सके। पडिक्कल ने अपनी इस मैराथन पारी के दौरान 248 गेंदों का सामना किया और मैदान पर चौकों-छक्कों की बरसात कर दी। उन्होंने अपनी पारी में कुल 24 शानदार चौके और 3 गगनचुंबी छक्के जड़े। हालांकि टीम के लिए लगभग दो सौ रन बनाने की उपलब्धि हासिल करने के बावजूद, दोहरे शतक तक न पहुंच पाने की कसक उनके चेहरे पर साफ झलक रही थी।
इंडिया ए की खराब शुरुआत के बाद शानदार वापसी
इस मुकाबले में इंडिया ए की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही थी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम अपनी पहली पारी में मात्र 113 रन पर ही सिमट गई थी। उस शुरुआती संघर्ष के दौरान यश राठौड़ ने नाबाद 44 रन बनाए थे, जबकि पडिक्कल के बल्ले से केवल 32 रन ही निकल पाए थे। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड ए ने अपनी पहली पारी में 317 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया और 204 रन की बड़ी बढ़त हासिल कर ली। न्यूजीलैंड की तरफ से कप्तान राइस मारियू ने 76 रन और डीन फॉक्सक्रॉफ्ट ने 51 रनों का अहम योगदान दिया था।
मुश्किल समय में हुई पडिक्कल और सुदर्शन की साझेदारी
पहली पारी के आधार पर 204 रन से पिछड़ने के बाद जब टीम दूसरी पारी में उतरी तो शुरुआत एक बार फिर लड़खड़ा गई। पारी की शुरुआत करने आए केएल राहुल 4 रन और यशस्वी जायसवाल 5 रन बनाकर सस्ते में पवेलियन लौट गए। महज़ 10 रन के स्कोर पर दो विकेट गिर जाने के बाद देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 215 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने टीम को संकट से बाहर निकाला। सुदर्शन ने 184 गेंदों का सामना करते हुए 91 रन बनाए, जिसमें 12 चौके शामिल रहे। कप्तान ध्रुव जुरेल भी सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन पडिक्कल ने यश राठौड़ के साथ मिलकर मोर्चा संभाले रखा और स्कोर को आगे बढ़ाया।
आगामी टेस्ट सीरीज के लिए तेज हुई दावेदारी
इस बड़ी पारी के बाद भारतीय टेस्ट टीम की प्लेइंग XI में जगह बनाने के लिए देवदत्त पडिक्कल ने अपनी दावेदारी को बेहद मजबूत कर लिया है। श्रीलंका के खिलाफ खेली गई पिछली सीरीज में लगातार दो शतक जड़ने के बाद से ही वह टीम में अपनी जगह पक्की करने की दौड़ में आगे चल रहे थे। न्यूजीलैंड ए के खिलाफ खेली गई 199 रन की इस मैराथन पारी ने चयनकर्ताओं के सामने उनकी अहमियत और बढ़ा दी है। दूसरी ओर, साई सुदर्शन ने भी 91 रन की पारी खेलकर अपनी उपयोगिता साबित की है, हालांकि वह चोट की वजह से श्रीलंका के खिलाफ सीरीज का हिस्सा नहीं बन सके थे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी टेस्ट मुकाबलों की अंतिम एकादश में किसे मौका मिलता है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले मुकाबलों का शेड्यूल
भारत और न्यूजीलैंड के बीच आगामी नवंबर महीने में दो मैचों की रोमांचक टेस्ट सीरीज खेली जानी है। इस सीरीज का पहला मुकाबला 19 नवंबर से वेलिंग्टन के ऐतिहासिक बेसिन रिजर्व मैदान पर आयोजित किया जाएगा। इसके बाद दोनों टीमें क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल मैदान पर रुख करेंगी, जहां 27 नवंबर से दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच खेला जाएगा। इन मुकाबलों से पहले इस अनऑफिशियल टेस्ट में खिलाड़ियों का प्रदर्शन चयन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है।
















