भारतीय टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने आगामी वनडे वर्ल्ड कप टीम में अपने चयन की संभावनाओं को लेकर किसी भी तरह की लंबी-चौड़ी योजना बनाने से साफ इनकार कर दिया है। भुवी का मानना है कि इस समय उनका पूरा ध्यान केवल मैदान पर उतरकर अच्छा प्रदर्शन करने पर है, न कि आने वाले कल के बारे में कयास लगाने में। जब भुवनेश्वर कुमार से यह सवाल किया गया कि क्या घरेलू क्रिकेट और आईपीएल जैसे व्हाइट-बॉल मुकाबलों में उनके हालिया खेल के आधार पर उन्हें वनडे वर्ल्ड कप 2027 की टीम में जगह मिल सकती है, तो उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में दो टूक अंदाज में कहा कि मुझे खेलना है, मैं खेल रहा हूं और इसके बाद क्या होगा, इस बात का अंदाजा मैं नहीं लगा सकता। आपको बता दें कि भुवनेश्वर कुमार ने आखिरी बार साल 2022 में भारत के लिए मैच खेला था और तब से लेकर अब तक उन्हें राष्ट्रीय टीम में खेलने का अवसर नहीं मिला है।
उत्तर प्रदेश टी20 लीग में लखनऊ फाल्कन्स की कमान संभालेंगे भुवी
उत्तर प्रदेश टी20 लीग के चौथे सीजन का आगाज 14 अगस्त से होने जा रहा है, जिसमें यह तेज गेंदबाज लखनऊ फाल्कन्स टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी निभाते हुए नजर आएंगे। कुल 24 दिनों तक चलने वाले इस यूपीटी20 सीजन 4 के दौरान कुल 34 मुकाबले खेले जाएंगे और यह इतिहास में पहली बार होगा जब इस टूर्नामेंट का आयोजन दो अलग-अलग शहरों में किया जाएगा। टूर्नामेंट के शुरुआती चरण की शुरुआत लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी एकाना क्रिकेट स्टेडियम से होगी, जहां शुरुआती 13 दिनों के भीतर कुल 22 मैच खेले जाएंगे। इसके बाद बाकी बचे हुए मुकाबले कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में शिफ्ट हो जाएंगे, जहां अगले 11 दिनों के अंदर शेष 12 मैच खेले जाएंगे।
युवा खिलाड़ियों के लिए बेहतरीन मंच है राज्य स्तरीय टी20 लीग
भुवनेश्वर कुमार के लिए यह टूर्नामेंट केवल मैदान पर अपना शत-प्रतिशत योगदान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के तमाम युवा क्रिकेटर्स को अत्यधिक प्रतिस्पर्धी माहौल की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करने का भी एक सुनहरा मौका है। भुवनेश्वर इस लीग के पहले सीजन से ही इसका हिस्सा बने हुए हैं और उनका यह दृढ़ विश्वास है कि यह टूर्नामेंट लगातार और अधिक मजबूत हुआ है। उनका मानना है कि यह उन सभी उभरते खिलाड़ियों के लिए एक बेहद अहम पायदान साबित हो सकता है जो आगे चलकर आईपीएल और अंततः राष्ट्रीय टीम यानी भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की करना चाहते हैं।
घरेलू क्रिकेट में सकारात्मक बदलाव ला रहा है लीग का दौर
इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह इस लीग का चौथा साल चल रहा है और हम हर साल इसमें एक बेहतरीन सुधार देख रहे हैं। यह सुधार खिलाड़ियों के भीतर की काबिलियत में भी है, यूपीसीए की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं में भी है और उनके काम करने के तौर-तरीकों में भी नजर आता है। उन्हें पूरा भरोसा है कि इसका भविष्य काफी उज्जवल है और आज के समय में देश के सिर्फ यूपीसीए में ही नहीं बल्कि लगभग हर राज्य में इस तरह की टी20 लीग का आयोजन हो रहा है। यह अनुभवी तेज गेंदबाज देश भर में उभर रही इन राज्य स्तरीय टी20 लीगों को घरेलू क्रिकेट की दुनिया में एक बहुत ही सकारात्मक बदलाव के रूप में देखता है। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि निस्संदेह इन लीगों का एक बहुत अच्छा भविष्य है और यह सभी खिलाड़ियों के सामने एक बहुत बड़ा मंच पेश करती हैं। अगर खिलाड़ी इन मुकाबलों में शानदार खेल दिखाते हैं, तो उन्हें आगे चलकर आईपीएल और भारतीय टीम की तरफ से खेलने का मौका मिल सकता है, जिससे यह उनके लिए एक शानदार अवसर बन जाता है।
मानसिक रूप से तैयार रहने पर है लखनऊ फाल्कन्स का पूरा जोर
अपनी टीम की तैयारियों के बारे में बात करते हुए भुवनेश्वर ने स्पष्ट किया कि इस समय लखनऊ फाल्कन्स कैंप का पूरा ध्यान मैदान की बहुत ज्यादा लंबी-चौड़ी और जटिल रणनीतियों पर कम है, बल्कि इस बात पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है कि खिलाड़ी जब मैदान पर उतरें तो वे मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार और सहज महसूस करें। तेज गेंदबाज ने कहा कि फिलहाल टूर्नामेंट की शुरुआत नहीं हुई है और इस समय सिर्फ अभ्यास सत्र चल रहे हैं। मैदान पर उतरने से पहले कुछ रणनीति और प्लानिंग तो हमेशा ही होती है, लेकिन सबसे ज्यादा जरूरी बात यह होती है कि आप मुकाबले में किस तरह से उतरते हैं और आपकी मानसिक स्थिति कैसी है। भुवनेश्वर के ऊपर इस दौरान एक कप्तान और एक सीनियर खिलाड़ी दोनों की दोहरी जिम्मेदारी कंधों पर होगी। उनके लिए टीम के अंदर एक सही और सकारात्मक माहौल तैयार करना भी उतना ही अहम है जितनी कि कोई रणनीतिक तैयारी। उन्होंने अपनी बात को समाप्त करते हुए कहा कि एक कप्तान और मार्गदर्शक के तौर पर उनका मुख्य मकसद यही रहता है कि वे खिलाड़ियों को एक अच्छा, खुशहाल और पूरी तरह सहज माहौल दे सकें और उनकी पूरी कोशिश इसी दिशा में रहती है।



















