टीम इंडिया के लिए श्रेयस अय्यर की कप्तानी अब तक जीत का स्वाद नहीं चखा पाई है. इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी20 इंटरनेशनल मैच में भारत को 9 विकेट से करारी हार मिली और इसी के साथ पांच मैचों की सीरीज भी हाथ से निकल गई. ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले गए इस मुकाबले को जीतकर इंग्लैंड ने सीरीज पर 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है, यानी अब बाकी बचे मैच के नतीजे से भी सीरीज का रुख नहीं बदल सकता. भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 12 साल में पहली बार किसी द्विपक्षीय टी20 सीरीज में शिकस्त झेलनी पड़ी है, जो टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका है.
सॉल्ट-ब्रूक की आंधी के आगे अय्यर की पारी भी नाकाफी
कप्तान श्रेयस अय्यर ने मुश्किल हालात में शानदार जिम्मेदारी दिखाते हुए 49 गेंदों पर नाबाद 80 रन बनाए और टीम को 158/7 के स्कोर तक पहुंचाया. लेकिन यह स्कोर भी इंग्लैंड की आतिशी बल्लेबाजी के आगे नाकाफी साबित हुआ. जवाब में फिल सॉल्ट और हैरी ब्रूक ने ऐसी बल्लेबाजी की कि भारतीय गेंदबाज पूरे मैच में असहाय नजर आए और एक बार भी वापसी की गुंजाइश नहीं बन पाई. दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए नाबाद 146 रन की साझेदारी करते हुए सिर्फ 13.5 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया. यह पहला मौका है जब इंग्लैंड ने दो या इससे ज्यादा मैचों की द्विपक्षीय टी20 सीरीज में भारत को शिकस्त दी है, जो बताता है कि यह सीरीज कितनी एकतरफा रही है.
टॉप ऑर्डर फिर फ्लॉप, अय्यर ने संभाला मोर्चा
भारत की शुरुआत एक बार फिर निराशाजनक रही. युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी सिर्फ 15 रन बनाकर आउट हुए, वहीं अभिषेक शर्मा 16 रन और ईशान किशन महज 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए. सातवें ओवर तक टीम का स्कोर 48/3 हो चुका था. यह लगातार तीसरा मैच था जब भारत का टॉप ऑर्डर बुरी तरह नाकाम रहा और टीम पावरप्ले के ओवरों में ही दबाव में आ गई. ऐसे नाजुक मौके पर कप्तान श्रेयस अय्यर ने कमान संभाली और पारी को बिखरने से बचाया. उन्होंने शिवम दुबे के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 53 रन की अहम साझेदारी की, जिसमें शिवम दुबे ने 22 रन का योगदान दिया. अय्यर आखिर तक क्रीज पर डटे रहे और अकेले दम पर टीम को एक सम्मानजनक स्कोर तक ले गए.
इंग्लैंड के गेंदबाजों की अनुशासित लाइन-लेंथ
इंग्लैंड के गेंदबाजों ने पूरे मैच में अनुशासित गेंदबाजी की और भारत के मध्यक्रम को कभी खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया. जोफ्रा आर्चर ने चार ओवर में सिर्फ 20 रन देकर दो विकेट चटकाए, जबकि जोश टंग ने भी दो बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा. विल जैक्स और आदिल राशिद के खाते में एक-एक विकेट आया. सैम करन को भले ही कोई विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 24 रन देकर भारत की रन गति पर लगाम कसे रखी और आसान चौके नहीं लगने दिए.
आखिरी ओवरों में अय्यर का आक्रामक रुख
पारी के आखिरी ओवरों में श्रेयस अय्यर ने आक्रामक तेवर दिखाए ताकि स्कोर को और आगे बढ़ाया जा सके. 18वें ओवर में उन्होंने आदिल राशिद पर लगातार दो छक्के और एक चौका जड़कर 20 रन बटोर लिए, जिससे लग रहा था कि भारत 170 रन के पार पहुंच सकता है. लेकिन 19वें ओवर में सैम करन ने सिर्फ चार रन देकर इस उम्मीद पर पानी फेर दिया. आखिरी ओवर में जोफ्रा आर्चर ने वॉशिंगटन सुंदर को महज 5 रन पर आउट किया और अक्षर पटेल को रन आउट कर दिया, जो सिर्फ 1 रन बना सके थे. इस तरह इंग्लैंड के गेंदबाजों ने अय्यर की मेहनती पारी का असर उस बड़े स्कोर में तब्दील नहीं होने दिया, जिसकी भारत को सख्त जरूरत थी.
अय्यर के नाम कई बड़े आंकड़े
श्रेयस अय्यर ने 49 गेंदों पर नाबाद 80 रन की पारी में चार चौके और पांच छक्के जड़े, जो कप्तानी संभालने के बाद उनकी सबसे अहम पारियों में से एक कही जा सकती है. इस पारी के दौरान उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर में 50 छक्कों का आंकड़ा पार कर लिया और अब उनके नाम कुल 51 छक्के दर्ज हो गए हैं. यह उनके टी20 करियर का 10वां अर्धशतक भी रहा. अय्यर अब तक 57 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 1307 रन बना चुके हैं. इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए 10 मैचों में उनके बल्ले से 339 रन निकले हैं, और यह इंग्लैंड के खिलाफ उनका तीसरा अर्धशतक है. विदेशी धरती पर यह उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर का भी तीसरा अर्धशतक है, जो उनकी लगातार बढ़ती निरंतरता को दिखाता है.
भारतीय गेंदबाजी भी रही बेअसर
भारत के लिए इकलौता विकेट अर्शदीप सिंह के नाम रहा, जिन्होंने जोस बटलर को विकेटकीपर ईशान किशन के हाथों कैच कराया. बटलर सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हुए. अर्शदीप को छोड़कर बाकी सभी भारतीय गेंदबाज इंग्लैंड के फॉर्म में चल रहे बल्लेबाजों के सामने बेबस दिखे. वॉशिंगटन सुंदर ने 19 की इकॉनमी रेट से रन लुटाए, तो शिवम दुबे ने अपने एक ओवर में ही 15 रन दे डाले. अक्षर पटेल भी दो ओवर में 24 रन देकर महंगे साबित हुए. हालांकि प्रसिद्ध कृष्णा ने तीन ओवर में 26 रन और प्रिंस यादव ने तीन ओवर में 28 रन देकर अपेक्षाकृत किफायती गेंदबाजी की, लेकिन सॉल्ट और ब्रूक की लय पर लगाम कसने में वे भी नाकाम रहे.
सूर्यवंशी का संघर्ष लगातार तीसरे मैच में जारी
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का संघर्ष इस मैच में भी थमा नहीं. उन्होंने 15 रन बनाए और लगातार तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में बड़ी पारी खेलने से चूक गए. इससे पहले वह अपने पहले दो मुकाबलों में क्रमशः 14 और 13 रन ही बना पाए थे. तीन मैचों के बाद उनके नाम कुल 42 रन दर्ज हैं, उनका औसत 14 का है जबकि स्ट्राइक रेट 168 का रहा है. इन तीन पारियों में उन्होंने एक चौका और पांच छक्के लगाए हैं, जो बताता है कि उनका इरादा आक्रामक रहा भले ही बड़ी पारी अभी नहीं आई है.
आगे की राह: 11 जुलाई को आखिरी मुकाबला
भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि लगातार दूसरी बार टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभाग एक ही दिन पूरी तरह फ्लॉप साबित हुए. दूसरी ओर इंग्लैंड ने हर विभाग में दमदार प्रदर्शन करते हुए साबित कर दिया कि इस सीरीज में उसका दबदबा किसी एक खिलाड़ी पर नहीं बल्कि पूरी टीम पर टिका है. अब दोनों टीमें सीरीज के आखिरी और पांचवें मुकाबले के लिए 11 जुलाई को आमने-सामने होंगी. भारत की कोशिश कम से कम एक जीत के साथ सीरीज से विदा लेने की होगी, हालांकि सीरीज पहले ही इंग्लैंड की झोली में जा चुकी है.











