भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने इंग्लैंड के खिलाफ चल रही टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज के चौथे मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी से इतिहास रच दिया है। ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड पर खेले गए इस अहम मैच में, अय्यर ने न केवल मुश्किल परिस्थितियों में संयम दिखाया, बल्कि टीम को एक प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाने में भी नेतृत्वकारी भूमिका निभाई। दबाव के क्षणों में उनकी 80 रनों की यह पारी भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद यादगार बन गई है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने इंग्लैंड के विरुद्ध टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बतौर भारतीय कप्तान सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने के मामले में विराट कोहली की बराबरी कर ली है। इससे पहले विराट कोहली ने 20 मार्च 2021 को इंग्लैंड के खिलाफ बतौर कप्तान 80 रनों का आंकड़ा छुआ था।
मैदान पर अय्यर ने आक्रामकता और सतर्कता का बेहतरीन मिश्रण पेश किया। उन्होंने अपनी 80 रनों की पारी के लिए 49 गेंदों का सामना किया, जिसमें 4 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उनकी इसी बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत भारत निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 158 रन बनाने में सफल रहा। उनकी तकनीक ने प्रशंसकों और खेल विशेषज्ञों को काफी प्रभावित किया है, क्योंकि उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों का डटकर सामना किया।
इंग्लैंड की सरजमीं पर नया भारतीय कीर्तिमान
ब्रिस्टल में अपनी 80 रन की पारी के साथ, श्रेयस अय्यर ने इस द्विपक्षीय टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में अपने कुल रनों की संख्या को 190 तक पहुंचा दिया है। इसके साथ ही, वह इंग्लैंड में किसी भी द्विपक्षीय टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में भारत के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने सूर्यकुमार यादव के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है, जिन्होंने साल 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में कुल 171 रन बनाए थे। अय्यर का प्रदर्शन निरंतरता का एक बड़ा उदाहरण पेश करता है।
विश्व क्रिकेट में अनोखा कीर्तिमान
श्रेयस अय्यर ने न केवल भारतीय रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया, बल्कि वे वैश्विक स्तर पर भी एक अनूठा कीर्तिमान स्थापित करने में सफल रहे हैं। वह इंग्लैंड में खेली गई किसी भी द्विपक्षीय टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में दो बार 50 या उससे अधिक रन (50+ स्कोर) बनाने वाले दुनिया के पहले कप्तान बन गए हैं। यह उपलब्धि दर्शाती है कि विदेशी परिस्थितियों में भी अय्यर अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी कौशल से किस तरह छाप छोड़ने में सक्षम हैं। इससे पहले कोई भी अन्य अंतरराष्ट्रीय कप्तान इंग्लैंड में आयोजित द्विपक्षीय टी20 सीरीज के दौरान दो अर्धशतक जड़ने का कमाल नहीं कर पाया था।











