इंडियन प्रीमियर लीग की सबसे सफल टीमों में शुमार चेन्नई सुपर किंग्स के नए मुख्य कोच के रूप में पदभार संभालते ही पूर्व भारतीय दिग्गज तेज गेंदबाज जहीर खान पूरी तरह सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। जिम्मेदारी मिलने के तुरंत बाद उन्होंने टीम के तेज गेंदबाजों के साथ मैदान पर समय बिताया और आगामी रणनीतियों पर चर्चा शुरू कर दी। इस शुरुआती सत्र में उनके साथ खलील अहमद और गुरजपनीत सिंह नजर आए, जिससे यह तीन बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों का एक अहम संवाद सत्र बन गया। लंबे समय तक मुख्य कोच रहे स्टीफन फ्लेमिंग के हटने के बाद फ्रेंचाइजी का यह नया कोचिंग अध्याय शुरू हुआ है।
स्टीफन फ्लेमिंग के 18 साल के दौर के बाद नई शुरुआत
स्टीफन फ्लेमिंग आईपीएल के पहले सीजन यानी 2008 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए बतौर सलामी बल्लेबाज खेले थे। उसके बाद 2009 से उन्होंने लगातार 18 वर्षों तक टीम के मुख्य कोच की भूमिका निभाई। बीते महीने इंग्लैंड की टेस्ट टीम का मुख्य कोच बनने के बाद उन्होंने पांच बार की चैंपियन फ्रेंचाइजी को अलविदा कह दिया था। इस बदलाव के बाद टीम प्रबंधन एक अनुभवी भारतीय चेहरे को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपना चाहता था। टीम की क्रिकेट प्रबंधन समिति में शामिल एमएस धोनी, कप्तान रुतुराज गायकवाड़ और फ्रेंचाइजी की मालिक रूपा गुरुनाथ ने सर्वसम्मति से भारतीय रणनीतिकार पर भरोसा जताया, जिसके बाद जहीर खान के नाम पर मुहर लगी।
जहीर खान का विशाल अनुभव और कोचिंग रिकॉर्ड
जल्द ही 48 वर्ष के होने जा रहे जहीर खान के पास अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट का अपार अनुभव है। भारत के लिए खेलते हुए उन्होंने 92 टेस्ट मैच, 200 एकदिवसीय मुकाबले और 17 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। साल 2011 के आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक खिताबी जीत में उनकी केंद्रीय भूमिका रही थी, जहां वह 21 विकेट चटकाकर टीम के सबसे सफल गेंदबाज बने थे। कोचिंग और मेंटरशिप के स्तर पर भी उनका करियर बेहद प्रभावशाली रहा है। वह 2024 के सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स के मेंटर पद पर रहे थे, जबकि उससे पहले वह एक लंबे अरसे तक मुंबई इंडियंस के कोचिंग और सहयोगी दल का अहम हिस्सा रहे थे।
पिछले सीजन की नाकामी और वापसी की चुनौती
चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल 2026 का अभियान उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा था। पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम निरंतरता के लिए जूझती रही। खेले गए कुल 14 लीग मैचों में से टीम सिर्फ छह मुकाबले जीतने में कामयाब रही, जबकि आठ मुकाबलों में उसे करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था। हालांकि एक दौर ऐसा भी आया था जब टीम प्लेऑफ की दौड़ में गणितीय रूप से बनी हुई थी, लेकिन अंत में समीकरण पक्ष में न रहने के कारण सफर लीग चरण में ही समाप्त हो गया। ऐसे में नए मुख्य कोच के सामने टीम को दोबारा विजेता लय में लौटाने की बड़ी चुनौती होगी।
25 सितंबर को वार्षिक आम बैठक और जांच के मुद्दे
मैदान पर नई शुरुआत के समानांतर चेन्नई सुपर किंग्स के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की एक महत्वपूर्ण बैठक भी होने जा रही है। फ्रेंचाइजी से जुड़े भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग जैसे गंभीर आरोपों की पृष्ठभूमि में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 25 सितंबर को अपनी वार्षिक आम बैठक यानी एजीएम बुलाई है। इस बैठक में उन सभी मामलों और दावों की पड़ताल की जाएगी, जिनमें फ्रेंचाइजी के एक खिलाड़ी का नाम सामने आया था। तहलका वेबसाइट के एक हालिया खुलासे में दावा किया गया था कि टीम का एक खिलाड़ी दिल्ली के एक पूर्व फर्स्ट-क्लास खिलाड़ी को गोपनीय सूचनाएं साझा कर रहा था। छह प्रथम श्रेणी मैच खेल चुके उस पूर्व खिलाड़ी ने एक अंडरकवर रिपोर्टर के सामने स्वीकार किया था कि उसने 2025 सीजन के एक मैच की जानकारी लंदन के सट्टेबाजों को 60 लाख रुपये में बेची थी और इस पूरे नेटवर्क से उसने 3 करोड़ रुपये की कमाई की थी। बोर्ड इस एजीएम में इन सभी पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श करेगा।



















