अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्विंग और धारदार गेंदबाजी से बल्लेबाजों को छकाने वाले पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान संन्यास के लंबे अरसे बाद भी लगातार चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं। इस बार उनकी चर्चा मैदान पर विकेट चटकाने को लेकर नहीं, बल्कि वैश्विक फ्रेंचाइजी क्रिकेट तंत्र में उनकी मजबूत कारोबारी दखल और लगातार बढ़ रही संपत्ति को लेकर हो रही है। लंका प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी जाफना किंग्स में सह-मालिक के रूप में शामिल होकर उन्होंने अपनी व्यावसायिक उपस्थिति का दायरा बढ़ाया है। इसके ठीक पहले वह और नागेंद्र सिद्धौताम मिलकर ईयूटी20 बेल्जियम लीग की टीम एंटवर्प एंकर्स में भी हिस्सेदारी खरीद चुके थे। फ्रेंचाइजी ओनरशिप के साथ-साथ वह चेन्नई सुपरकिंग्स के हेड कोच पद की अहम जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। सक्रिय खेल करियर समाप्त होने के बावजूद उनकी आर्थिक हैसियत में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत और बढ़ती कुल संपत्ति
साल 2000 में जब जहीर खान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार कदम रखा, तब उन्होंने बहुत कम समय में राष्ट्रीय टीम के मुख्य गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभाल ली थी। वह आगे चलकर भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे सफल बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों में शुमार हुए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार मिले शानदार प्रदर्शन और ख्याति ने उनकी आर्थिक स्थिति को भी बेहद मजबूत बनाया। उपलब्ध वित्तीय आकलन के अनुसार, साल 2026 में उनकी कुल संपत्ति लगभग 241.53 करोड़ रुपये के आसपास आंकी गई है। यद्यपि उनकी वास्तविक संपत्ति का कोई औपचारिक सरकारी या आधिकारिक विवरण सार्वजनिक डोमेन में दर्ज नहीं है, फिर भी प्रतिस्पर्धी क्रिकेट अनुबंधों, इंडियन प्रीमियर लीग, टेलीविजन कमेंट्री, नामी ब्रांड्स के विज्ञापनों और निजी उद्यमों से होने वाले वित्तीय प्रवाह ने उन्हें देश के सबसे धनी पूर्व क्रिकेट दिग्गजों की कतार में स्थापित कर दिया है।
आईपीएल नीलामी और खिलाड़ी के रूप में अर्जित अनुबंध
इंडियन प्रीमियर लीग के पहले संस्करण से ही इस बाएं हाथ के पेसर की काफी मांग रही थी। टूर्नामेंट के उद्घाटन वर्ष 2008 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने उन्हें 1.8 करोड़ रुपये की राशि देकर अपने दल में शामिल किया था। इसके तुरंत बाद साल 2009 तथा 2010 के सत्रों में वह मुंबई इंडियंस का हिस्सा बने, जहां उन्हें प्रतिवर्ष 1.8 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक प्राप्त हुआ। साल 2011 की नीलामी में उनकी पुरानी फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर में वापसी हुई, जहां उनकी वार्षिक कीमत में भारी उछाल आया और यह बढ़कर 4.14 करोड़ रुपये हो गई।
साल 2011 से 2013 तक वह निरंतर इसी निर्धारित धनराशि पर बैंगलोर के लिए अपनी सेवाएं देते रहे। साल 2014 के संस्करण में मुंबई इंडियंस ने उन्हें दोबारा अपने साथ जोड़ा, जहां उनका अनुबंध 2.6 करोड़ रुपये तय किया गया था। अपने खिलाड़ी करियर के अंतिम दौर यानी साल 2015 से 2017 तक वह दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से खेले, जहां उन्हें हर साल लगभग 4 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। दिल्ली के लिए उन्होंने न सिर्फ मुख्य गेंदबाज की भूमिका निभाई, बल्कि मैदान पर टीम का नेतृत्व करते हुए कप्तानी की बागडोर भी संभाली। इन सभी सत्रों को मिलाकर खिलाड़ी के तौर पर केवल आईपीएल अनुबंधों से ही उनकी कुल घोषित कमाई 27 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है।
कोचिंग और मेंटरशिप से हुआ अतिरिक्त वित्तीय लाभ
संन्यास लेने के उपरांत जहीर खान ने तकनीकी सलाहकार और प्रबंधन की भूमिकाओं का रुख किया, जिससे उनकी आमदनी में नए रास्ते खुले। साल 2018 से लेकर 2022 की अवधि के दौरान वह मुंबई इंडियंस के थिंक टैंक का अभिन्न अंग रहे। शुरुआत में उन्होंने डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का ओहदा संभाला और बाद में उन्हें हेड ऑफ ग्लोबल क्रिकेट डेवलपमेंट की बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी सौंपी गई। यद्यपि इन दोनों शीर्ष पदों के लिए मिलने वाले वेतन का ब्योरा कभी सार्वजनिक नहीं किया गया।
इसके उपरांत साल 2025 में लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें दो सत्रों के समझौते के तहत अपनी टीम का मेंटर नियुक्त किया। हालांकि उनका यह अनुबंध केवल एक ही सत्र तक चल सका। इस एकल सत्र की मेंटरशिप भूमिका के बदले उन्हें लगभग 3 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त हुई थी। अगर मैदान पर एक खिलाड़ी के रूप में अर्जित राशि और डगआउट में कोचिंग तथा मेंटरिंग की जिम्मेदारियों को जोड़ दिया जाए, तो आईपीएल से उनकी कुल आमदनी का दायरा 35 से 40 करोड़ रुपये के बीच बैठता है। इस आंकड़े में मुंबई इंडियंस के प्रबंधकीय पदों के दौरान मिला अघोषित पारिश्रमिक भी शामिल माना जाता है।
व्यावसायिक उद्यम और विज्ञापनों का मजबूत पोर्टफोलियो
क्रिकेट से दूरी बनाने के बाद भी वाणिज्यिक बाजार में उनकी विश्वसनीयता और आकर्षण लगातार बना रहा है। वह कई बहुराष्ट्रीय और घरेलू कंपनियों के प्रचार अभियानों में एक प्रमुख चेहरे के तौर पर दिखाई देते रहे हैं। उनके विज्ञापन पोर्टफोलियो में आसुस, बल्लेबाजी डॉट कॉम, डाबर, नाइक, जेडडब्ल्यू मैरियट, रारियो, इवारा और शेयर खान जैसे विभिन्न क्षेत्रों के जाने-माने ब्रांड्स शामिल रहे हैं। यद्यपि इन प्रचार अनुबंधों से मिलने वाली वर्तमान वार्षिक आय की वास्तविक संख्या पूरी तरह गोपनीय है।
विज्ञापनों से इतर उन्होंने एक गंभीर उद्यमी के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित की है। फिटनेस और स्वास्थ्य से जुड़े दो स्टार्टअप्स में उनकी सह-संस्थापक के तौर पर सीधी हिस्सेदारी है, जिनमें स्टेपसेट गो काफी लोकप्रिय उपक्रम है। खान-पान और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी उन्होंने निवेश किया है, जिसके तहत मुंबई में उनका एक जाना-माना रेस्टोरेंट संचालित होता है जिसका नाम जहीर खान डाइन फाइन है।
आलीशान घर और महंगे वाहनों का बेड़ा
अपनी व्यावसायिक सफलता के दम पर उन्होंने रियल एस्टेट में भी बड़ा निवेश किया है। साल 2025 में उन्होंने अपनी जीवनसंगिनी और जानी-मानी अभिनेत्री सागरिका घाटगे के साथ मिलकर मुंबई शहर के परेल क्षेत्र में लगभग 11 करोड़ रुपये मूल्य का एक भव्य रिहायशी आशियाना खरीदा था। साल 2026 के दौरान जब उनके परिवार में पहले शिशु का आगमन हुआ, तब यह दंपति अपने इस नए आवास में रहने चला गया।
उनकी शानदार जीवनशैली का प्रत्यक्ष प्रमाण उनके गैराज में खड़ी अंतरराष्ट्रीय लग्जरी गाड़ियों से मिलता है। उनके कार संग्रह में मर्सिडीज बेंस एस क्लास, बीएमडब्ल्यू 5 सीरीज, ऑडी ए8, मर्सिडीज बेंस ई क्लास, होंडा एकॉर्ड, टोयोटा फॉर्च्यूनर और निसान एक्स-ट्रेल जैसे कई आधुनिक वाहन मौजूद हैं। इस प्रकार एक अनुशासित खेल करियर को सफल व्यापारिक साम्राज्य में बदलकर उन्होंने खेल जगत के बाद का एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत किया है।



















