बॉलीवुड स्टार टाइगर श्रॉफ पर जुहू में फुटबॉल मैदान के बाहर हुई फायरिंग की घटना ने फिल्मी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। इस चौंकाने वाली घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं, जिसके चलते ऑल स्टार्स फुटबॉल क्लब ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने नियमित रविवार के फुटबॉल सत्रों को अगली सूचना तक रोक दिया है। टाइगर श्रॉफ पर हुए इस जानलेवा हमले के बाद से पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल बना हुआ है, और क्लब प्रबंधन किसी भी तरह का जोखिम उठाने से बच रहा है।
क्लब संस्थापक ने की पुष्टि
ऑल स्टार्स फुटबॉल क्लब के संस्थापक बंटी वालिया ने 25 अक्टूबर को होने वाले अभ्यास सत्र को रद्द करने का फैसला किया था। क्लब का स्पष्ट रुख है कि जब तक खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए पुख्ता और चाक-चौबंद इंतजाम नहीं कर लिए जाते, तब तक मैदान पर कोई भी खेल गतिविधि आयोजित नहीं की जाएगी। क्लब के संस्थापकों में से एक बंटी वालिया ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरी तरह से तय और मजबूत होने तक सभी गतिविधियों पर रोक रहेगी।
18 अक्टूबर को हुआ था हमला
यह सनसनीखेज घटना 18 अक्टूबर की रात को जुहू के पुष्पा पार्क के पास घटी थी, जब टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलकर अपने घर वापस लौट रहे थे। शुरुआती जानकारियों के अनुसार, जब अभिनेता मैदान से निकलकर अपनी गाड़ी की तरफ जा रहे थे, तभी वहां मौजूद फैंस की भीड़ के बीच से अचानक हमलावरों ने गोलियां चलानी शुरू करt दीं। इस अचानक हुई फायरिंग की चपेट में आने से एक ऑटोरिक्शा चालक गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे तुरंत इलाज के लिए कूपर अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के ठीक अगले दिन मुंबई पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्ध आरोपियों को दबोच लिया था।
आमिर खान थे पहला निशाना
मुंबई पुलिस के सूत्रों से सामने आई जानकारी के अनुसार, इस पूरे षड्यंत्र में हमलावरों का असली और पहला निशाना सुपरस्टार आमिर खान थे। हमलावर पिछले करीब एक महीने से मुंबई में डेरा डाले हुए थे और उन्होंने आमिर खान के आवास के आसपास कम से कम तीन बार रेकी भी की थी। हालांकि, व्यस्त शेड्यूल और शूटिंग के सिलसिले में अक्सर शहर से बाहर रहने तथा घर से कम निकलने के कारण वे आमिर खान तक पहुंचने में कामयाब नहीं हो पाए। इसके बाद हमलावरों ने अपनी योजना बदलते हुए टाइगर श्रॉफ को अपना नया निशाना बनाया, क्योंकि वे नियमित रूप से रविवार को जुहू के पार्क में फुटबॉल खेलने आते थे और उन तक पहुंचना आसान था।
























