क्राइस्टचर्च के मैदान पर भारतीय क्रिकेट टीम ने अद्भुत जज्बा दिखाते हुए न्यूजीलैंड के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में चार विकेट से शानदार जीत दर्ज की। पांच मैचों की इस टी20 श्रृंखला के दूसरे मैच में मिली इस सफलता के साथ ही भारतीय टीम ने सीरीज में दो शून्य की बढ़त हासिल कर ली है। शुरुआती झटकों के बाद जिस तरह से भारतीय बल्लेबाजों ने वापसी की, उसने इस मुकाबले को इतिहास के पन्नों में दर्ज करा दिया है। एक वक्त ऐसा लग रहा था कि मैच पूरी तरह से मेजबान टीम की मुट्ठी में है, लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से समीकरण पूरी तरह बदल डाले।
शुरुआती झटकों से लड़खड़ाई पारी
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित ओवरों में भारत के सामने 181 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। जब मेहमान टीम इस बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी, तो उसकी शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। कीवी कप्तान मिचेल सेंटनर की अगुवाई में गेंदबाजों ने भारतीय शीर्ष क्रम को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। पारी की शुरुआत करने आए संजू सैमसन 14 रन बनाकर आउट हुए, जबकि युवा वैभव सूर्यवंशी मात्र 4 रन ही बना सके। इसके अलावा अभिषेक शर्मा ने 27 रन, श्रेयस अय्यर ने 7 रन और अक्षर पटेल ने 11 रनों का योगदान दिया। स्थिति यह हो गई कि महज 70 रन के स्कोर पर भारत के पांच प्रमुख बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। मिचेल सेंटनर ने अपने कोटे के ओवरों में केवल 21 रन खर्च करते हुए चार महत्वपूर्ण शिकार किए और भारतीय खेमे में खलबली मचा दी।
नमन धीर की तेज पारी और तिलक का कमाल
मुश्किल घड़ी में नमन धीर ने कुछ बेहतरीन शॉट्स खेलकर उम्मीदों को बनाए रखा और 17 गेंदों पर 31 रनों की तेज तर्रार पारी खेली। हालांकि, पारी के पंद्रहवें ओवर में सेंटनर ने उन्हें आउट कर भारत को छठा झटका दे दिया और स्कोर 112 रन पर छह विकेट हो गया। यहां से मैच पर पूरी तरह से न्यूजीलैंड का शिकंजा कस चुका था, लेकिन क्रीज पर डटे युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने हार नहीं मानी। तिलक ने एक छोर को मजबूती से संभाले रखा और मात्र 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने दबाव भरे हालात में नाबाद रहते हुए 26 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के की मदद से 51 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया।
रेड्डी के साथ रिकॉर्ड साझेदारी और विश्व कीर्तिमान
तिलक वर्मा का साथ देने आए नीतीश कुमार रेड्डी ने भी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित किया। रेड्डी ने मात्र 13 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 26 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली, जिसमें एक चौका और एक छक्का शामिल रहा। दोनों बल्लेबाजों ने सातवें विकेट के लिए अटूट साझेदारी निभाते हुए मात्र 30 गेंदों में नाबाद 69 रन जोड़े और एक गेंद शेष रहते ही भारत को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। इस करिश्माई जीत के साथ ही भारत ने टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास में फुल मेंबर देश के रूप में 70 या उससे कम स्कोर पर पांच विकेट गिरने के बाद सबसे बड़े सफल रन चेज का विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया। इससे पहले यह खास रिकॉर्ड श्रीलंका के नाम दर्ज था, जिसने साल 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 40 रन पर पांच विकेट गंवाने के बाद 174 रनों के लक्ष्य को हासिल किया था।
खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया और मैच की समीक्षा
मैच की समाप्ति के बाद भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने टीम के प्रदर्शन और इस यादगार जीत पर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उनकी टीम का हर खिलाड़ी मैच विनर है। अय्यर ने अपनी टीम की रणनीतिक कमियों पर भी खुलकर बात की और बताया कि शुरुआती दौर में उन्होंने कई डॉट गेंदें खेलीं, जिससे रन रेट का दबाव काफी बढ़ गया था। उन्होंने कहा कि बीच के ओवरों में कीवी गेंदबाजों ने बेहद नपे-तुले अंदाज में गेंदबाजी की और खेल पर अपनी पकड़ बनाए रखी। यदि बल्लेबाज मैदान पर गैप तलाशते और बाउंड्री बटोरते, तो इस लक्ष्य को और भी आसानी से हासिल किया जा सकता था।


















